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Bhiwani News: एशियाई युवा खेलों में जिले के दो मुक्केबाज दिखाएंगे मुक्कों का दम
Wed, 22 Oct 2025 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 22 Oct 2025 10:50 PM IST
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मुक्केबाज उद्यम सिंह
भिवानी। मुक्केबाजी की धरती कहे जाने वाले भिवानी जिले के दो युवा मुक्केबाज अब एशियाई युवा खेलों में अपने मुक्कों का दम दिखाने को तैयार हैं। बहरीन में 22 से 31 अक्तूबर तक आयोजित होने वाले तीसरे एशियाई युवा खेलों में 45 देशों के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। भारत की ओर से रवाना हुए दल में भिवानी के उद्यम सिंह और मिताथल के राहुल भी शामिल हैं। दोनों खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के दम पर न सिर्फ प्रदेश बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है।
भिवानी के मुक्केबाज उद्यम सिंह के पिता सुरेश कुमार (एएसआई, हरियाणा पुलिस) ने बताया कि 23 सितंबर से 20 अक्तूबर तक पटियाला में आयोजित इंडिया बॉक्सिंग कैंप में उद्यम ने शानदार प्रदर्शन किया था जिसके बाद उनका चयन बहरीन में होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि बेटा देश के लिए पदक जीतकर लौटेगा।
फुटबाल छोड़, बॉक्सिंग को बनाया लक्ष्य
उद्यम ने खेल जीवन की शुरुआत फुटबाल से की थी लेकिन 12 वर्ष की आयु में पिता से प्रेरणा और देवसर निवासी प्रशिक्षक विष्णु भगवान के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग को लक्ष्य बना लिया। उन्होंने भीम स्टेडियम खेल परिसर की रिंग में अभ्यास शुरू किया और मेहनत के दम पर एक के बाद एक पदक जीतने लगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उद्यम का चयन साईं भिवानी में हुआ जहां उन्होंने प्रभारी कुलदीप सिंह, प्रशिक्षक महावीर सिंह और नवीन शर्मा से बॉक्सिंग की बारीकियां सीखीं। वर्तमान में उद्यम पुणे स्थित आर्मी इंस्टीट्यूट में कोच धीरज और अजय के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं। वे हाल ही में पटियाला में इंडिया कैंप पूरा कर बहरीन रवाना हुए हैं जहां वे भारतीय टीम की ओर से देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
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तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं उद्यम सिंह
उद्यम सिंह तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। बड़ा भाई रोहतक पीजीआई में कार्यरत है और बहन शहर के एक निजी महाविद्यालय में पढ़ाई कर रही है। माता गृहिणी हैं और पिता गांव खरक चौकी में एएसआई पद पर सेवारत हैं। उद्यम ने जिले के गांव रिवासा स्थित निजी हाई स्कूल से मैट्रिक पास की है।
उद्यम सिंह की उपलब्धियां
2024 (18–20 सितंबर) — फतेहाबाद में 57वीं हरियाणा राज्यस्तरीय स्कूली गेम्स (अंडर-17), स्वर्ण पदक
2024 (14–30 सितंबर) — गुवाहाटी में आरईसी ओपन टैलेंट हंट बॉक्सिंग प्रोग्राम, 52 किग्रा वर्ग, रजत पदक
2024 (6–22 अक्तूबर) — रोहतक में आरईसी कंबाइंड नेशनल टैलेंट हंट बॉक्सिंग प्रोग्राम, 52 किग्रा वर्ग, रजत पदक
2024 (4–17 नवंबर) — औरंगाबाद में ऑल इंडिया इंटर साईं बॉक्सिंग चैंपियनशिप, 52 किग्रा वर्ग, स्वर्ण पदक
2025 (17 अप्रैल–1 मई) — अंडर-17 एशियन गेम्स, अमान (जॉर्डन), कांस्य पदक
2025 (19–25 जून) — छठी अंडर-17 जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप, रोहतक, 54 किग्रा वर्ग, स्वर्ण पदक
मुक्केबाज राहुल भी करेंगे देश का नाम रोशन
मिताथल निवासी मुक्केबाज राहुल भी बहरीन में होने वाले तीसरे यूथ एशियन गेम्स में भाग लेने के लिए भारतीय दल के साथ मंगलवार को रवाना हुए। राहुल ने गांव के वरिष्ठ खिलाड़ियों को अभ्यास करते देखा और बॉक्सिंग खेल को अपनाई। लगभग पांच वर्ष पहले उन्होंने गांव के राजीव गांधी खेल मैदान में प्रशिक्षक कप्तान बैनीवाल के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग शुरू की।
कोच कप्तान बैनीवाल ने बताया कि राहुल की लगन और मेहनत का परिणाम है कि उनका चयन यूथ एशियन गेम्स के लिए हुआ है। यह गांव और जिले दोनों के लिए गर्व की बात है। राहुल ने अपने प्रदर्शन से पुणे की ब्वॉयज स्पोर्ट्स कंपनी (आर्मी इंस्टीट्यूट) में भी स्थान बनाया। कोच के अनुसार राहुल के पिता किसान हैं और माता गृहिणी। मेहनतकश परिवार से निकलकर राहुल ने गांव की गलियों से लेकर बहरीन तक का सफर तय किया है। कोच ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि राहुल इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाएंगे।
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भिवानी के मुक्केबाज उद्यम सिंह के पिता सुरेश कुमार (एएसआई, हरियाणा पुलिस) ने बताया कि 23 सितंबर से 20 अक्तूबर तक पटियाला में आयोजित इंडिया बॉक्सिंग कैंप में उद्यम ने शानदार प्रदर्शन किया था जिसके बाद उनका चयन बहरीन में होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि बेटा देश के लिए पदक जीतकर लौटेगा।
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फुटबाल छोड़, बॉक्सिंग को बनाया लक्ष्य
उद्यम ने खेल जीवन की शुरुआत फुटबाल से की थी लेकिन 12 वर्ष की आयु में पिता से प्रेरणा और देवसर निवासी प्रशिक्षक विष्णु भगवान के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग को लक्ष्य बना लिया। उन्होंने भीम स्टेडियम खेल परिसर की रिंग में अभ्यास शुरू किया और मेहनत के दम पर एक के बाद एक पदक जीतने लगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उद्यम का चयन साईं भिवानी में हुआ जहां उन्होंने प्रभारी कुलदीप सिंह, प्रशिक्षक महावीर सिंह और नवीन शर्मा से बॉक्सिंग की बारीकियां सीखीं। वर्तमान में उद्यम पुणे स्थित आर्मी इंस्टीट्यूट में कोच धीरज और अजय के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं। वे हाल ही में पटियाला में इंडिया कैंप पूरा कर बहरीन रवाना हुए हैं जहां वे भारतीय टीम की ओर से देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
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तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं उद्यम सिंह
उद्यम सिंह तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। बड़ा भाई रोहतक पीजीआई में कार्यरत है और बहन शहर के एक निजी महाविद्यालय में पढ़ाई कर रही है। माता गृहिणी हैं और पिता गांव खरक चौकी में एएसआई पद पर सेवारत हैं। उद्यम ने जिले के गांव रिवासा स्थित निजी हाई स्कूल से मैट्रिक पास की है।
उद्यम सिंह की उपलब्धियां
2024 (18–20 सितंबर) — फतेहाबाद में 57वीं हरियाणा राज्यस्तरीय स्कूली गेम्स (अंडर-17), स्वर्ण पदक
2024 (14–30 सितंबर) — गुवाहाटी में आरईसी ओपन टैलेंट हंट बॉक्सिंग प्रोग्राम, 52 किग्रा वर्ग, रजत पदक
2024 (6–22 अक्तूबर) — रोहतक में आरईसी कंबाइंड नेशनल टैलेंट हंट बॉक्सिंग प्रोग्राम, 52 किग्रा वर्ग, रजत पदक
2024 (4–17 नवंबर) — औरंगाबाद में ऑल इंडिया इंटर साईं बॉक्सिंग चैंपियनशिप, 52 किग्रा वर्ग, स्वर्ण पदक
2025 (17 अप्रैल–1 मई) — अंडर-17 एशियन गेम्स, अमान (जॉर्डन), कांस्य पदक
2025 (19–25 जून) — छठी अंडर-17 जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप, रोहतक, 54 किग्रा वर्ग, स्वर्ण पदक
मुक्केबाज राहुल भी करेंगे देश का नाम रोशन
मिताथल निवासी मुक्केबाज राहुल भी बहरीन में होने वाले तीसरे यूथ एशियन गेम्स में भाग लेने के लिए भारतीय दल के साथ मंगलवार को रवाना हुए। राहुल ने गांव के वरिष्ठ खिलाड़ियों को अभ्यास करते देखा और बॉक्सिंग खेल को अपनाई। लगभग पांच वर्ष पहले उन्होंने गांव के राजीव गांधी खेल मैदान में प्रशिक्षक कप्तान बैनीवाल के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग शुरू की।
कोच कप्तान बैनीवाल ने बताया कि राहुल की लगन और मेहनत का परिणाम है कि उनका चयन यूथ एशियन गेम्स के लिए हुआ है। यह गांव और जिले दोनों के लिए गर्व की बात है। राहुल ने अपने प्रदर्शन से पुणे की ब्वॉयज स्पोर्ट्स कंपनी (आर्मी इंस्टीट्यूट) में भी स्थान बनाया। कोच के अनुसार राहुल के पिता किसान हैं और माता गृहिणी। मेहनतकश परिवार से निकलकर राहुल ने गांव की गलियों से लेकर बहरीन तक का सफर तय किया है। कोच ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि राहुल इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाएंगे।

मुक्केबाज उद्यम सिंह