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डाडम में दो हादसे : डंपर चालक और ड्रिलिंग ऑपरेटर की मौत
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पहाड़ी पर निरीक्षण करते पुलिस कर्मी।
- फोटो : Bhiwani
तोशाम (भिवानी)। दो मौत के बाद डाडम पहाड़ करीब साढ़े तीन माह बाद एक बार फिर चर्चा में है। शनिवार देर रात डंपर चालक की संदिग्ध हालत में मौत हुई तो रविवार सुबह ड्रिलिंग ऑपरेटर की। डंपर चालक की मौत डंपर से गिरने के कारण दर्शाई गई है, तो ड्रिलिंग ऑपरेटर की मौत ट्रैक्टर से गिरने के कारण। मगर डाडम में चर्चाएं ये भी हैं कि दोनों की मौत ऊपर से पत्थर गिरने के कारण हुई और इस मामले को दबाया जा रहा है। डंपर चालक का बिना पोस्टमार्टम करवाये ही अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि ड्रिलिंग ऑपरेटर की मौत मामले में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की गई। सूचना के बाद तोशाम थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया।
उल्लेखनीय है कि डाडम की पहाड़ी में गत एक जनवरी को ऊपर से पहाड़ी दरकने से एक बड़ी शिला नीचे गिर गई थी। शिला की चपेट में आने से पांच व्यक्तियों की मौत हो गई थी। उस समय मामला काफी गर्मा गया था। उस समय घटना को लेकर पुलिस, खान सुरक्षा विभाग गाजियाबाद, एनजीटी, सिविल प्रशासन की विभिन्न टीमें जांच के गठित हुई और मौके पर पहुंची। जांच में क्या सामने आया, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है।
अब करीबन साढ़े तीन माह बाद एक बार फिर से डाडम हादसों के कारण चर्चा में है। शनिवार देर रात एक डंपर चालक की संदिग्ध मौत हो गई। बताया गया कि चालक की डंपर से गिरने के कारण मौत हुई। परिजन उसे हिसार के एक अस्पताल लेकर गए, जहां मौत के बाद बिना पोस्टमार्टम के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शी चालकों ने नाम न लेने की शर्त पर बताया की इस हादसे में डंपर चालक शनिवार रात करीबन 11 बजे अपने डंपर में पत्थर भरने के लिए पहाड़ी में गया हुआ था। इस दौरान अचानक मशीन से एक पत्थर उसकी तरफ आ गिरा, जिसके कारण वह पहाड़ से करीबन 50 फीट नीचे गिर गया और मौत हो गई।
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पहले हादसे के करीबन 12 घंटे बाद रविवार को सुबह 11 बजे डाडम पहाड़ी में दूसरा हादसा हुआ। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। मृतक युवक ड्रिलिंग का काम करता था। बताया गया कि ट्रैक्टर से गिरने के कारण युवक की मौत हो गई। इस मौत को लेकर भी सवाल उठ रहे है। चर्चाएं है कि इस मौत के पीछे भी कारण पत्थर गिरना है।
सेफ्टी के नाम पर नहीं किया जा रहा कोई भी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल
डाडम पहाड़ी में सुरक्षा के नाम पर कोई उपकरण इस्तेमाल में नहीं लाया जाता। निरीक्षण में पाया कि वहां पर ड्रिंलिंग का काम कर रहे व्यक्ति ने सिर पर हेलमेट भी नहीं पहन रखा था। अन्य कार्यों में भी सुरक्षा उपकरणों को इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।
खनन अधिकारियों की गहरी नींद 14 घंटे बाद खुली
डाडम पहाड़ी में पहला हादसा रात्रि 11 बजे के करीब हुआ था और दूसरा हादसा रविवार को साढ़े 11 बजे हुआ था। वहीं विभाग के अधिकारी रविवार को करीबन डेढ़ बजे पहुंचे। पहुंचने के बाद जब अधिकारियों से पूछा गया तो अधिकारी बचते नजर आए। जिला खनन अधिकारी भूपेंद्र सिंह कुछ बताने को तैयार नहीं थे। जब खनन अधिकारी से पीट नंबर 12 के अवैध माइनिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि है तो अवैध ही पर यहां खनन नहीं हो रहा है।
हादसों का खनन कंपनी से कोई लेना-देना नहीं : शेखावत
डाडम में खनन करने वाली कंपनी गोवर्धन माइंस ने हादसों के बारे में बयान जारी किया है। कंपनी के प्रवक्ता महेंद्र सिंह शेखावत ने बताया की डाडम में हुए हादसों का खनन क्षेत्र से कोई संबंध नहीं है। 23 अप्रैल की रात को जो हादसा हुआ है, उसमें दूल्हेडी गांव के भीम सिंह की मौत एक दुर्घटना है, जिसमें चालक ट्रक से उतरते समय पैर फिसलने से हादसे का शिकार हुआ है। 24 अप्रैल को सोनू नामक व्यक्ति की मौत ट्रैक्टर चलाने के दौरान संतुलन बिगड़ने की वजह से ट्रैक्टर खाई में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। दोनों ही हादसों का खनन कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है। खनन कंपनी नियमों के तहत काम कर रही है, किसी भी प्रकार के नियम का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है। कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए भ्रामक प्रचार कर कंपनी की साख को खराब करना चाहते हैं।
चालक भीम की मौत डंपर से गिरने के कारण हुई बताई जा रही है। जिसे घायल अवस्था में हिसार लेकर गए थे। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं करवाया और न ही पुलिस में कोई शिकायत दी। सुबह अंतिम संस्कार भी हो चुका है। डिलिंग ऑपरेटर मृतक सोनू के पिता की शिकायत पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। मृतक के पिता ने बयान में बताया कि उसके बेटे की ट्रैक्टर से गिरने से मौत हुई है। - सुखबीर सिंह, एसएचओ, तोशाम थाना
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उल्लेखनीय है कि डाडम की पहाड़ी में गत एक जनवरी को ऊपर से पहाड़ी दरकने से एक बड़ी शिला नीचे गिर गई थी। शिला की चपेट में आने से पांच व्यक्तियों की मौत हो गई थी। उस समय मामला काफी गर्मा गया था। उस समय घटना को लेकर पुलिस, खान सुरक्षा विभाग गाजियाबाद, एनजीटी, सिविल प्रशासन की विभिन्न टीमें जांच के गठित हुई और मौके पर पहुंची। जांच में क्या सामने आया, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है।
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अब करीबन साढ़े तीन माह बाद एक बार फिर से डाडम हादसों के कारण चर्चा में है। शनिवार देर रात एक डंपर चालक की संदिग्ध मौत हो गई। बताया गया कि चालक की डंपर से गिरने के कारण मौत हुई। परिजन उसे हिसार के एक अस्पताल लेकर गए, जहां मौत के बाद बिना पोस्टमार्टम के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शी चालकों ने नाम न लेने की शर्त पर बताया की इस हादसे में डंपर चालक शनिवार रात करीबन 11 बजे अपने डंपर में पत्थर भरने के लिए पहाड़ी में गया हुआ था। इस दौरान अचानक मशीन से एक पत्थर उसकी तरफ आ गिरा, जिसके कारण वह पहाड़ से करीबन 50 फीट नीचे गिर गया और मौत हो गई।
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पहले हादसे के करीबन 12 घंटे बाद रविवार को सुबह 11 बजे डाडम पहाड़ी में दूसरा हादसा हुआ। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। मृतक युवक ड्रिलिंग का काम करता था। बताया गया कि ट्रैक्टर से गिरने के कारण युवक की मौत हो गई। इस मौत को लेकर भी सवाल उठ रहे है। चर्चाएं है कि इस मौत के पीछे भी कारण पत्थर गिरना है।
सेफ्टी के नाम पर नहीं किया जा रहा कोई भी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल
डाडम पहाड़ी में सुरक्षा के नाम पर कोई उपकरण इस्तेमाल में नहीं लाया जाता। निरीक्षण में पाया कि वहां पर ड्रिंलिंग का काम कर रहे व्यक्ति ने सिर पर हेलमेट भी नहीं पहन रखा था। अन्य कार्यों में भी सुरक्षा उपकरणों को इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।
खनन अधिकारियों की गहरी नींद 14 घंटे बाद खुली
डाडम पहाड़ी में पहला हादसा रात्रि 11 बजे के करीब हुआ था और दूसरा हादसा रविवार को साढ़े 11 बजे हुआ था। वहीं विभाग के अधिकारी रविवार को करीबन डेढ़ बजे पहुंचे। पहुंचने के बाद जब अधिकारियों से पूछा गया तो अधिकारी बचते नजर आए। जिला खनन अधिकारी भूपेंद्र सिंह कुछ बताने को तैयार नहीं थे। जब खनन अधिकारी से पीट नंबर 12 के अवैध माइनिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि है तो अवैध ही पर यहां खनन नहीं हो रहा है।
हादसों का खनन कंपनी से कोई लेना-देना नहीं : शेखावत
डाडम में खनन करने वाली कंपनी गोवर्धन माइंस ने हादसों के बारे में बयान जारी किया है। कंपनी के प्रवक्ता महेंद्र सिंह शेखावत ने बताया की डाडम में हुए हादसों का खनन क्षेत्र से कोई संबंध नहीं है। 23 अप्रैल की रात को जो हादसा हुआ है, उसमें दूल्हेडी गांव के भीम सिंह की मौत एक दुर्घटना है, जिसमें चालक ट्रक से उतरते समय पैर फिसलने से हादसे का शिकार हुआ है। 24 अप्रैल को सोनू नामक व्यक्ति की मौत ट्रैक्टर चलाने के दौरान संतुलन बिगड़ने की वजह से ट्रैक्टर खाई में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। दोनों ही हादसों का खनन कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है। खनन कंपनी नियमों के तहत काम कर रही है, किसी भी प्रकार के नियम का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है। कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए भ्रामक प्रचार कर कंपनी की साख को खराब करना चाहते हैं।
चालक भीम की मौत डंपर से गिरने के कारण हुई बताई जा रही है। जिसे घायल अवस्था में हिसार लेकर गए थे। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं करवाया और न ही पुलिस में कोई शिकायत दी। सुबह अंतिम संस्कार भी हो चुका है। डिलिंग ऑपरेटर मृतक सोनू के पिता की शिकायत पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। मृतक के पिता ने बयान में बताया कि उसके बेटे की ट्रैक्टर से गिरने से मौत हुई है। - सुखबीर सिंह, एसएचओ, तोशाम थाना