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Bhiwani News: प्रॉपर्टी टैक्स पर 100 फीसदी ब्याज छूट का अंतिम मौका कल
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भिवानी। नगर परिषद की ओर से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर 100 प्रतिशत ब्याज छूट का लाभ लेने का अंतिम दिन 30 जून है। जिन संपत्ति मालिकों का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है वे मंगलवार तक एकमुश्त टैक्स जमा कर ब्याज माफी योजना का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि यह सुविधा केवल उन्हीं प्रॉपर्टी धारकों को मिलेगी जिन्होंने अपनी प्रॉपर्टी आईडी का स्वयं सत्यापन कराया है।
वहीं प्रॉपर्टी आईडी का स्वयं सत्यापन कराने वाले शहरवासियों को चालू वित्त वर्ष के प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी। शहर में अभी भी बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी मालिकों ने अपनी प्रॉपर्टी आईडी का स्वयं सत्यापन नहीं कराया है। पिछले करीब 12 वर्षों से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए सरकार समय-समय पर विभिन्न योजनाओं के तहत राहत देती रही है ताकि लोग अपना बकाया टैक्स जमा करा सकें। इसी कड़ी में नगर परिषद ने 30 जून तक एकमुश्त राशि जमा करने पर ब्याज माफी की सुविधा दी है जिसके लिए प्रॉपर्टी आईडी का स्वयं सत्यापन अनिवार्य है।
नगर परिषद की ओर से एमएस जीआईएस टेक एंटरप्राइजेज गाजियाबाद एजेंसी के माध्यम से भी सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है। एजेंसी के अधिकृत कर्मचारी घर-घर और वार्ड स्तर पर जाकर नागरिकों की सहायता कर रहे हैं। यदि किसी नागरिक को प्रॉपर्टी आईडी सत्यापित कराने में परेशानी आती है तो वह नगर परिषद कार्यालय की संपत्तिकर शाखा में संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान करा सकता है।
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प्रॉपर्टी आईडी स्वयं सत्यापन होने पर नहीं हो सकेगी आईडी से छेड़छाड़
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए संपत्तियों की प्रॉपर्टी आईडी का स्वयं सत्यापन अनिवार्य है। सरकार ने शहरी क्षेत्र की सभी संपत्तियों का सर्वे कर उन्हें एनडीसी पोर्टल पर ऑनलाइन किया है ताकि नागरिक अपनी संपत्ति संबंधी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें। नागरिक अपनी प्रॉपर्टी आईडी की पहचान कर उसका स्वयं सत्यापन करते हुए उसे लॉक करें जिससे कोई अन्य व्यक्ति उसमें छेड़छाड़ न कर सके। प्रॉपर्टी आईडी सत्यापित होने के बाद संपत्ति से संबंधित सूचनाएं और सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं छूट की जानकारी भी समय-समय पर मोबाइल संदेशों के माध्यम से मिलती रहेगी।
मोबाइल नंबर दर्ज न होने पर आ रही हैं दिक्कतें
नगर परिषद के संपत्ति आईडी रिकॉर्ड में कई नागरिकों की प्रॉपर्टी आईडी पर सही मोबाइल नंबर दर्ज नहीं हैं। इसके कारण संपत्ति आईडी के सत्यापन में दिक्कतें आ रही हैं। कई मामलों में प्रॉपर्टी आईडी पर किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज मिला है जिससे वास्तविक संपत्ति मालिक की पहचान सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। वहीं अधिकांश संपत्ति मालिकों ने अभी तक अपनी प्रॉपर्टी आईडी का स्वयं सत्यापन भी नहीं कराया है।
फर्जी पी-आईडी बनने की भी रहती है आशंका
शहर के अधिकृत क्षेत्र में लगभग 85,000 प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई हैं। इनमें मालिक का नाम, संपत्ति का क्षेत्रफल, लोकेशन तथा अन्य संबंधित विवरण दर्ज है। प्रत्येक प्रॉपर्टी आईडी में संबंधित मालिक का मोबाइल नंबर भी दर्ज होता है। लेकिन कुछ पी-आईडी में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होने के कारण वास्तविक मालिक से संपर्क नहीं हो पाता। इसके अलावा फर्जी पी-आईडी बनने की आशंका भी बनी रहती है।
नगर परिषद द्वारा बकाया प्रॉपर्टी टैक्स में 30 जून तक 100 प्रतिशत ब्याज छूट दी गई है। जिसके लिए प्रॉपर्टी आईडी स्वयं सत्यापित करवाना अनिवार्य है। ऐसे में जिन प्रॉपर्टी धारकों का टैक्स बकाया हैं, वह टैक्स जमा करवाकर छूट का लाभ उठाएं। प्रॉपर्टी आईडी धारक अपनी आईडी को स्वयं सत्यापित करवाकर सही मोबाइल नंबर दर्ज करवाएं। अन्यथा प्रॉपर्टी आईडी में किसी तरह की छेड़छाड़ होने पर नागरिक स्वयं जिम्मेवार होंगे। -हरबीर, डीएमसी, नगर परिषद, भिवानी।
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वहीं प्रॉपर्टी आईडी का स्वयं सत्यापन कराने वाले शहरवासियों को चालू वित्त वर्ष के प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी। शहर में अभी भी बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी मालिकों ने अपनी प्रॉपर्टी आईडी का स्वयं सत्यापन नहीं कराया है। पिछले करीब 12 वर्षों से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए सरकार समय-समय पर विभिन्न योजनाओं के तहत राहत देती रही है ताकि लोग अपना बकाया टैक्स जमा करा सकें। इसी कड़ी में नगर परिषद ने 30 जून तक एकमुश्त राशि जमा करने पर ब्याज माफी की सुविधा दी है जिसके लिए प्रॉपर्टी आईडी का स्वयं सत्यापन अनिवार्य है।
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नगर परिषद की ओर से एमएस जीआईएस टेक एंटरप्राइजेज गाजियाबाद एजेंसी के माध्यम से भी सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है। एजेंसी के अधिकृत कर्मचारी घर-घर और वार्ड स्तर पर जाकर नागरिकों की सहायता कर रहे हैं। यदि किसी नागरिक को प्रॉपर्टी आईडी सत्यापित कराने में परेशानी आती है तो वह नगर परिषद कार्यालय की संपत्तिकर शाखा में संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान करा सकता है।
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प्रॉपर्टी आईडी स्वयं सत्यापन होने पर नहीं हो सकेगी आईडी से छेड़छाड़
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए संपत्तियों की प्रॉपर्टी आईडी का स्वयं सत्यापन अनिवार्य है। सरकार ने शहरी क्षेत्र की सभी संपत्तियों का सर्वे कर उन्हें एनडीसी पोर्टल पर ऑनलाइन किया है ताकि नागरिक अपनी संपत्ति संबंधी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें। नागरिक अपनी प्रॉपर्टी आईडी की पहचान कर उसका स्वयं सत्यापन करते हुए उसे लॉक करें जिससे कोई अन्य व्यक्ति उसमें छेड़छाड़ न कर सके। प्रॉपर्टी आईडी सत्यापित होने के बाद संपत्ति से संबंधित सूचनाएं और सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं छूट की जानकारी भी समय-समय पर मोबाइल संदेशों के माध्यम से मिलती रहेगी।
मोबाइल नंबर दर्ज न होने पर आ रही हैं दिक्कतें
नगर परिषद के संपत्ति आईडी रिकॉर्ड में कई नागरिकों की प्रॉपर्टी आईडी पर सही मोबाइल नंबर दर्ज नहीं हैं। इसके कारण संपत्ति आईडी के सत्यापन में दिक्कतें आ रही हैं। कई मामलों में प्रॉपर्टी आईडी पर किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज मिला है जिससे वास्तविक संपत्ति मालिक की पहचान सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। वहीं अधिकांश संपत्ति मालिकों ने अभी तक अपनी प्रॉपर्टी आईडी का स्वयं सत्यापन भी नहीं कराया है।
फर्जी पी-आईडी बनने की भी रहती है आशंका
शहर के अधिकृत क्षेत्र में लगभग 85,000 प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई हैं। इनमें मालिक का नाम, संपत्ति का क्षेत्रफल, लोकेशन तथा अन्य संबंधित विवरण दर्ज है। प्रत्येक प्रॉपर्टी आईडी में संबंधित मालिक का मोबाइल नंबर भी दर्ज होता है। लेकिन कुछ पी-आईडी में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होने के कारण वास्तविक मालिक से संपर्क नहीं हो पाता। इसके अलावा फर्जी पी-आईडी बनने की आशंका भी बनी रहती है।
नगर परिषद द्वारा बकाया प्रॉपर्टी टैक्स में 30 जून तक 100 प्रतिशत ब्याज छूट दी गई है। जिसके लिए प्रॉपर्टी आईडी स्वयं सत्यापित करवाना अनिवार्य है। ऐसे में जिन प्रॉपर्टी धारकों का टैक्स बकाया हैं, वह टैक्स जमा करवाकर छूट का लाभ उठाएं। प्रॉपर्टी आईडी धारक अपनी आईडी को स्वयं सत्यापित करवाकर सही मोबाइल नंबर दर्ज करवाएं। अन्यथा प्रॉपर्टी आईडी में किसी तरह की छेड़छाड़ होने पर नागरिक स्वयं जिम्मेवार होंगे। -हरबीर, डीएमसी, नगर परिषद, भिवानी।