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Bhiwani News: सप्लाई में दूषित पानी आने से बढ़े गले में संक्रमण व बुखार के मरीज
Fri, 02 Aug 2024 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 02 Aug 2024 02:37 AM IST
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नागरिक अस्पताल में स्थित अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
भिवानी। पेयजल आपूर्ति में दूषित पानी आने से जलजनित बीमारियों का संक्रमण भी बढ़ गया है। ऐसे में गले में संक्रमण से लेकर बुखार से पीड़ित मरीज भी जिला नागरिक अस्पताल पहुंच रहे हैं।
वहीं तीन दिन बंद रहने के बाद वीरवार को अल्ट्रासाउंड कक्ष खुला। इससे अल्ट्रासाउंड कराने वालों की भी काफी भीड़ जुटी, जिसके बाद चंद मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड हो पाए बाकी मरीजों को शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड के लिए फिर आने के लिए कहा गया। जलजनित बीमारियों के संक्रमण से पीड़ित 60 से 70 मरीज रोजाना ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार को छुट्टी के बाद ओपीडी खुली तो मरीजों की भीड़ भी जुटी। ओपीडी में करीब 1300 मरीज पहुंचे। हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, नेत्र रोग विशेषज्ञ के अलावा दंत रोग चिकित्सक कक्ष के आगे मरीजों की काफी भीड़ जुटी। बारिश के बाद ओपीडी में जबरदस्त उमस बनी। जिससे मरीज बेहाल दिखाई दिए।
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अल्ट्रासाउंड चिकित्सक कक्ष के बाहर तो मरीजों के बीच खूब धक्का मुक्की हुई, क्योंकि पिछले सप्ताह से मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए चक्कर लगा रहे हैं, मगर उनके अल्ट्रासाउंड चिकित्सक नहीं होने की वजह से नहीं हो पाए थे। एक दिन में चिकित्सक करीब 60 से 65 मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड कर पा रहे हैं। हालांकि अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें यहां हैं, मगर चिकित्सक एक ही है। ऐसे में ज्यादा मरीज आने पर उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए अगले दिन बुलाया जा रहा है।
पानी के साथ लोग गटक रहे बीमारी
इनदिनों पेयजल आपूर्ति में नहरों के रास्ते पहुंच रहे गंदे पानी की आपूर्ति दी जा रही है। ये पानी टैंकों में आने के बाद क्लोरिनेशन से भी शुद्ध नहीं हो पा रहा है। हालांकि खुद डीसी ने जलघरों का निरीक्षण कर लोगों को शुद्ध पानी आपूर्ति में देने की सख्त हिदायतें दी थीं। ऐसे में लोग पेयजल आपूर्ति में मिल रहे पानी से बीमारियां ही गटक रहे हैं। जो पेट के विकार बढ़ाने के साथ-साथ जलजनित बीमारियों के संक्रमण की वजह भी बन रही है।
शहरी दायरे से रोजाना ही पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। इनमें से अधिकांश सैंपल फेल आ रहे हैं, जिसकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को भी भेजी जा रही है। इनदिनों में जलजनित बीमारियों के संक्रमण का खतरा बना रहता है। ऐसे में लोग पानी को उबालकर इसका सेवन करें और गंदे पानी के इस्तेमाल से बचें। किसी भी तरह की दिक्कत महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।
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वहीं तीन दिन बंद रहने के बाद वीरवार को अल्ट्रासाउंड कक्ष खुला। इससे अल्ट्रासाउंड कराने वालों की भी काफी भीड़ जुटी, जिसके बाद चंद मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड हो पाए बाकी मरीजों को शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड के लिए फिर आने के लिए कहा गया। जलजनित बीमारियों के संक्रमण से पीड़ित 60 से 70 मरीज रोजाना ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार को छुट्टी के बाद ओपीडी खुली तो मरीजों की भीड़ भी जुटी। ओपीडी में करीब 1300 मरीज पहुंचे। हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, नेत्र रोग विशेषज्ञ के अलावा दंत रोग चिकित्सक कक्ष के आगे मरीजों की काफी भीड़ जुटी। बारिश के बाद ओपीडी में जबरदस्त उमस बनी। जिससे मरीज बेहाल दिखाई दिए।
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अल्ट्रासाउंड चिकित्सक कक्ष के बाहर तो मरीजों के बीच खूब धक्का मुक्की हुई, क्योंकि पिछले सप्ताह से मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए चक्कर लगा रहे हैं, मगर उनके अल्ट्रासाउंड चिकित्सक नहीं होने की वजह से नहीं हो पाए थे। एक दिन में चिकित्सक करीब 60 से 65 मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड कर पा रहे हैं। हालांकि अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें यहां हैं, मगर चिकित्सक एक ही है। ऐसे में ज्यादा मरीज आने पर उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए अगले दिन बुलाया जा रहा है।
पानी के साथ लोग गटक रहे बीमारी
इनदिनों पेयजल आपूर्ति में नहरों के रास्ते पहुंच रहे गंदे पानी की आपूर्ति दी जा रही है। ये पानी टैंकों में आने के बाद क्लोरिनेशन से भी शुद्ध नहीं हो पा रहा है। हालांकि खुद डीसी ने जलघरों का निरीक्षण कर लोगों को शुद्ध पानी आपूर्ति में देने की सख्त हिदायतें दी थीं। ऐसे में लोग पेयजल आपूर्ति में मिल रहे पानी से बीमारियां ही गटक रहे हैं। जो पेट के विकार बढ़ाने के साथ-साथ जलजनित बीमारियों के संक्रमण की वजह भी बन रही है।
शहरी दायरे से रोजाना ही पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। इनमें से अधिकांश सैंपल फेल आ रहे हैं, जिसकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को भी भेजी जा रही है। इनदिनों में जलजनित बीमारियों के संक्रमण का खतरा बना रहता है। ऐसे में लोग पानी को उबालकर इसका सेवन करें और गंदे पानी के इस्तेमाल से बचें। किसी भी तरह की दिक्कत महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।