{"_id":"6771a7913a2a2ee72c011e84","slug":"three-crib-centers-were-built-in-the-district-for-unwanted-children-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-127805-2024-12-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: अवांछित बच्चों के लिए जिले में बनाए तीन पालना केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: अवांछित बच्चों के लिए जिले में बनाए तीन पालना केंद्र
Mon, 30 Dec 2024 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 30 Dec 2024 01:18 AM IST
विज्ञापन
भिवान। अनचाहे बच्चों के लावारिस मिलने पर सरकार ने उनके पालन पोषण की व्यवस्था की है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग विशेष सुविधा प्रदान कर रहा है। इसलिए डीसी महावीर कौशिक ने कहा कि नवजात और बच्चियों को उनके माता-पिता सुनसान जगह पर न छोड़ें। उन्हें पालना केंद्र में रखवाएं। उनका नाम गुप्त रखा जाएगा।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी किरण ने बताया कि कुछ दंपती अनचाही संतान पैदा होने पर उसे झाड़ियाें में या अन्य सुनसान जगह में छोड़ रहे हैं। यह चिंताजनक है। इसे रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने तीन स्थानों पर पालना केंद्र बनाए गए हैं। इनमें नागरिक अस्पताल, बाल सेवा आश्रम और मुक्त आश्रय गृह बवानीखेड़ा शामिल है। कोई भी अभिभावक या अन्य अनचाहे बच्चों को इन पालना केंद्रों में छोड़ सकते हैं।
वहां कोई सीसीटीवी नहीं लगाया गया है। वहां आने वाले लोगों से किसी भी तरह की पूछताछ नहीं की जाएगी। उन लोगों की पहचान भी गुप्त रखी जाती है। यहां मिलने वाला बच्चा सरकारी नियमों के अनुसार अन्य किसी जरूरतमंद दंपती के पास गोदनामे में चला जाएगा।
विज्ञापन
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि कोई भी दंपती या आमजन ऐसे बच्चे को जिले में कार्यरत जिला बाल कल्याण समिति में भी प्रस्तुत कर सकते हैं। जहां से बच्चे को गोद दिया जाएगा क्योंकि जरूरतमंद परिवार ऐसे बच्चों को गोद ले लेते हैं। कई बेऔलाद दंपती भी बच्चा गोद लेने के लिए इंतजार कर रहे हैं।
अधिक जानकारी के लिए लोग लघु सचिवालय में जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय में संपर्क करें।
विज्ञापन
जिला बाल संरक्षण अधिकारी किरण ने बताया कि कुछ दंपती अनचाही संतान पैदा होने पर उसे झाड़ियाें में या अन्य सुनसान जगह में छोड़ रहे हैं। यह चिंताजनक है। इसे रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने तीन स्थानों पर पालना केंद्र बनाए गए हैं। इनमें नागरिक अस्पताल, बाल सेवा आश्रम और मुक्त आश्रय गृह बवानीखेड़ा शामिल है। कोई भी अभिभावक या अन्य अनचाहे बच्चों को इन पालना केंद्रों में छोड़ सकते हैं।
विज्ञापन
वहां कोई सीसीटीवी नहीं लगाया गया है। वहां आने वाले लोगों से किसी भी तरह की पूछताछ नहीं की जाएगी। उन लोगों की पहचान भी गुप्त रखी जाती है। यहां मिलने वाला बच्चा सरकारी नियमों के अनुसार अन्य किसी जरूरतमंद दंपती के पास गोदनामे में चला जाएगा।
विज्ञापन
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि कोई भी दंपती या आमजन ऐसे बच्चे को जिले में कार्यरत जिला बाल कल्याण समिति में भी प्रस्तुत कर सकते हैं। जहां से बच्चे को गोद दिया जाएगा क्योंकि जरूरतमंद परिवार ऐसे बच्चों को गोद ले लेते हैं। कई बेऔलाद दंपती भी बच्चा गोद लेने के लिए इंतजार कर रहे हैं।
अधिक जानकारी के लिए लोग लघु सचिवालय में जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय में संपर्क करें।