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बस में पा टेकण न बी जगह कोनी मिली, भाई बड़ी मुश्कला तै आई सूं
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रक्षा बंधन पर्व पर रोडवेज बसों में सवार होने के लिए लगी महिलाओं की भीड़। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। बस में चढ़या पाछे पा टेकण न बी जगह कोनी मिली, भाई बड़ी मुश्कला तै आई सूं...। कुछ इस तरह की परेशानियों से जूझती हुईं बहनें अपने भाईयों के घर पहुंची। रविवार को रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में बहनों का भाईयों तक जाने का सफर कठिनाइयों से भरा था। कई रूटों पर तो महिलाओं को पायदान पर ही खड़े होकर सफर करने पर मजबूर होना पड़ा, वहीं कई बसों के अंदर महिलाओं को सीट तक नहीं मिली। इसके चलते कोरोना संक्रमण सुरक्षा नियमों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ी। रविवार को डिपो की 173 बसों का संचालन किया गया। जिसमें भिवानी बस स्टैंड से 128 बसें चली जबकि तोशाम सब डिपो से 45 बसों का संचालन हुआ। कोरोना संक्रमण के बाद यह पहला ऐसा मौका था, जब बस स्टैंड व शहर के चौक चौराहों पर महिलाएं व छोटे बच्चे बसों का इंतजार करते दिखे।
हरियाणा राज्य परिवहन विभाग ने 21 अगस्त की दोपहर 12 बजे से ही रोडवेज व प्राइवेट बसों में बहनों के लिए मुफ्त यात्रा का प्रावधान कर दिया था। कुछ बहनें तो पहले दिन ही भाई के घर पहुंच गई, लेकिन रविवार को अधिकतर बहनें रोडवेज बसों में सफर करने पहुंची। सुबह से ही भिवानी बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ जुटी, सामान्य यात्रियों के साथ साथ अधिकतर महिलाएं व बच्चे पहुंचे। जिन्हें रोडवेज बसों में सफर से पहले सवार होने के लिए भी धक्का मुक्की के बीच से होकर गुजरना पड़ा। जैसे तैसे बस में सवार हुए तो बाद में सीट को लेकर भी मारामारी रही।
कई बसों ने बदले अपने रूट
रक्षाबंधन पर सरकारी और प्राइवेट परमिट की बसों में भी बहनों के लिए मुफ्त सफर का प्रावधान किया हुआ था, लेकिन कई प्राइवेट बसों ने अपने निर्धारित रूट से रास्ते ही बदल दिए थे। इस वजह से भी बहनों को बसों के इंतजार में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। क्योंकि कई रूटों पर तो केवल परिवहन समिति की बसें ही चल रही हैं।
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शहर के चौराहों पर भी जुटी भीड़
शहर के अंदर जहां जहां मुख्य रूटों पर बसों का आंशिक ठहराव रहता हैं, वहां चौक चौराहों पर भी महिला यात्रियों की सामान के साथ काफी भीड़ जुटी। जैसे ही बस चौक पर आती, महिलाएं व अन्य यात्रियों की भीड़ भी बस के दरवाजे पर टूट पड़ती। कई महिलाएं तो खिड़की से ही सामान सीट के अंदर रखकर अपनी जगह पक्की करने की जुगत में दिखी।
रोडवेज विभाग ने सभी बसों को ऑन रूट रखा और महिलाओं को किसी भी तरह की कोई सफर के दौरान परेशानी नहीं होने दी गई। अन्य दिनों के मुकाबले प्रमुख रूटों पर बसों के अधिक फेरे लगाए गए हैं। मैने खुद व्यवस्था देखने के लिए भिवानी व तोशाम सब डिपो के निरीक्षण भी किया। कई रूटों पर तो अतिरिक्त बसें भी चलाई गई हैं।
-दीपक कुंडू, महाप्रबंधक, भिवानी डिपो (अतिरिक्त पदभार)
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हरियाणा राज्य परिवहन विभाग ने 21 अगस्त की दोपहर 12 बजे से ही रोडवेज व प्राइवेट बसों में बहनों के लिए मुफ्त यात्रा का प्रावधान कर दिया था। कुछ बहनें तो पहले दिन ही भाई के घर पहुंच गई, लेकिन रविवार को अधिकतर बहनें रोडवेज बसों में सफर करने पहुंची। सुबह से ही भिवानी बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ जुटी, सामान्य यात्रियों के साथ साथ अधिकतर महिलाएं व बच्चे पहुंचे। जिन्हें रोडवेज बसों में सफर से पहले सवार होने के लिए भी धक्का मुक्की के बीच से होकर गुजरना पड़ा। जैसे तैसे बस में सवार हुए तो बाद में सीट को लेकर भी मारामारी रही।
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कई बसों ने बदले अपने रूट
रक्षाबंधन पर सरकारी और प्राइवेट परमिट की बसों में भी बहनों के लिए मुफ्त सफर का प्रावधान किया हुआ था, लेकिन कई प्राइवेट बसों ने अपने निर्धारित रूट से रास्ते ही बदल दिए थे। इस वजह से भी बहनों को बसों के इंतजार में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। क्योंकि कई रूटों पर तो केवल परिवहन समिति की बसें ही चल रही हैं।
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शहर के चौराहों पर भी जुटी भीड़
शहर के अंदर जहां जहां मुख्य रूटों पर बसों का आंशिक ठहराव रहता हैं, वहां चौक चौराहों पर भी महिला यात्रियों की सामान के साथ काफी भीड़ जुटी। जैसे ही बस चौक पर आती, महिलाएं व अन्य यात्रियों की भीड़ भी बस के दरवाजे पर टूट पड़ती। कई महिलाएं तो खिड़की से ही सामान सीट के अंदर रखकर अपनी जगह पक्की करने की जुगत में दिखी।
रोडवेज विभाग ने सभी बसों को ऑन रूट रखा और महिलाओं को किसी भी तरह की कोई सफर के दौरान परेशानी नहीं होने दी गई। अन्य दिनों के मुकाबले प्रमुख रूटों पर बसों के अधिक फेरे लगाए गए हैं। मैने खुद व्यवस्था देखने के लिए भिवानी व तोशाम सब डिपो के निरीक्षण भी किया। कई रूटों पर तो अतिरिक्त बसें भी चलाई गई हैं।
-दीपक कुंडू, महाप्रबंधक, भिवानी डिपो (अतिरिक्त पदभार)