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Bhiwani News: इलाके में शराब तस्करी के वर्चस्व को लेकर चली आ रही थी पुरानी रंजिश
Tue, 07 Nov 2023 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 07 Nov 2023 10:51 PM IST
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भिवानी।
इलाके में शराब तस्करी के वर्चस्व को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश में सोमवार को गांव बिधवान निवासी हिस्ट्रीशीटर व शराब तस्कर जय कुमार उर्फ बहादुर उर्फ भादर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्याकांड के बाद भिवानी सीआईए की टीम ने वारदात के समय उसके साथ दोस्त बिधवान निवासी मोनू से पूछताछ की तो यह बात भी सामने आई कि मोनू ने ही उसकी रेकी कर हत्यारों को सूचना दी थी। जिसके बाद इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
हालांकि हत्या के बाद मोनू नागरिक अस्पताल में भी भादर के शव के साथ यहां आया था और परिजनों को भी वारदात की जानकारी दी थी। मोनू भादर का दोस्त था। 2020 में शराब ठेकेदार सुमित के साथ भादर का झगड़ा हुआ था। जिसमें भादर ने सुमित को काफी चोटें पहुंचाई और खेतों में ले जाकर उसे अमानवीय प्रताड़ना देते हुए का वीडियो भी वायरल किया था। जिसके बाद सुमित ने भी करीब साल भर पहले भादर के साथ मारपीट कर उसे काफी अमानवीय यातनाएं दी थी। जिसमें भादर का एक पैर काफी चोटिल हुआ था। हिस्ट्रीशीटर भादर इलाके में शराब तस्करी का कारोबार करता था। उसके गांव बिधवान में तीन शराब माफिया के गुट बने हुए हैं। जिसमें एक गुट कालिया, दूसरा भादर और तीसरा सुमित का था। सुमित के इलाके में शराब ठेके हैं, जबकि भादर इलाके में शराब तस्करी करता था। कालिया गैंग का सरगना कालिया फिलहाल जेल में बंद है।
कालिया और भादर की पहले दोस्ती थी, दोनों ही शराब तस्करी करते थे। दोनों ही पुलिस के हिस्ट्रीशीटर रहे हैं। बाद में कालिया के साथ भी भादर की अनबन हो गई और नौबत दुश्मनी तक जा पहुंची। इसी को लेकर उनमें रंजिश चली आ रही है। मृतक भादर के चाचा ने हत्याकांड का मुख्य आरोपी को सुमित बताया है। जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर सोमवार दोपहर को गांव घंघाला के समीप बोलेरो कैंपर गाड़ी से घर आ रहे भादर पर ताबड़तोड़ गोली बरसाकर उसकी हत्या करवा दी।
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इलाज के दौरान अस्पताल से भी भागा था गैंगस्टर भादर
गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर भादर पर सिवानी पुलिस थाना में हत्या, डकैती, शराब तस्करी सहित 28 विभिन्न केस दर्ज हैं। भादर इलाज के दौरान पुलिस कस्टडी में अस्पताल से भी भाग चुका था। जिसे बाद में पुलिस ने इनामी घोषित किया और उसे गिरफ्तार किया था। भादर का इलाके में अवैध रूप से शराब बिक्री का काफी दबदबा बना हुआ था। इसी को लेकर रंजिश खूनी संघर्ष में बदली।
मोनू से सूचना पाकर किया हमला
मृतक के परिजनों का आरोप है कि भादर की काफी लोगों से दुश्मनी थी। भादर अपने दोस्त मोनू व एक अन्य व्यक्ति के साथ सिवानी पुलिस थाना से पुलिस की पेशी से घर लौट रहा था। इसकी जानकारी हत्यारों तक मोनू ने ही पहुंचाई थी। सीआईए की पूछताछ में भी मोनू ने हत्यारों को सूचना देने सहित कई अहम बातें बताईं। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं हत्यारों ने इस हत्याकांड को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया है। पुलिस को मौके से 20 से 25 गोलियों के खोल मिले हैं। भादर को काफी नजदीक से गोलियां मारी गईं। पोस्टमार्टम के दौरान भी उसके शरीर से 15 गोलियां निकली हैं। हत्यारे उसके जिंदा रहने की कोई संभावना नहीं छोड़ना चाहते थे। हमले के बाद हत्यारे मौके पर ही डंडे भी छोड़ गए थे।
मीठी गैंग से भी चल रही थी भादर गैंग की पुरानी रंजिश
इलाके में मीठी और भादर गैंग के बीच पहले भी कई बार झड़प हो चुकी थी। इन दोनों में ही गैंगवार चल रही थी। मीठी गैंग के भी काफी गुर्गे इस इलाके में सक्रिय हैं, जिसकी वजह से हमेशा ही दोनों गैंग के बीच झड़प और आपसी भिड़ंत की आशंका बनी रहती थी। हालांकि हत्या में इन दोनों गैंग में अभी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।
भादर की हत्या मामले में मृतक के चाचा की शिकायत पर सिवानी पुलिस थाना में हत्या का केस दर्ज हुआ है। इसमें सुमित हत्या का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। भादर की हत्या रंजिश की वजह से हुई है। फिलहाल पुलिस की चार टीमें हत्या आरोपियों की तलाश में जुटी हैं, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-सुखबीर जाखड़, एसएचओ, पुलिस थाना, सिवानी।
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इलाके में शराब तस्करी के वर्चस्व को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश में सोमवार को गांव बिधवान निवासी हिस्ट्रीशीटर व शराब तस्कर जय कुमार उर्फ बहादुर उर्फ भादर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्याकांड के बाद भिवानी सीआईए की टीम ने वारदात के समय उसके साथ दोस्त बिधवान निवासी मोनू से पूछताछ की तो यह बात भी सामने आई कि मोनू ने ही उसकी रेकी कर हत्यारों को सूचना दी थी। जिसके बाद इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
हालांकि हत्या के बाद मोनू नागरिक अस्पताल में भी भादर के शव के साथ यहां आया था और परिजनों को भी वारदात की जानकारी दी थी। मोनू भादर का दोस्त था। 2020 में शराब ठेकेदार सुमित के साथ भादर का झगड़ा हुआ था। जिसमें भादर ने सुमित को काफी चोटें पहुंचाई और खेतों में ले जाकर उसे अमानवीय प्रताड़ना देते हुए का वीडियो भी वायरल किया था। जिसके बाद सुमित ने भी करीब साल भर पहले भादर के साथ मारपीट कर उसे काफी अमानवीय यातनाएं दी थी। जिसमें भादर का एक पैर काफी चोटिल हुआ था। हिस्ट्रीशीटर भादर इलाके में शराब तस्करी का कारोबार करता था। उसके गांव बिधवान में तीन शराब माफिया के गुट बने हुए हैं। जिसमें एक गुट कालिया, दूसरा भादर और तीसरा सुमित का था। सुमित के इलाके में शराब ठेके हैं, जबकि भादर इलाके में शराब तस्करी करता था। कालिया गैंग का सरगना कालिया फिलहाल जेल में बंद है।
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कालिया और भादर की पहले दोस्ती थी, दोनों ही शराब तस्करी करते थे। दोनों ही पुलिस के हिस्ट्रीशीटर रहे हैं। बाद में कालिया के साथ भी भादर की अनबन हो गई और नौबत दुश्मनी तक जा पहुंची। इसी को लेकर उनमें रंजिश चली आ रही है। मृतक भादर के चाचा ने हत्याकांड का मुख्य आरोपी को सुमित बताया है। जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर सोमवार दोपहर को गांव घंघाला के समीप बोलेरो कैंपर गाड़ी से घर आ रहे भादर पर ताबड़तोड़ गोली बरसाकर उसकी हत्या करवा दी।
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इलाज के दौरान अस्पताल से भी भागा था गैंगस्टर भादर
गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर भादर पर सिवानी पुलिस थाना में हत्या, डकैती, शराब तस्करी सहित 28 विभिन्न केस दर्ज हैं। भादर इलाज के दौरान पुलिस कस्टडी में अस्पताल से भी भाग चुका था। जिसे बाद में पुलिस ने इनामी घोषित किया और उसे गिरफ्तार किया था। भादर का इलाके में अवैध रूप से शराब बिक्री का काफी दबदबा बना हुआ था। इसी को लेकर रंजिश खूनी संघर्ष में बदली।
मोनू से सूचना पाकर किया हमला
मृतक के परिजनों का आरोप है कि भादर की काफी लोगों से दुश्मनी थी। भादर अपने दोस्त मोनू व एक अन्य व्यक्ति के साथ सिवानी पुलिस थाना से पुलिस की पेशी से घर लौट रहा था। इसकी जानकारी हत्यारों तक मोनू ने ही पहुंचाई थी। सीआईए की पूछताछ में भी मोनू ने हत्यारों को सूचना देने सहित कई अहम बातें बताईं। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं हत्यारों ने इस हत्याकांड को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया है। पुलिस को मौके से 20 से 25 गोलियों के खोल मिले हैं। भादर को काफी नजदीक से गोलियां मारी गईं। पोस्टमार्टम के दौरान भी उसके शरीर से 15 गोलियां निकली हैं। हत्यारे उसके जिंदा रहने की कोई संभावना नहीं छोड़ना चाहते थे। हमले के बाद हत्यारे मौके पर ही डंडे भी छोड़ गए थे।
मीठी गैंग से भी चल रही थी भादर गैंग की पुरानी रंजिश
इलाके में मीठी और भादर गैंग के बीच पहले भी कई बार झड़प हो चुकी थी। इन दोनों में ही गैंगवार चल रही थी। मीठी गैंग के भी काफी गुर्गे इस इलाके में सक्रिय हैं, जिसकी वजह से हमेशा ही दोनों गैंग के बीच झड़प और आपसी भिड़ंत की आशंका बनी रहती थी। हालांकि हत्या में इन दोनों गैंग में अभी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।
भादर की हत्या मामले में मृतक के चाचा की शिकायत पर सिवानी पुलिस थाना में हत्या का केस दर्ज हुआ है। इसमें सुमित हत्या का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। भादर की हत्या रंजिश की वजह से हुई है। फिलहाल पुलिस की चार टीमें हत्या आरोपियों की तलाश में जुटी हैं, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-सुखबीर जाखड़, एसएचओ, पुलिस थाना, सिवानी।