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Bhiwani News: दो ग्राम पंचायतों के बड़े गांव हालुवास में पीने का पानी न खेल का मैदान
Tue, 07 May 2024 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 07 May 2024 11:09 PM IST
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भिवानी। विधायक के गोद लेने के बाद भी गांव हालुवास में विकास नहीं हुआ। सांसद ने भी गांव में कोई बड़ी घोषणा तक नहीं की। गांव हालुवास भिवानी-महेंद्रगढ़ संसदीय क्षेत्र का हिस्सा हैं। भिवानी जिले का गांव हालुवास जिसमें दो पंचायतें हैं। लेकिन गांव में पीने का पानी न खेल का मैदान है। गांव की फिरनी की ख्स्ताहालत, गांव के गौरव पट्ट के पास पड़ा कूडा कचरा, गांव की मुख्य गली बदहाली की तस्वीर बयां कर रही हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट में ग्रामीणों से यहां के हालात जाने तो पता चला कि पांच सालों में यहां विकास के नाम पर केवल दिलासा दिया गया है। सांसद और विधायक गांव में आकर चले जाते हैं। गांव हालुवास की 9 हजार की आबादी है और दूसरी पंचायत हालुवास माजरा देवसर की 6 हजार आबादी है। इसमें दोनों पंचायत के मिलाकर छह हजार मतदाता हैं। गांव में बने स्टेडियम की लंबे समय से किसी ने सुध नहीं ली और न ही स्टेडियम का कोई जीर्णोद्धार हुआ। वहीं गांव में हर साल बारिश के समय में गांव की मुख्य गली में जलभराव भी होता है। नालियों की भी सफाई कई-कई दिन तक नहीं होती है।
गांव हालुवास में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। गांव में बस स्टॉप की सुविधा भी नहीं है, जिस कारण गांव की लड़कियों को कॉलेज आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। गांव में एक सरकारी स्कूल पांचवीं तक बना है, जिसकी हालत खस्ता है, जिसमें बच्चों के लिए पीने को पानी व खेलने के लिए झूले भी नहीं है। गांव के गौरव पट्ट के आगे कूड़ा कचरा प्वांइट बना हुआ है।
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गांव में अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक है जिनके लिए स्टेडियम की सुविधा नहीं है। गांव के अधिकांश युवाओं को रोजगार की दरकार है। चुनावी माहौल पर भी गांव के मौजिज और बुजुर्गों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर जो काम हुआ सो ठीक, विधायक और सांसद कोटे से यहां नया पैसा नहीं लगा। इसकी वजह से गांव में कोई बड़ी विकास की परियोजना पर काम नहीं हुआ है। संवाद
लावारिस पशुओं के लिए गोशाला भी नहीं
गांव के युवाओं का कहना है कि गांव में स्टेडियम की सुविधा नहीं है। गांव में स्टेडियम बना है पर वह खस्ताहाल हो चुका है। गांव में सांसद, विधायक आ कर चले जाते हैं। पर कोई भी स्टेडियम के बारे में बात नहीं करके जाता है। गांव में लावारिस पशुओं के लिए गोशाला भी नहीं है। लावारिस पशु रोड पर घूमते रहते है, जिनकी वजह से कभी भी हादसा हो सकता है। गांव में युवाओं के लिए लाइब्रेरी भी नहीं है। गांव के पशु अस्पताल की हालत भी जर्जर हो चुकी है।
गांव में पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है। कभी-कभी गंदा पानी की भी आपूर्ति होती है। गांव में नया जलघर बनने के बाद भी पानी की समस्या बनी हुई है। गांव की कई गलियों में कीचड़ जमा रहता है। गांव में पार्क की सुविधा भी नहीं है। गांव की मुख्य सड़क कच्ची है, जिसका निर्माण अभी तक नहीं हुआ है। अबकी बार गांव में विकास की कोई नई घोषणा नहीं हुई है। दादरी राेड पर बना डंपिंग यार्ड गांव वासियों के लिए परेशानी बना हुआ है। इसके बारे में सांसद व विधायक को कई बार अवगत करवाया जा चुका है।
- सुंदर यादव, गांव हालुवास निवासी सेवानिवृत खंड शिक्षा अधिकारी।
मुख्य गली में बारिश के समय पानी जमा हो जाता है। इससे आने-जाने वालों को बहुत परेशानी होती है। गांव के जोहड़ की भी साफ सफाई नहीं है न ही खुदाई हुई है। उसके घर के पास ही एक छोटा जोहड़ है। इसके पानी से बदबू आती है और उसमें कूड़ा कचरा जमा है। विधायक व सांसद ने गांव की कोई सुध नहीं ली है।
- भोली कुमार, गांव हालुवास माजरा देवस।
गांव में अनेक असुविधा है। जिनको पंचायत स्तर पर सुधार किया जा रहा है। गांव में चुनाव का माहौल बराबर है। गांव के लोग मतदान को लेकर जागरूक है। लोगों को लोकसभा चुनाव से उम्मीद है कि कोई भी प्रत्याशी जीते वह गांव का विकास कराएं। वहीं गांव के स्टेडियम को भी गांव वालों व पंचायत के सहयोग से ठीक करवाया जाएगा।
- मुकेश तंवर सरपंच, गांव हालुवास
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ग्राउंड रिपोर्ट में ग्रामीणों से यहां के हालात जाने तो पता चला कि पांच सालों में यहां विकास के नाम पर केवल दिलासा दिया गया है। सांसद और विधायक गांव में आकर चले जाते हैं। गांव हालुवास की 9 हजार की आबादी है और दूसरी पंचायत हालुवास माजरा देवसर की 6 हजार आबादी है। इसमें दोनों पंचायत के मिलाकर छह हजार मतदाता हैं। गांव में बने स्टेडियम की लंबे समय से किसी ने सुध नहीं ली और न ही स्टेडियम का कोई जीर्णोद्धार हुआ। वहीं गांव में हर साल बारिश के समय में गांव की मुख्य गली में जलभराव भी होता है। नालियों की भी सफाई कई-कई दिन तक नहीं होती है।
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गांव हालुवास में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। गांव में बस स्टॉप की सुविधा भी नहीं है, जिस कारण गांव की लड़कियों को कॉलेज आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। गांव में एक सरकारी स्कूल पांचवीं तक बना है, जिसकी हालत खस्ता है, जिसमें बच्चों के लिए पीने को पानी व खेलने के लिए झूले भी नहीं है। गांव के गौरव पट्ट के आगे कूड़ा कचरा प्वांइट बना हुआ है।
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गांव में अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक है जिनके लिए स्टेडियम की सुविधा नहीं है। गांव के अधिकांश युवाओं को रोजगार की दरकार है। चुनावी माहौल पर भी गांव के मौजिज और बुजुर्गों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर जो काम हुआ सो ठीक, विधायक और सांसद कोटे से यहां नया पैसा नहीं लगा। इसकी वजह से गांव में कोई बड़ी विकास की परियोजना पर काम नहीं हुआ है। संवाद
लावारिस पशुओं के लिए गोशाला भी नहीं
गांव के युवाओं का कहना है कि गांव में स्टेडियम की सुविधा नहीं है। गांव में स्टेडियम बना है पर वह खस्ताहाल हो चुका है। गांव में सांसद, विधायक आ कर चले जाते हैं। पर कोई भी स्टेडियम के बारे में बात नहीं करके जाता है। गांव में लावारिस पशुओं के लिए गोशाला भी नहीं है। लावारिस पशु रोड पर घूमते रहते है, जिनकी वजह से कभी भी हादसा हो सकता है। गांव में युवाओं के लिए लाइब्रेरी भी नहीं है। गांव के पशु अस्पताल की हालत भी जर्जर हो चुकी है।
गांव में पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है। कभी-कभी गंदा पानी की भी आपूर्ति होती है। गांव में नया जलघर बनने के बाद भी पानी की समस्या बनी हुई है। गांव की कई गलियों में कीचड़ जमा रहता है। गांव में पार्क की सुविधा भी नहीं है। गांव की मुख्य सड़क कच्ची है, जिसका निर्माण अभी तक नहीं हुआ है। अबकी बार गांव में विकास की कोई नई घोषणा नहीं हुई है। दादरी राेड पर बना डंपिंग यार्ड गांव वासियों के लिए परेशानी बना हुआ है। इसके बारे में सांसद व विधायक को कई बार अवगत करवाया जा चुका है।
- सुंदर यादव, गांव हालुवास निवासी सेवानिवृत खंड शिक्षा अधिकारी।
मुख्य गली में बारिश के समय पानी जमा हो जाता है। इससे आने-जाने वालों को बहुत परेशानी होती है। गांव के जोहड़ की भी साफ सफाई नहीं है न ही खुदाई हुई है। उसके घर के पास ही एक छोटा जोहड़ है। इसके पानी से बदबू आती है और उसमें कूड़ा कचरा जमा है। विधायक व सांसद ने गांव की कोई सुध नहीं ली है।
- भोली कुमार, गांव हालुवास माजरा देवस।
गांव में अनेक असुविधा है। जिनको पंचायत स्तर पर सुधार किया जा रहा है। गांव में चुनाव का माहौल बराबर है। गांव के लोग मतदान को लेकर जागरूक है। लोगों को लोकसभा चुनाव से उम्मीद है कि कोई भी प्रत्याशी जीते वह गांव का विकास कराएं। वहीं गांव के स्टेडियम को भी गांव वालों व पंचायत के सहयोग से ठीक करवाया जाएगा।
- मुकेश तंवर सरपंच, गांव हालुवास