{"_id":"66c29153de0d97b0c8054489","slug":"there-is-a-need-to-increase-facilities-in-bhariwas-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-121821-2024-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: भारीवास में पेयजल संकट, जलनिकासी और पशु अस्पताल सुधारने की दरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: भारीवास में पेयजल संकट, जलनिकासी और पशु अस्पताल सुधारने की दरकार
Mon, 19 Aug 2024 05:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 19 Aug 2024 05:56 AM IST
विज्ञापन
गांव भारीवास भिवानी के सरकारी स्कूल का मुख्य गेट।
तोशाम। करीब तीन हजार की आबादी वाले गांव भारीवास में ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय खेतीबाड़ी और पशुपालन है। गांव में विभिन्न वर्गों के कुछ लोग सरकारी सेवा में भी हैं। इसके बावजूद गांव में पीने का पानी कम है। पशु अस्पताल जर्जर है। गलियों से गंदे पानी की निकासी ठप है। युवाओं के लिए गांव में पुस्तकालय तक नहीं है।
तोशाम-बहल सड़क मार्ग से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव भारीवास सड़क से अधिकतर पड़ोसी गांवों से जुड़ा है लेकिन पशुपालकों के लिए पशु चिकित्सक की जरूरत है। पशु अस्पताल का भवन जर्जर हो गया है, जिसको इलाज की दरकार है। गांव में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने के लिए ये मुद्दे कइ बार उठे। उनके समाधान की दिशा में कदम भी बढ़े। इसके बावजूद समाधान नहीं हो सका।
पंचायत समिति के चेयरमैन सुनील पूनियां ने बताया कि गांव में नहरी पानी न आना बड़ी समस्या है। नहर में पानी काफी कम आता है। इस कारण किसानों की फसल भी सूख रही है। ये इलाका सूखाग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नहरी पानी की आपूर्ति बढ़ाने की मांग की है।
विज्ञापन
ग्रामीण सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के युवाओं में रोजगार की चाहत है लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकालय न होने से युवाओं को कस्बे या शहरों में जाने के लिए बाध्य होना पड़ता है। गांव में पुस्तकालय खोलने की सख्त आवश्यकता है।
ग्रामीण कुलवीर सिंह ने बताया कि गांव की गली से गंदे पानी की निकासी करा पुस्तकालय जैसी जरूरतों को पूरा किया जाना चाहिए। प्रशासन इस ओर ध्यान देकर लोगों की जरूरतों को पूरा करे। अधिकतर ग्रामीण इन दोनों समस्याओं से परेशान हैं।
गांव के सरपंच रविंद्र में बताया कि पशु अस्पताल का भवन जर्जर है। यहां कोई पशुचिकित्सक भी नहीं है। सरपंच ने बताया कि गांव की एससी चौपाल से सटी गली में अक्सर पानी जमा रहता है। वहां से पानी निकासी कराने की जरूरत है। सरपंच ने बताया कि वे दोनों ही समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचा चुके हैं। उम्मीद है कि जल्द समाधान होगा।
विज्ञापन
तोशाम-बहल सड़क मार्ग से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव भारीवास सड़क से अधिकतर पड़ोसी गांवों से जुड़ा है लेकिन पशुपालकों के लिए पशु चिकित्सक की जरूरत है। पशु अस्पताल का भवन जर्जर हो गया है, जिसको इलाज की दरकार है। गांव में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने के लिए ये मुद्दे कइ बार उठे। उनके समाधान की दिशा में कदम भी बढ़े। इसके बावजूद समाधान नहीं हो सका।
विज्ञापन
पंचायत समिति के चेयरमैन सुनील पूनियां ने बताया कि गांव में नहरी पानी न आना बड़ी समस्या है। नहर में पानी काफी कम आता है। इस कारण किसानों की फसल भी सूख रही है। ये इलाका सूखाग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नहरी पानी की आपूर्ति बढ़ाने की मांग की है।
विज्ञापन
ग्रामीण सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के युवाओं में रोजगार की चाहत है लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकालय न होने से युवाओं को कस्बे या शहरों में जाने के लिए बाध्य होना पड़ता है। गांव में पुस्तकालय खोलने की सख्त आवश्यकता है।
ग्रामीण कुलवीर सिंह ने बताया कि गांव की गली से गंदे पानी की निकासी करा पुस्तकालय जैसी जरूरतों को पूरा किया जाना चाहिए। प्रशासन इस ओर ध्यान देकर लोगों की जरूरतों को पूरा करे। अधिकतर ग्रामीण इन दोनों समस्याओं से परेशान हैं।
गांव के सरपंच रविंद्र में बताया कि पशु अस्पताल का भवन जर्जर है। यहां कोई पशुचिकित्सक भी नहीं है। सरपंच ने बताया कि गांव की एससी चौपाल से सटी गली में अक्सर पानी जमा रहता है। वहां से पानी निकासी कराने की जरूरत है। सरपंच ने बताया कि वे दोनों ही समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचा चुके हैं। उम्मीद है कि जल्द समाधान होगा।