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Bhiwani News: वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत के शब्दों में निहित है देशभक्ति, साहस और एकता की भावना
Sat, 08 Nov 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 08 Nov 2025 01:27 AM IST
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गांव दुल्हेड़ी की नामदेव धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में सांसद धर्मबीर सिंह को सम्मानित करते क
तोशाम। सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् आज भी देशवासियों, देशप्रेमियों और देशभक्तों की भावनाओं की एकता को प्रेरित और प्रबल बनाने वाला राष्ट्रीय गीत है, जो भारत की एकता और गौरव का प्रतीक है। वह वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गांव दुल्हेड़ी की नामदेव धर्मशाला में आयोजित उपमंडल स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
सांसद सिंह ने कहा कि उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के शब्द हमारे भीतर देशभक्ति, साहस और एकजुटता की भावना को जागृत करते हैं तथा यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनगिनत देशभक्तों के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।
आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार ने राष्ट्रगीत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 1870 के दशक में हमारे राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की रचना की गई थी, जो देशवासियों के हृदय में देशप्रेम, त्याग और एकता की भावना को सशक्त बनाता है। इस अवसर पर सरपंच रामेश्वर, समाज सेवी गजानंद अग्रवाल, रामेश्वर जांगड़ा, बीरसिंह राजपूत मौजूद रहे।
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सांसद सिंह ने कहा कि उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के शब्द हमारे भीतर देशभक्ति, साहस और एकजुटता की भावना को जागृत करते हैं तथा यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनगिनत देशभक्तों के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।
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आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार ने राष्ट्रगीत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 1870 के दशक में हमारे राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की रचना की गई थी, जो देशवासियों के हृदय में देशप्रेम, त्याग और एकता की भावना को सशक्त बनाता है। इस अवसर पर सरपंच रामेश्वर, समाज सेवी गजानंद अग्रवाल, रामेश्वर जांगड़ा, बीरसिंह राजपूत मौजूद रहे।
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