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Bhiwani News: अब सप्ताह भर में सीवरेज और 15 दिन में पेयजल लाइन के मसौदों की तकनीकी दिक्कत दूर कर चीफ इंजीनियर के पास भेजी जाएगी रिपोर्ट
Tue, 14 Jan 2025 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 14 Jan 2025 11:49 PM IST
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भिवानी शहर का जलघर।
संजय वर्मा
भिवानी। अब शहर में नई सीवर और पेयजल लाइन के मुख्यालय भेजे गए तकनीकी मंजूरी के मसौदे पर चीफ इंजीनियर ने डिजाइन को लेकर आपत्ति जता दी है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों को भी स्पष्ट हिदायतें मिली हैं कि सप्ताहभर में सीवरेज और 15 दिन में पेयजल लाइन के मसौदे की तकनीकी दिक्कत दूर कर फिर से रिपोर्ट मुख्यालय भेजें।
पूरे शहर में 98 किलोमीटर दायरे में पेयजल और 22 किलोमीटर दायरे में नई सीवर लाइन डालने का खाका जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने तैयार किया था। अमृत द्वितीय चरण में 82 करोड़ से सीवर और 233 करोड़ से शहर के अंदर नई पेयजल लाइन डाली जानी हैं। करीब एक पखवाड़े पहले ही ये मसौदा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मुख्यालय में चीफ इंजीनियर के समक्ष भेजा था। अब इसमें कई तकनीकी आपत्ति दर्ज कराई गई हैं, जिन्हें दूर करने में स्थानीय अधिकारी जुटे हैं।
भिवानी शहर में 82 करोड़ से सीवर और 233 करोड़ के बजट से नई पेयजल लाइन डाली जाएगी। इसके लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने शहरी दायरे में बूस्टिंग स्टेशनों के आपूर्ति और वितरण के लिए तैयार किए गए डिजाइन पर आपत्ति दर्ज कराई है। इसी तरह सीवर लाइन के डिजाइन और डिस्पोजल को लेकर भी कई तकनीकी आपत्ति मसौदे पर लगा दी गई है। इन्हें अब दूर करने की मोहलत भी अधिकारियों को मिली है।
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बता दें कि पेयजल और सीवरेज के दो अलग-अलग प्रोजेक्ट अधिकारियों ने अमृत द्वितीय चरण के लिए तैयार कर मुख्यालय भेजे हैं। इसी में करीब 15 किलोमीटर दायरे में करीब 50 साल पुरानी पेयजल लाइनों को भी बदला जाना है। शहरी दायरे में 98 किलोमीटर दायरे में नई पेयजल लाइन डालने का सर्वेक्षण कराकर उसका डिजाइन तैयार किया है। इस पर 233 करोड़ का संभावित बजट खर्च आएगा।
मेन बूस्टिंग स्टेशन पर भी बनेगा नया टैंक
शहर के देवसर चुंगी के मुख्य डिस्पोजल पर भी अब एक नया टैंक तैयार किया जाएगा। अधिकारियों ने नए टैंक निर्माण का डिजाइन भी मुख्यालय भेजा है। मुख्य डिस्पोजल में दो गंदे और एक बरसाती पानी के लिए टैंक बना है। जबकि चौथा टैंक बनाने का डिजाइन पर कुछ आपत्ति मुख्यालय ने लगा दी है, जिन्हें अधिकारी एक सप्ताह के अंदर दूर कर इसे फिर से मुख्यालय भेजने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि नया टैंक बनने के बाद पुराने शहर के अंदर बारिश के साथ सीवर के गंदे पानी की निकासी का काम और अधिक तेजी से होगा। शहरी दायरे में ही कई नए पानी के बूस्टिंग स्टेशन और डिस्पोजल भी बनाए जाने हैं।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के चीफ इंजीनियर देवेंद्र दहिया के साथ शहरी दायरे में सीवर और पेयजल लाइनों के मसौदे पर अधिकारियों की बैठक हुई है। इसमें मुख्यालय से तकनीकी मंजूरी से पहले कुछ आपत्ति दर्ज कराई गई हैं, जिनमें सीवर लाइन की सप्ताह भर और पेयजल लाइन की 15 दिन बाद फिर से रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। इन तकनीकी दिक्कतों को दूर किए जाने के बाद ही मसौदे को तकनीकी मंजूरी मिल पाएगी। इसके बाद ही उसे प्रशासनिक मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
-आशीष कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
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भिवानी। अब शहर में नई सीवर और पेयजल लाइन के मुख्यालय भेजे गए तकनीकी मंजूरी के मसौदे पर चीफ इंजीनियर ने डिजाइन को लेकर आपत्ति जता दी है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों को भी स्पष्ट हिदायतें मिली हैं कि सप्ताहभर में सीवरेज और 15 दिन में पेयजल लाइन के मसौदे की तकनीकी दिक्कत दूर कर फिर से रिपोर्ट मुख्यालय भेजें।
पूरे शहर में 98 किलोमीटर दायरे में पेयजल और 22 किलोमीटर दायरे में नई सीवर लाइन डालने का खाका जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने तैयार किया था। अमृत द्वितीय चरण में 82 करोड़ से सीवर और 233 करोड़ से शहर के अंदर नई पेयजल लाइन डाली जानी हैं। करीब एक पखवाड़े पहले ही ये मसौदा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मुख्यालय में चीफ इंजीनियर के समक्ष भेजा था। अब इसमें कई तकनीकी आपत्ति दर्ज कराई गई हैं, जिन्हें दूर करने में स्थानीय अधिकारी जुटे हैं।
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भिवानी शहर में 82 करोड़ से सीवर और 233 करोड़ के बजट से नई पेयजल लाइन डाली जाएगी। इसके लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने शहरी दायरे में बूस्टिंग स्टेशनों के आपूर्ति और वितरण के लिए तैयार किए गए डिजाइन पर आपत्ति दर्ज कराई है। इसी तरह सीवर लाइन के डिजाइन और डिस्पोजल को लेकर भी कई तकनीकी आपत्ति मसौदे पर लगा दी गई है। इन्हें अब दूर करने की मोहलत भी अधिकारियों को मिली है।
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बता दें कि पेयजल और सीवरेज के दो अलग-अलग प्रोजेक्ट अधिकारियों ने अमृत द्वितीय चरण के लिए तैयार कर मुख्यालय भेजे हैं। इसी में करीब 15 किलोमीटर दायरे में करीब 50 साल पुरानी पेयजल लाइनों को भी बदला जाना है। शहरी दायरे में 98 किलोमीटर दायरे में नई पेयजल लाइन डालने का सर्वेक्षण कराकर उसका डिजाइन तैयार किया है। इस पर 233 करोड़ का संभावित बजट खर्च आएगा।
मेन बूस्टिंग स्टेशन पर भी बनेगा नया टैंक
शहर के देवसर चुंगी के मुख्य डिस्पोजल पर भी अब एक नया टैंक तैयार किया जाएगा। अधिकारियों ने नए टैंक निर्माण का डिजाइन भी मुख्यालय भेजा है। मुख्य डिस्पोजल में दो गंदे और एक बरसाती पानी के लिए टैंक बना है। जबकि चौथा टैंक बनाने का डिजाइन पर कुछ आपत्ति मुख्यालय ने लगा दी है, जिन्हें अधिकारी एक सप्ताह के अंदर दूर कर इसे फिर से मुख्यालय भेजने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि नया टैंक बनने के बाद पुराने शहर के अंदर बारिश के साथ सीवर के गंदे पानी की निकासी का काम और अधिक तेजी से होगा। शहरी दायरे में ही कई नए पानी के बूस्टिंग स्टेशन और डिस्पोजल भी बनाए जाने हैं।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के चीफ इंजीनियर देवेंद्र दहिया के साथ शहरी दायरे में सीवर और पेयजल लाइनों के मसौदे पर अधिकारियों की बैठक हुई है। इसमें मुख्यालय से तकनीकी मंजूरी से पहले कुछ आपत्ति दर्ज कराई गई हैं, जिनमें सीवर लाइन की सप्ताह भर और पेयजल लाइन की 15 दिन बाद फिर से रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। इन तकनीकी दिक्कतों को दूर किए जाने के बाद ही मसौदे को तकनीकी मंजूरी मिल पाएगी। इसके बाद ही उसे प्रशासनिक मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
-आशीष कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।