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Bhiwani News: कब्जा हटवाने पहुंचा पुलिस दल बैरंग लौटा
Thu, 28 Nov 2024 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 28 Nov 2024 02:08 AM IST
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लोहारू में लोनिवि निरीक्षण भवन के सामने धरने पर बैठे शहर के लोग।
लोहारू (भिवानी)। शहर के लोक निर्माण (लोनिवि) विश्राम गृह के सामने कई वर्षों से आबाद सब्जी मंडी और कच्ची बस्ती की जमीन को कथित रूप से न्यायालय के आदेश पर कब्जामुक्त करवाने का प्रयास किया गया। इसके लिए बुधवार को भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा लेकिन इस दौरान सब्जी मंडी और कच्ची बस्ती के काफी लोगों ने विरोध कर धरना दे दिया। इस कारण पुलिस बल बैरंग लौट गया।
लोनिवि विश्राम गृह के सामने करोड़ों रुपयों की बेशकीमती जमीन के मालिकाना हक का वाद न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले मेें नीतू दहिया ने स्थानीय कोर्ट में इजराय संबंधी वाद दायर किया है। हाईकोर्ट ने तीन महीने में इजराय पूरी करने के कथित निर्देश जारी किए थे।
उसी कड़ी में बुधवार को लोहारू थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल पहुंचा था। इस दौरान सब्जी मंडी के दुकानदार, व्यापारी और कच्ची बस्ती के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
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लोगों ने आरोप लगाया कि यह सरकारी जमीन है जबकि जिस जमीन पर कब्जे के आदेश हुए हैं, वह जमीन कहीं दूसरी जगह पर है। मौके पर मौजूद थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस का काम कानून व्यवस्था लागू कर अपराध पर नियंत्रण करना है। पुलिस ने अपना काम किया।
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इस जमीनी मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग
कब्जा खाली कराने पहुंचे पुलिस बल के बाद सब्जी मंडी एसोसिएशन, कच्ची बस्ती के लोगों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से जमीन के इस विवाद की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। सब्जी मंडी एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सुभाष सैनी और राजेंद्र सैनी ने बताया कि यह सरकारी जमीन करोड़ों रुपयों की है। इस जमीन पर कई वर्षों से सब्जी मंडी आबाद है। वहां कच्ची बस्ती भी बनी है। उन्होंने कहा कि जिस आधार पर इस जमीन पर मालिकाना हक जताया गया है और न्यायालय ने आदेश दिए हैं वह जमीन यह नहीं है। उन्होंने कहा कि वे न्यायालय के आदेशों का स्वागत करते हैं, लेकिन इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच होनी चाहिए।
उच्च न्यायालय में विचाराधीन है सिविल रिट पिटीशन
एडवोकेट संजय नेहरा, सुभाष सैनी और राजेंद्र सैनी ने बताया कि इस मामले में दौलतराम व अन्य की ओर से न्यायालय में सिविल रिट पिटीशन (सीडब्ल्यूपी) दायर की गई थी। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस जमीन को खाली कराने का प्रयास पूरे नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच हाेनी चाहिए।
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लोनिवि विश्राम गृह के सामने करोड़ों रुपयों की बेशकीमती जमीन के मालिकाना हक का वाद न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले मेें नीतू दहिया ने स्थानीय कोर्ट में इजराय संबंधी वाद दायर किया है। हाईकोर्ट ने तीन महीने में इजराय पूरी करने के कथित निर्देश जारी किए थे।
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उसी कड़ी में बुधवार को लोहारू थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल पहुंचा था। इस दौरान सब्जी मंडी के दुकानदार, व्यापारी और कच्ची बस्ती के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
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लोगों ने आरोप लगाया कि यह सरकारी जमीन है जबकि जिस जमीन पर कब्जे के आदेश हुए हैं, वह जमीन कहीं दूसरी जगह पर है। मौके पर मौजूद थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस का काम कानून व्यवस्था लागू कर अपराध पर नियंत्रण करना है। पुलिस ने अपना काम किया।
इस जमीनी मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग
कब्जा खाली कराने पहुंचे पुलिस बल के बाद सब्जी मंडी एसोसिएशन, कच्ची बस्ती के लोगों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से जमीन के इस विवाद की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। सब्जी मंडी एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सुभाष सैनी और राजेंद्र सैनी ने बताया कि यह सरकारी जमीन करोड़ों रुपयों की है। इस जमीन पर कई वर्षों से सब्जी मंडी आबाद है। वहां कच्ची बस्ती भी बनी है। उन्होंने कहा कि जिस आधार पर इस जमीन पर मालिकाना हक जताया गया है और न्यायालय ने आदेश दिए हैं वह जमीन यह नहीं है। उन्होंने कहा कि वे न्यायालय के आदेशों का स्वागत करते हैं, लेकिन इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच होनी चाहिए।
उच्च न्यायालय में विचाराधीन है सिविल रिट पिटीशन
एडवोकेट संजय नेहरा, सुभाष सैनी और राजेंद्र सैनी ने बताया कि इस मामले में दौलतराम व अन्य की ओर से न्यायालय में सिविल रिट पिटीशन (सीडब्ल्यूपी) दायर की गई थी। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस जमीन को खाली कराने का प्रयास पूरे नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच हाेनी चाहिए।