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Bhiwani News: अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पीएनडीटी टीम ने खंगाले रिकॉर्ड, लिंगानुपात सुधार अभियान के तहत की शहर के छह केंद्रों की जांच

Wed, 03 Jun 2026 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 03 Jun 2026 11:13 PM IST
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The PNDT team of ultrasound centers examined records and conducted inspections of six centers in the city under the gender ratio improvement campaign
​भिवानी में अल्ट्रासाउंड केंद्र पर रिकॉर्ड जांचतीं अ​धिकारी। 
भिवानी। जिले में लिंगानुपात सुधार अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी टीम ने बुधवार को शहर के विभिन्न अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी कर रिकॉर्ड की जांच की। डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन और सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य के निर्देशानुसार गठित टीम ने जांच के दौरान केंद्रों का रिकॉर्ड खंगाला और पीएनडीटी नियमों की सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए।
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चौधरी बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल की पीसीपीएनडीटी टीम की नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू चौधरी ने बताया कि बुधवार को सिटी नर्सिंग होम, चुघ अस्पताल, भिवानी हार्ट क्लिनिक, वंदना अस्पताल, सोनाक्षी आईवीएफ सेंटर और धमीजा अस्पताल स्थित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की गई। जांच के दौरान संबंधित रिकॉर्ड सही पाया गया।
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उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड की जांच कर रही है। सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि गर्भवती महिला का नाम, पता, आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर और आरसीएच आईडी अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए।
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डॉ. अन्नू चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की विशेष निगरानी उन दंपतियों पर है जिनकी पहली या दूसरी संतान बेटी है। महिला के पूर्व में कितने बच्चे हैं इसका स्पष्ट उल्लेख रिकॉर्ड में किया जाना आवश्यक है। यदि महिला की पहली संतान लड़की है तो ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा पीसीपीएनडीटी नियमों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी अधिकृत एमटीपी केंद्रों को 10 से 20 सप्ताह के बीच किए गए प्रत्येक एमटीपी मामले का रिकॉर्ड पूरी तरह संधारित करना होगा। संबंधित रिकॉर्ड में गर्भ के लिंग का उल्लेख, महिला की आरसीएच आईडी तथा अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा। सभी केंद्रों को संबंधित रजिस्टरों में पूरा रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. अन्नू चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी केवल निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों तक सीमित नहीं है बल्कि सभी सरकारी संस्थानों पर भी समान रूप से नजर रखी जा रही है। सिविल सर्जन के निर्देशानुसार जिले के सभी अल्ट्रासाउंड और पीसीपीएनडीटी केंद्रों की जांच के लिए जिला स्तरीय टीम का गठन किया गया है।
सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि जांच अभियान के दौरान किसी भी केंद्र पर किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित केंद्र का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है। पीसीपीएनडीटी नियमों की अनदेखी करने वाले अल्ट्रासाउंड और एमटीपी केंद्रों को नोटिस जारी किए जाएंगे तथा कमियां मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पीसीपीएनडीटी नियमों की पालना में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टीम जिले के सभी केंद्रों का निरीक्षण कर रिकॉर्ड की जांच करेगी। इस अभियान का उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि जिले के लिंगानुपात में स्थायी सुधार सुनिश्चित करना है।
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