{"_id":"616b1dba8480be146d5a10fc","slug":"the-pattern-of-loharu-railway-overbridge-will-change-after-50-years-to-get-rid-of-the-city-jam-bhiwani-news-hsr6145982124","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए 50 साल बाद बदलेगा लोहारू रेलवे ओवरब्रिज का पैटर्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए 50 साल बाद बदलेगा लोहारू रेलवे ओवरब्रिज का पैटर्न
विज्ञापन
लोहारू रोड ओवरब्रिज।
- फोटो : Bhiwani
संजय वर्मा
भिवानी। शहर के सरकुलर रोड को वाहनों के जाम से निजात दिलाने के लिए 50 साल बाद पुराने लोहारू रेलवे ओवरब्रिज का पैटर्न बदलेगा। इसका रुख अब हालुवास गेट से शहर के जोगीवाला मंदिर की तरफ होगा। जहां से शहर के अंदर आने वाले व लोहारू और दादरी की तरफ जाने वालों का आवागमन आसान होगा। फिलहाल इस मार्ग पर रेलवे फाटक की क्रासिंग जाम की वजह बन रही है।
एनएच अधिकारियों ने केंद्र सरकार को डीपीआर मंजूरी के लिए भेजी है। जिसके बाद इस कार्य पर करीब 60 करोड़ का बजट खर्च होगा। इतना ही नहीं अग्रसेन चौक से हालुवास गेट रेलवे ओवरब्रिज तक करीब चार किलोमीटर की सड़क को सीसी पैटर्न पर बनाया जाएगा। जिसके बाद हाईवे पर दौड़ने वाले वाहनों को हिचकोले नहीं लगेंगे।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709ई के अंतर्गत नया बस स्टैंड से लोहारू रेलवे ओवरब्रिज होते हुए भिवानी-घघर ड्रेन तक का हिस्सा शहरी दायरे के अंदर से होकर गुजरता है। इस हिस्से की हालत काफी खस्ताहाल बनी हुई है। पहले एनएच अधिकारियों ने इस मार्ग पर तारकोल की सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ का बजट से काम कराने का मन बनाया था। सड़क के गड्ढों को भरने के लिए एनएच ने तारकोल की एक लेयर भी सड़क पर डलवा दी थी। इसके बावजूद यहां के हालात नहीं सुधर रहे थे, क्योंकि घनी आबादी के अंदर से गुजर रहे हाईवे पर पानी निकासी का कोई पुख्ता प्रबंध नहीं है। पानी के संपर्क में आकर तारकोल की सड़क बार बार टूट रही है। इसी को लेकर एनएच अधिकारियों ने इस सड़क का निर्माण दो हिस्सों में करने का मसौदा तैयार किया है। अग्रसेन चौक से लोहारू रेलवे ओवरब्रिज तक करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क को अब सीसी पैटर्न पर तैयार कराया जाएगा। वहीं नया बस स्टैंड से अग्रसेन चौक तक की सड़क 6 लाइन की तर्ज पर विकसित की जाएगी। यह दायरा करीब एक किलोमीटर तक का होगा।
विज्ञापन
50 साल पुराने लोहारू रेलवे ओवरब्रिज को तोड़कर बनेगा नया पुल
शहर में करीब 50 साल से अधिक पुराने हो चुके लोहारू रेलवे ओवरब्रिज को अब कंडम घोषित करते हुए इसे तोड़ा जाएगा। इस पुल की जगह नया पुल बनेगा। जिसका डिजाइन भी बदला गया है। फिलहाल पुराना पुल सरकुलर रोड हालुवास गेट से उठकर नई अनाज मंडी गेट तक पहुंच रहा है। ये पुल करीब साढ़े 700 मीटर है, जबकि नए डिजाइन पर नए सिरे से बनने वाला पुल शहर के देवसर चुंगी जोगीवाला मंदिर से उठकर लोहारू रोड अनाज मंडी गेट तक पहुंचेगा। पुराने और नए पुल के शुरूआती प्वाइंट को बदला गया है। जिसके बाद शहर के अग्रसेन चौक, हांसी गेट, घंटाघर, दिनोद गेट से राजस्थान व कोठपुतली की तरफ जाने वाले वाहनों को जाम में नहीं फंसना पड़ेगा, जबकि दूसरे शहरों से आने वाले वाहनों का आवागमन भी आसान होगा। एनएच अधिकारियों ने पुल के नई डिजाइन को तैयार करने से पहले सर्वे का काम भी पूरा कर लिया है।
डेढ़ लाख की आबादी को मिलेगा फायदा
एनएच 709 ई की शहरी दायरे से गुजरने वाली सरकुलर रोड को सीसी पैटर्न पर निर्माण के बाद करीब डेढ़ लाख शहरी आबादी को इसका सीधा फायदा मिलेगा, क्योंकि इस मुख्य रास्ते से शहर की अधिकतर कॉलोनियां जुड़ी हैं, जिनके लोगों का आवागमन भी आसान होगा। वहीं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल के रास्ते महाराष्ट्र तक जाने वाले माल ढुलाई वाहनों का आवागमन भी सुगम होगा।
शहर के इन चौराहों पर लगता है जाम
शहर का घंटाघर चौक, हांसी गेट चौक, महम गेट, अग्रसेन चौक अधिकतर वाहनों का जाम लगता है। यहां पर वाहनों का सबसे अधिक दबाव रहता है। शहर का रिंग रोड कहलाने वाला सरकुलर रोड करीब पांच किलोमीटर दायरे में फैला है। इस मार्ग पर हांसी रोड, रोहतक रोड, महम रोड, लोहारू रोड भी जुड़ा है, मगर ज्यादातर वाहन शहर के अंदर ही घूमते हैं। सरकुलर रोड से जुड़ा अंदर की तरफ नया रेलवे ओवरब्रिज लोहारू रेलवे फाटक की बाधा को भी दूर कर देगा और बिना रुके लगातार ट्रैफिक यहां से आवागमन करता रहेगा। (संवाद)
डीपीआर केंद्र को भेजी है
अग्रसेन चौक से हालुवास गेट पुराने लोहारू रेलवे ओवरब्रिज तक करीब चार किलोमीटर लंबी पांच करोड़ की लागत से सीसी पैटर्न पर सड़क बनेगी। इसी तरह करीब 40 करोड़ की लागत से जोगीवाला मंदिर की तरफ से लोहारू रोड अनाज मंडी की तरफ जाने वाला नया रेलवे ओवरब्रिज बनेगा, जिसका डिजाइन तैयार हो चुका है। इसी तरह नया बस स्टैंड से अग्रसेन चौक तक 6 लेन बनाया जाएगा। करीब 60 करोड़ की इन सभी परियोजनाओं का डीपीआर तैयार कर केंद्र को भेजी है।
-चौ. धर्मबीर सिंह, सांसद, भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र।
विज्ञापन
भिवानी। शहर के सरकुलर रोड को वाहनों के जाम से निजात दिलाने के लिए 50 साल बाद पुराने लोहारू रेलवे ओवरब्रिज का पैटर्न बदलेगा। इसका रुख अब हालुवास गेट से शहर के जोगीवाला मंदिर की तरफ होगा। जहां से शहर के अंदर आने वाले व लोहारू और दादरी की तरफ जाने वालों का आवागमन आसान होगा। फिलहाल इस मार्ग पर रेलवे फाटक की क्रासिंग जाम की वजह बन रही है।
एनएच अधिकारियों ने केंद्र सरकार को डीपीआर मंजूरी के लिए भेजी है। जिसके बाद इस कार्य पर करीब 60 करोड़ का बजट खर्च होगा। इतना ही नहीं अग्रसेन चौक से हालुवास गेट रेलवे ओवरब्रिज तक करीब चार किलोमीटर की सड़क को सीसी पैटर्न पर बनाया जाएगा। जिसके बाद हाईवे पर दौड़ने वाले वाहनों को हिचकोले नहीं लगेंगे।
विज्ञापन
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709ई के अंतर्गत नया बस स्टैंड से लोहारू रेलवे ओवरब्रिज होते हुए भिवानी-घघर ड्रेन तक का हिस्सा शहरी दायरे के अंदर से होकर गुजरता है। इस हिस्से की हालत काफी खस्ताहाल बनी हुई है। पहले एनएच अधिकारियों ने इस मार्ग पर तारकोल की सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ का बजट से काम कराने का मन बनाया था। सड़क के गड्ढों को भरने के लिए एनएच ने तारकोल की एक लेयर भी सड़क पर डलवा दी थी। इसके बावजूद यहां के हालात नहीं सुधर रहे थे, क्योंकि घनी आबादी के अंदर से गुजर रहे हाईवे पर पानी निकासी का कोई पुख्ता प्रबंध नहीं है। पानी के संपर्क में आकर तारकोल की सड़क बार बार टूट रही है। इसी को लेकर एनएच अधिकारियों ने इस सड़क का निर्माण दो हिस्सों में करने का मसौदा तैयार किया है। अग्रसेन चौक से लोहारू रेलवे ओवरब्रिज तक करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क को अब सीसी पैटर्न पर तैयार कराया जाएगा। वहीं नया बस स्टैंड से अग्रसेन चौक तक की सड़क 6 लाइन की तर्ज पर विकसित की जाएगी। यह दायरा करीब एक किलोमीटर तक का होगा।
विज्ञापन
50 साल पुराने लोहारू रेलवे ओवरब्रिज को तोड़कर बनेगा नया पुल
शहर में करीब 50 साल से अधिक पुराने हो चुके लोहारू रेलवे ओवरब्रिज को अब कंडम घोषित करते हुए इसे तोड़ा जाएगा। इस पुल की जगह नया पुल बनेगा। जिसका डिजाइन भी बदला गया है। फिलहाल पुराना पुल सरकुलर रोड हालुवास गेट से उठकर नई अनाज मंडी गेट तक पहुंच रहा है। ये पुल करीब साढ़े 700 मीटर है, जबकि नए डिजाइन पर नए सिरे से बनने वाला पुल शहर के देवसर चुंगी जोगीवाला मंदिर से उठकर लोहारू रोड अनाज मंडी गेट तक पहुंचेगा। पुराने और नए पुल के शुरूआती प्वाइंट को बदला गया है। जिसके बाद शहर के अग्रसेन चौक, हांसी गेट, घंटाघर, दिनोद गेट से राजस्थान व कोठपुतली की तरफ जाने वाले वाहनों को जाम में नहीं फंसना पड़ेगा, जबकि दूसरे शहरों से आने वाले वाहनों का आवागमन भी आसान होगा। एनएच अधिकारियों ने पुल के नई डिजाइन को तैयार करने से पहले सर्वे का काम भी पूरा कर लिया है।
डेढ़ लाख की आबादी को मिलेगा फायदा
एनएच 709 ई की शहरी दायरे से गुजरने वाली सरकुलर रोड को सीसी पैटर्न पर निर्माण के बाद करीब डेढ़ लाख शहरी आबादी को इसका सीधा फायदा मिलेगा, क्योंकि इस मुख्य रास्ते से शहर की अधिकतर कॉलोनियां जुड़ी हैं, जिनके लोगों का आवागमन भी आसान होगा। वहीं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल के रास्ते महाराष्ट्र तक जाने वाले माल ढुलाई वाहनों का आवागमन भी सुगम होगा।
शहर के इन चौराहों पर लगता है जाम
शहर का घंटाघर चौक, हांसी गेट चौक, महम गेट, अग्रसेन चौक अधिकतर वाहनों का जाम लगता है। यहां पर वाहनों का सबसे अधिक दबाव रहता है। शहर का रिंग रोड कहलाने वाला सरकुलर रोड करीब पांच किलोमीटर दायरे में फैला है। इस मार्ग पर हांसी रोड, रोहतक रोड, महम रोड, लोहारू रोड भी जुड़ा है, मगर ज्यादातर वाहन शहर के अंदर ही घूमते हैं। सरकुलर रोड से जुड़ा अंदर की तरफ नया रेलवे ओवरब्रिज लोहारू रेलवे फाटक की बाधा को भी दूर कर देगा और बिना रुके लगातार ट्रैफिक यहां से आवागमन करता रहेगा। (संवाद)
डीपीआर केंद्र को भेजी है
अग्रसेन चौक से हालुवास गेट पुराने लोहारू रेलवे ओवरब्रिज तक करीब चार किलोमीटर लंबी पांच करोड़ की लागत से सीसी पैटर्न पर सड़क बनेगी। इसी तरह करीब 40 करोड़ की लागत से जोगीवाला मंदिर की तरफ से लोहारू रोड अनाज मंडी की तरफ जाने वाला नया रेलवे ओवरब्रिज बनेगा, जिसका डिजाइन तैयार हो चुका है। इसी तरह नया बस स्टैंड से अग्रसेन चौक तक 6 लेन बनाया जाएगा। करीब 60 करोड़ की इन सभी परियोजनाओं का डीपीआर तैयार कर केंद्र को भेजी है।
-चौ. धर्मबीर सिंह, सांसद, भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र।