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Bhiwani News: 20 से 35 साल की आयु में मिल रहा एचआईवी का दर्द
Tue, 07 Nov 2023 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 07 Nov 2023 12:57 AM IST
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भिवानी। असुरक्षित यौन संबंधों में नादानी जिंदगी पर भी भारी पड़ रही है। स्थिति इतनी खराब है कि अब 20 से 35 साल की उम्र में ही एचआईवी का दर्द मिल रहा है। अकेले भिवानी जिले में दो हजार एचआईवी संक्रमित हैं। जिनका अलग-अलग स्टेज का इलाज भी चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग से नियमित दवाइयां और इलाज लेने वाले 338 एचआईवी संक्रमितों को हर माह विभाग की तरफ से 2250 रुपये की पेंशन भी मिल रही है।
पश्चिमी सभ्यता की अंधाधुंध और चकाचौंध में फंसकर युवा पीढ़ी न केवल संस्कारों से दूर हो रही है, बल्कि अनैतिकता की दलदल में फंसकर अनजाने में ही एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों के संक्रमण की चपेट में आ रही है। भिवानी जिले में दो हजार एचआईवी संक्रमित हैं, पिछले साल से मामले करीब डेढ़ गुना ज्यादा बढ़े हैं। एचआईवी संक्रमितों की संख्या से स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई हैं, क्योंकि ये ऐसा संक्रमण है जो एक-दूसरे से असुरक्षित यौन संबंधों के अलावा इंजेक्शन की सूई से भी फैल सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी फील्ड में लग रहे अपने हेल्थ चेकअप केंद्रों में इस तरह के मरीजों की भी पहचान कर रहा है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग एचआईवी संक्रमित स्टेज तीन और स्टेज चार के मरीजों की भी नियमित निगरानी कर उनका उपचार करा रहा है। भिवानी जिले में 338 एचआईवी संक्रमितों को हर माह 2250 रुपये की पेंशन दी जा रही है।
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लगातार पश्चिमी सभ्यता के चलन से युवा आज नैतिकता भी भूल रहे हैं। ऐसे में भारतीय संस्कार और संस्कृति को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। नौंवी कक्षा तक यौन शिक्षा स्कूली स्तर पर अनिवार्य की जाए ताकि बच्चे को ऐसे मामलों में हिचक दूर हो और वे अच्छी तरह इसकी गंभीरता को समझ सकें।
-एडवोकेट मीना जांगड़ा, संस्थापक अध्यक्षा तास्मिता मेमोरियल ट्रस्ट भिवानी।
एचआईवी संक्रमित की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिले में दो हजार एचआईवी पॉजिटिव केस मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार उन्हें उपचार दे रहा है। स्थिति बेहद गंभीर इसलिए भी है कि इसमें 20 साल से 35 साल आयु के अधिक मरीज हैं। जागरूकता और बचाव ही इससे बचने का एक तरीका है। एक लाख 80 हजार से कम आमदनी और हरियाणा के रहने वाले एचआईवी संक्रमित जो विभाग से नियमित इलाज के साथ दवाइयां ले रहे हैं। उन्हें हर माह 2250 रुपये पेंशन भी दी जा रही है। भिवानी में 338 एचआईवी संक्रमित पेंशन के पात्र हैं। जिन्हें इसका लाभ मिल रहा है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।
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पश्चिमी सभ्यता की अंधाधुंध और चकाचौंध में फंसकर युवा पीढ़ी न केवल संस्कारों से दूर हो रही है, बल्कि अनैतिकता की दलदल में फंसकर अनजाने में ही एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों के संक्रमण की चपेट में आ रही है। भिवानी जिले में दो हजार एचआईवी संक्रमित हैं, पिछले साल से मामले करीब डेढ़ गुना ज्यादा बढ़े हैं। एचआईवी संक्रमितों की संख्या से स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई हैं, क्योंकि ये ऐसा संक्रमण है जो एक-दूसरे से असुरक्षित यौन संबंधों के अलावा इंजेक्शन की सूई से भी फैल सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी फील्ड में लग रहे अपने हेल्थ चेकअप केंद्रों में इस तरह के मरीजों की भी पहचान कर रहा है।
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वहीं स्वास्थ्य विभाग एचआईवी संक्रमित स्टेज तीन और स्टेज चार के मरीजों की भी नियमित निगरानी कर उनका उपचार करा रहा है। भिवानी जिले में 338 एचआईवी संक्रमितों को हर माह 2250 रुपये की पेंशन दी जा रही है।
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लगातार पश्चिमी सभ्यता के चलन से युवा आज नैतिकता भी भूल रहे हैं। ऐसे में भारतीय संस्कार और संस्कृति को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। नौंवी कक्षा तक यौन शिक्षा स्कूली स्तर पर अनिवार्य की जाए ताकि बच्चे को ऐसे मामलों में हिचक दूर हो और वे अच्छी तरह इसकी गंभीरता को समझ सकें।
-एडवोकेट मीना जांगड़ा, संस्थापक अध्यक्षा तास्मिता मेमोरियल ट्रस्ट भिवानी।
एचआईवी संक्रमित की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिले में दो हजार एचआईवी पॉजिटिव केस मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार उन्हें उपचार दे रहा है। स्थिति बेहद गंभीर इसलिए भी है कि इसमें 20 साल से 35 साल आयु के अधिक मरीज हैं। जागरूकता और बचाव ही इससे बचने का एक तरीका है। एक लाख 80 हजार से कम आमदनी और हरियाणा के रहने वाले एचआईवी संक्रमित जो विभाग से नियमित इलाज के साथ दवाइयां ले रहे हैं। उन्हें हर माह 2250 रुपये पेंशन भी दी जा रही है। भिवानी में 338 एचआईवी संक्रमित पेंशन के पात्र हैं। जिन्हें इसका लाभ मिल रहा है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।