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Bhiwani News: मंच पर था जिसकी आवाज का इंतजार, वो छोड़ गया संसार
Mon, 18 Sep 2023 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 18 Sep 2023 11:20 PM IST
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कंवरपाल कलिंगा को कार्यक्रम में सम्मानित करते हुए की फाइल फोटो।
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आवाज के जादूगर कलिंगा को लील गया डेंगू का डंक, सोमवार से लगातार तीन दिन तक होने थे लोक गायक कंवरपाल कलिंगा के इलाके में कार्यक्रम
- रोहतक के निजी अस्पताल में डेंगू से 35 वर्षीय कंवरपाल कलिंगा ने सोमवार सुबह तीन बजे दम तोड़ा
- युवा लोक कलाकार की मौत पसरा मातम, अंतिम संस्कार पैतृक गांव कलिंगा में किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। सुरीली आवाज के हमेशा के लिए खामोश होने की खबर सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया। लोग यकीन नहीं कर पा रहे थे कि मंच पर जिंदादिली के साथ गीत और रागनी से हर किसी को अपना बना लेने वाला लोक कलाकार कंवरपाल कलिंगा अब उनके बीच नहीं रहा। डेंगू का डंक आवाज के जादूगर कलिंगा को लील लिया।
कंवरपाल के सोमवार से लगातार तीन दिन तक इलाके में गायन के कार्यक्रम भी निर्धारित हो चुके थे। उन कार्यक्रमों में जब कंवरपाल की मौत की सूचना मिली तो सन्नाटा छा गया। कंवरपाल लोक गायकों में भी काफी मिलनसार और जिंदादिल इंसान थे। हरियाणा के कई कलाकार उसके काफी नजदीकी रहे हैं। यूट्यूब चैनल पर भी उनके गानों की धूम मची है। धार्मिक और देशभक्ति गीतों से भी वे लोगों के अंदर जोश भरते थे। कंवरपाल कलिंगा पिछले दस सालों से उत्तरी भारत में लोक गायक के तौर पर मशहूर रहे हैं। वे धार्मिक आयोजनों, रात्रि जागरण के अलावा रागनी गायन में नामी कलाकारों में शुमार रहे हैं। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव कलिंगा में किया गया। इसमें हरियाणा के लोक कलाकार वीरपाल खरकिया, सुनीता बेबी, सुमन गोस्वामी, अनिल बलंबा, अजमेर बलंबा सहित अनेक कलाकार शामिल हुए।
कंवरपाल के गुरु खजान ने बताया कि उनका शिष्य लोक गायकी में उत्तरी भारत का बढ़िया कलाकार रहा है। उनके अचानक इस तरह चले जाने से भिवानी सहित पूरे प्रदेश ने एक अच्छा कलाकार खो दिया है। खजान सिंह ने बताया कि सिंगर कंवरपाल कलिंगा नाम ये यू ट्यूब पर काफी गाने सोशल मीडिया पर भी खूब सराहे गए हैं वहीं उनके फेसबुक अकाउंट सिंगर कंवरपाल कलिंगा पर भी उनके गानों की अच्छी चर्चा रहती है। उनका प्रसिद्ध गाना क्यूं ढोंग रचा री सै भी समर्थकों में काफी सराहा गया है।
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पांच भाइयों में सबसे छोटा और दो बच्चों का था पिता
गायक कंवरपाल कलिंगा पांच भाईयों में सबसे छोटा था। कंवरपाल के बड़े भाई राजेंद्र ने बताया कि वे पांच भाई हैं, जिनमें सबसे छोटा कंवरपाल था। राजेंद्र ने बताया कि कंवर पाल दो बच्चों का पिता था। उसके दो लड़के, एक 17 और दूसरा 15 साल का है। पत्नी के अलावा परिवार में कंवरपाल की माता मामो देवी हैं। कंवरपाल की अचानक मौत से पूरे परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरा गांव और आसपास के क्षेत्र के लोग एक गायक के अचानक निधन से सदमे में है। कंवर पाल के बड़े भाई राजेंद्र ने बताया कि पहले बुखार आया तो लोकल दवा ली थी, जिसके बाद उसे रोहतक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी प्लेटलेट्स काफी नीचे गिर गई थी और मुंह से भी खून आ गया था। जिसके बाद हालत ज्यादा बिगड़ती चली गई और सोमवार सुबह तीन बले कंवरपाल ने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने उसे डेंगू की पुष्टि की थी।
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सोमवार से लगातार तीन दिनों तक थे इलाके में कंवरपाल के कार्यक्रम
भाई राजेंद्र ने बताया कि कंवरपाल का सोमवार को भी कार्यक्रम था और लगातार तीन दिनों तक उसके इलाके में कार्यक्रम निर्धारित थे। लेकिन अचानक ही वह चल बसा। कंवर पाल ज्यादातर धार्मिक आयोजनों, पारिवारिक कार्यक्रमों के अलावा रागनी गायन कंप्टीशन में भी हिस्सा लेता था। मंडल ने कंवरपाल के निधन से सभी आगामी कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं।
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जिले में डेंगू से हुई दूसरी मौत
भिवानी जिले में डेंगू से मौत का ये दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले शहर के विकास नगर कॉलोनी में ओडिशा मूल की एक महिला की डेंगू से मौत की पुष्टि हुई थी। इसके बाद रोहतक के निजी अस्पताल में भिवानी जिले के गांव कलिंगा निवासी लोक गायक कंवरपाल डेंगू की वजह से मृत्यु का यह दूसरा केस सामने आया है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी गांव कलिंगा में सतर्कता बढ़ा दी है।
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स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के बढ़ रहे मामलों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों से भी अनुरोध किया जा रहा है कि वे हलका या तेज बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेकर अपनी रक्त जांच कराए। अपनी मर्जी से दवा का सेवन न करें। क्योंकि डेंगू होने की सूरत में समय से उपचार बहुत जरूरी है।
-डॉ कृष्ण कुमार उप सिविल सर्जन भिवानी।
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- रोहतक के निजी अस्पताल में डेंगू से 35 वर्षीय कंवरपाल कलिंगा ने सोमवार सुबह तीन बजे दम तोड़ा
- युवा लोक कलाकार की मौत पसरा मातम, अंतिम संस्कार पैतृक गांव कलिंगा में किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। सुरीली आवाज के हमेशा के लिए खामोश होने की खबर सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया। लोग यकीन नहीं कर पा रहे थे कि मंच पर जिंदादिली के साथ गीत और रागनी से हर किसी को अपना बना लेने वाला लोक कलाकार कंवरपाल कलिंगा अब उनके बीच नहीं रहा। डेंगू का डंक आवाज के जादूगर कलिंगा को लील लिया।
कंवरपाल के सोमवार से लगातार तीन दिन तक इलाके में गायन के कार्यक्रम भी निर्धारित हो चुके थे। उन कार्यक्रमों में जब कंवरपाल की मौत की सूचना मिली तो सन्नाटा छा गया। कंवरपाल लोक गायकों में भी काफी मिलनसार और जिंदादिल इंसान थे। हरियाणा के कई कलाकार उसके काफी नजदीकी रहे हैं। यूट्यूब चैनल पर भी उनके गानों की धूम मची है। धार्मिक और देशभक्ति गीतों से भी वे लोगों के अंदर जोश भरते थे। कंवरपाल कलिंगा पिछले दस सालों से उत्तरी भारत में लोक गायक के तौर पर मशहूर रहे हैं। वे धार्मिक आयोजनों, रात्रि जागरण के अलावा रागनी गायन में नामी कलाकारों में शुमार रहे हैं। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव कलिंगा में किया गया। इसमें हरियाणा के लोक कलाकार वीरपाल खरकिया, सुनीता बेबी, सुमन गोस्वामी, अनिल बलंबा, अजमेर बलंबा सहित अनेक कलाकार शामिल हुए।
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कंवरपाल के गुरु खजान ने बताया कि उनका शिष्य लोक गायकी में उत्तरी भारत का बढ़िया कलाकार रहा है। उनके अचानक इस तरह चले जाने से भिवानी सहित पूरे प्रदेश ने एक अच्छा कलाकार खो दिया है। खजान सिंह ने बताया कि सिंगर कंवरपाल कलिंगा नाम ये यू ट्यूब पर काफी गाने सोशल मीडिया पर भी खूब सराहे गए हैं वहीं उनके फेसबुक अकाउंट सिंगर कंवरपाल कलिंगा पर भी उनके गानों की अच्छी चर्चा रहती है। उनका प्रसिद्ध गाना क्यूं ढोंग रचा री सै भी समर्थकों में काफी सराहा गया है।
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पांच भाइयों में सबसे छोटा और दो बच्चों का था पिता
गायक कंवरपाल कलिंगा पांच भाईयों में सबसे छोटा था। कंवरपाल के बड़े भाई राजेंद्र ने बताया कि वे पांच भाई हैं, जिनमें सबसे छोटा कंवरपाल था। राजेंद्र ने बताया कि कंवर पाल दो बच्चों का पिता था। उसके दो लड़के, एक 17 और दूसरा 15 साल का है। पत्नी के अलावा परिवार में कंवरपाल की माता मामो देवी हैं। कंवरपाल की अचानक मौत से पूरे परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरा गांव और आसपास के क्षेत्र के लोग एक गायक के अचानक निधन से सदमे में है। कंवर पाल के बड़े भाई राजेंद्र ने बताया कि पहले बुखार आया तो लोकल दवा ली थी, जिसके बाद उसे रोहतक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी प्लेटलेट्स काफी नीचे गिर गई थी और मुंह से भी खून आ गया था। जिसके बाद हालत ज्यादा बिगड़ती चली गई और सोमवार सुबह तीन बले कंवरपाल ने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने उसे डेंगू की पुष्टि की थी।
सोमवार से लगातार तीन दिनों तक थे इलाके में कंवरपाल के कार्यक्रम
भाई राजेंद्र ने बताया कि कंवरपाल का सोमवार को भी कार्यक्रम था और लगातार तीन दिनों तक उसके इलाके में कार्यक्रम निर्धारित थे। लेकिन अचानक ही वह चल बसा। कंवर पाल ज्यादातर धार्मिक आयोजनों, पारिवारिक कार्यक्रमों के अलावा रागनी गायन कंप्टीशन में भी हिस्सा लेता था। मंडल ने कंवरपाल के निधन से सभी आगामी कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं।
जिले में डेंगू से हुई दूसरी मौत
भिवानी जिले में डेंगू से मौत का ये दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले शहर के विकास नगर कॉलोनी में ओडिशा मूल की एक महिला की डेंगू से मौत की पुष्टि हुई थी। इसके बाद रोहतक के निजी अस्पताल में भिवानी जिले के गांव कलिंगा निवासी लोक गायक कंवरपाल डेंगू की वजह से मृत्यु का यह दूसरा केस सामने आया है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी गांव कलिंगा में सतर्कता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के बढ़ रहे मामलों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों से भी अनुरोध किया जा रहा है कि वे हलका या तेज बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेकर अपनी रक्त जांच कराए। अपनी मर्जी से दवा का सेवन न करें। क्योंकि डेंगू होने की सूरत में समय से उपचार बहुत जरूरी है।
-डॉ कृष्ण कुमार उप सिविल सर्जन भिवानी।