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20 वर्षों बाद बदली जाएंगी जलघरों की मोटरें
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
Updated Wed, 18 Nov 2015 12:59 AM IST
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चरखी दादरी। आखिरकार जनस्वास्थ्य विभाग ने जलघरों में लगी पुराने ढर्रें की मोटरों व पंप की सुध ले ही ली। विभाग अगले 15 दिनों में सभी जलघरों की मोटरें व पंपों को बदलने जा रहा है। इस कार्य पर 35 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
20 वर्षों बाद ली सुध
चरखी दादरी के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के जलघरों में जो मोटरें व पंप लगे हुए हैं, उनमें से ज्यादातर 20 वर्ष पुराने हैं। ये मोटर व पंप पुराने तकनीक की हैं। कई जगह तो मोटरों से पानी उठान की क्षमता भी काफी है, जिससे पानी का दवाब ही नहीं बन पा रहा है। जिस समय यह मोटरें लगी थी, उस समय उस क्षेत्र की आबादी भी काफी कम थी। शहर के कई बूस्टिंग स्टेशनों की हालत तो और भी खराब है। 30 वर्ष पुराना हीरा चौक बूस्टिंग स्टेशन व रोजगार्डन के समीप स्थित बूस्टिंग की मोटरें व पंप सिस्टम खस्ताहाल में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो कई वर्षों से पंपिंग सिस्टम की मरम्मत तक नहीं की गई।
यह होगा फायदा
वर्तमान में कुल जलघरों की संख्या 58 है। इन जलघराें की मोटरें व पंप बदले जाने से पेयजल आपूर्ति में सुधार आएगा। क्योंकि पुरानी मोटरें व पंपसेट होने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही थी। विभाग ने अगले 15 दिनों में सभी जलघरों की मोटरें व पंप बदलने के लक्ष्य को पूरा करने का निर्णय लिया है। विभाग पूरी प्लानिंग के साथ काम शुरू करेगा। विभाग दिसंबर माह से पेयजल आपूर्ति की क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
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वर्जन::::::
विभाग लोगों को 135 लिटर प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता को लेकर प्रयासरत है। इसी उद्देश्य को लेकर विभाग ने यह राशि स्वीकृत की है।
राकेश शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग
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20 वर्षों बाद ली सुध
चरखी दादरी के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के जलघरों में जो मोटरें व पंप लगे हुए हैं, उनमें से ज्यादातर 20 वर्ष पुराने हैं। ये मोटर व पंप पुराने तकनीक की हैं। कई जगह तो मोटरों से पानी उठान की क्षमता भी काफी है, जिससे पानी का दवाब ही नहीं बन पा रहा है। जिस समय यह मोटरें लगी थी, उस समय उस क्षेत्र की आबादी भी काफी कम थी। शहर के कई बूस्टिंग स्टेशनों की हालत तो और भी खराब है। 30 वर्ष पुराना हीरा चौक बूस्टिंग स्टेशन व रोजगार्डन के समीप स्थित बूस्टिंग की मोटरें व पंप सिस्टम खस्ताहाल में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो कई वर्षों से पंपिंग सिस्टम की मरम्मत तक नहीं की गई।
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यह होगा फायदा
वर्तमान में कुल जलघरों की संख्या 58 है। इन जलघराें की मोटरें व पंप बदले जाने से पेयजल आपूर्ति में सुधार आएगा। क्योंकि पुरानी मोटरें व पंपसेट होने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही थी। विभाग ने अगले 15 दिनों में सभी जलघरों की मोटरें व पंप बदलने के लक्ष्य को पूरा करने का निर्णय लिया है। विभाग पूरी प्लानिंग के साथ काम शुरू करेगा। विभाग दिसंबर माह से पेयजल आपूर्ति की क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
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वर्जन::::::
विभाग लोगों को 135 लिटर प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता को लेकर प्रयासरत है। इसी उद्देश्य को लेकर विभाग ने यह राशि स्वीकृत की है।
राकेश शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग