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Bhiwani News: अगले सीजन से पहले बदला जाएगा ड्रेनों का डिजाइन, बढ़ जाएगी क्षमता
Fri, 08 Aug 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 08 Aug 2025 01:15 AM IST
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गांव सांगवान में हुआ जलभराव।
भिवानी। जिले में बरसाती पानी ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। जिससे सबक लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अब अगले मानसून सीजन में बरसाती जलभराव से निपटने के लिए ड्रेनों के डिजाइन में बदलाव की योजना का खाका तैयार किया है। इतना ही नहीं इन ड्रेनों की क्षमता पहले से अधिक बढ़ाई जाएगी, ताकि बारिश के अतिरिक्त पानी को इनके अंदर डाला जा सके।
हालांकि सिंचाई विभाग ने जिले भर में करोड़ों के बजट से करीब 45 किलोमीटर दायरे की पाइप लाइन डाली है जिससे खेतों के पानी को सीधा ड्रेनों में डाला जा सके। हालांकि ये सिस्टम अब काम भी कर रहा है मगर खेतों के पानी के अतिरिक्त दबाव को वर्तमान में ड्रेन नहीं झेल पा रही हैं, जिसकी वजह से अब ड्रेनों की क्षमता बढ़ाने की तरफ अधिकारियों ने ध्यान दिया है।
भिवानी जिले में मानसून की शुरूआत से ही अच्छी बारिश ने जिले के 25 से अधिक गांवों में तबाही मचा दी है। अब 15 से अधिक गांवों में हालात यह है कि तीन से चार फीट बरसाती जलभराव खेतों में है। इसके अलावा आठ से अधिक गांवों की आबादी क्षेत्र तक बारिश का पानी पहुंच कर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। ऐसे हालात में पानी निकासी को लेकर भी जिला प्रशासन की सांसें फूली हैं वहीं सिंचाई अधिकारियों को भी पसीना छूटा है। हालांकि ग्राम पंचायतें भी आबादी क्षेत्र से बरसाती पानी की निकासी कराने में खुद के बूते प्रबंध जुटा रही हैं। जबकि खेतों में बने जलभराव की निकासी सिंचाई विभाग अपने स्तर पर करा रहा है।
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भिवानी-घग्गर ड्रेन जिसकी क्षमता महज 65 से लेकर 100 क्यूसेक तक है। इस पर ही अधिकांश क्षेत्र से बरसाती पानी की निकासी का दारोमदार बना है। जबकि इससे चार संबंधित लिंक ड्रेनें भी हैं, जिनका पानी भी या तो नजदीकी नहरों में डाला जा रहा है या फिर इसी ड्रेन में पहुंच रहा है। ऐसे में तीन से चार बार भिवानी-घग्गर ड्रेन अपने किनारे तोड़ चुकी हैं।
बाढ़ के पानी का सूखाग्रस्त इलाकों में होगा सदुपयोग, भूमिगत जलस्तर भी सुधरेगा : जिले के बवानीखेड़ा, भिवानी और तोशाम खंड के काफी ऐसे गांव हैं जो हर साल बरसाती जलभराव का दंश झेलते हैं। इनमें मुख्य तौर पर गांव मिताथल, धनाना, घुसकानी, गुजरानी, चांग, बलियाली, रामुपुरा, पुर, सिवाड़ा, दांग कलां, दांग खुर्द, बापोड़ा, सागवान, तिगड़ाना सहित अन्य गांव शामिल हैं। इन गांवों में बरसाती पानी की निकासी भिवानी-घग्गर ड्रेन में कराई जा रही है। जिसकी वजह से बरसाती पानी का अतिरिक्त दबाव ड्रेन पर है। भिवानी-घग्गर ड्रेन के अंदर शहर का गंदा पानी भी पहुंच रहा है। संवाद
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हालांकि सिंचाई विभाग ने जिले भर में करोड़ों के बजट से करीब 45 किलोमीटर दायरे की पाइप लाइन डाली है जिससे खेतों के पानी को सीधा ड्रेनों में डाला जा सके। हालांकि ये सिस्टम अब काम भी कर रहा है मगर खेतों के पानी के अतिरिक्त दबाव को वर्तमान में ड्रेन नहीं झेल पा रही हैं, जिसकी वजह से अब ड्रेनों की क्षमता बढ़ाने की तरफ अधिकारियों ने ध्यान दिया है।
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भिवानी जिले में मानसून की शुरूआत से ही अच्छी बारिश ने जिले के 25 से अधिक गांवों में तबाही मचा दी है। अब 15 से अधिक गांवों में हालात यह है कि तीन से चार फीट बरसाती जलभराव खेतों में है। इसके अलावा आठ से अधिक गांवों की आबादी क्षेत्र तक बारिश का पानी पहुंच कर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। ऐसे हालात में पानी निकासी को लेकर भी जिला प्रशासन की सांसें फूली हैं वहीं सिंचाई अधिकारियों को भी पसीना छूटा है। हालांकि ग्राम पंचायतें भी आबादी क्षेत्र से बरसाती पानी की निकासी कराने में खुद के बूते प्रबंध जुटा रही हैं। जबकि खेतों में बने जलभराव की निकासी सिंचाई विभाग अपने स्तर पर करा रहा है।
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भिवानी-घग्गर ड्रेन जिसकी क्षमता महज 65 से लेकर 100 क्यूसेक तक है। इस पर ही अधिकांश क्षेत्र से बरसाती पानी की निकासी का दारोमदार बना है। जबकि इससे चार संबंधित लिंक ड्रेनें भी हैं, जिनका पानी भी या तो नजदीकी नहरों में डाला जा रहा है या फिर इसी ड्रेन में पहुंच रहा है। ऐसे में तीन से चार बार भिवानी-घग्गर ड्रेन अपने किनारे तोड़ चुकी हैं।
बाढ़ के पानी का सूखाग्रस्त इलाकों में होगा सदुपयोग, भूमिगत जलस्तर भी सुधरेगा : जिले के बवानीखेड़ा, भिवानी और तोशाम खंड के काफी ऐसे गांव हैं जो हर साल बरसाती जलभराव का दंश झेलते हैं। इनमें मुख्य तौर पर गांव मिताथल, धनाना, घुसकानी, गुजरानी, चांग, बलियाली, रामुपुरा, पुर, सिवाड़ा, दांग कलां, दांग खुर्द, बापोड़ा, सागवान, तिगड़ाना सहित अन्य गांव शामिल हैं। इन गांवों में बरसाती पानी की निकासी भिवानी-घग्गर ड्रेन में कराई जा रही है। जिसकी वजह से बरसाती पानी का अतिरिक्त दबाव ड्रेन पर है। भिवानी-घग्गर ड्रेन के अंदर शहर का गंदा पानी भी पहुंच रहा है। संवाद