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Bhiwani News: पोर्टल पर दर्ज गरीबों का हर माह बदल रहा आंकड़ा, डिपो पर बिगड़ा राशन आवंटन का शेड्यूल

Thu, 27 Jul 2023 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 27 Jul 2023 12:12 AM IST
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The data of the poor registered on the portal is changing every month, the schedule of allocation of ration at the depot is disturbed
राशन ​​न मिलने पर रोष जताते नागरिक। 
भिवानी। मानव संसाधन विभाग के पोर्टल पर हर माह गरीबों का आंकड़ा बदल रहा है। इसकी वजह से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के डिपो पर राशन आवंटन के शेड्यूल को बिगाड़ दिया है। राशन की हर माह आवंटित में राशन डिपो पर भेजे गए राशन में 35 फीसदी राशन आवंटन से कम पहुंच रहा है। इसको लेकर पात्र परिवार भी डिपो के चक्कर लगाकर थक चुके हैं।
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फैमिली आईडी में जैसे ही आमदनी बढ़ी कि बीपीएल परिवार स्वत: सूची से बाहर हो जाता है। इससे राशन वितरण में भी भारी परेशानी आ रही है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनके हाथ में अब राशन आवंटन का सिस्टम नहीं है, क्योंकि राशन की अलॉटमेंट मुख्यालय के समक्ष बीपीएल परिवारों के डाटा के हिसाब से हो रही है। वहीं पात्र परिवारों का कहना है कि डिपो पर पहुंचने से पहले ही राशन खत्म हो गया है। महीने भर इंतजार किया फिर भी अब हाथ खाली है।
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भिवानी जिले में तीन लाख 16 हजार से अधिक फैमिली आईडी बन चुकी हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख परिवार बीपीएल परिवारों की सूची में शामिल हैं। बीपीएल परिवारों का ये आंकड़ा हर माह घट और बढ़ रहा है। फैमिली आईडी में आमदनी से जुड़ी करीब 35 हजार से अधिक शिकायतें भी जिला मानव संसाधन विभाग के पास पहुंच चुकी हैं। इनके निवारण होने पर ही पात्र को फिर से योजना का लाभ मिलना शुरू होता है।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा वितरण प्रणाली के तहत पॉश मशीन के जरिये डिपो पर पात्र परिवारों को प्रति सदस्य पांच किलोग्राम गेहूं मिलता है। जबकि अंत्योदय परिवारों को 35 किलोग्राम गेहूं हर माह दिया जा रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग जिला वार डिपो पर राशन आवंटन की एक माह पहले अग्रिम आवंटित राशन भेजता है। उस माह अगर गरीब परिवार बढ़ते हैं तो उन्हें राशन डिपो पर राशन देना संभव नहीं है, क्योंकि डिपो पर पुराने बीपीएल परिवारों की आवंटन के हिसाब से राशन दिया गया है। संवाद

अलॉट गेहूं से 35 फीसदी पहुंच रहा गेहूं, डिपो धारकों में बना असमंजस
दिनोद रोड क्षेत्र के डिपो धारक विनोद ने बताया कि उसके डिपो पर 195 क्विंटल गेहूं आवंटित है। जबकि उसके डिपो पर विभाग की तरफ से 110 क्विंटल गेहूं भेजा गया है। 35 फीसदी पात्र परिवारों को जुलाई माह का राशन नहीं बांटा जा सका है। इसकी वजह पुराने आवंटन के हिसाब से नए पात्र परिवार राशन से वंचित हैं। जबकि कुछ पुराने परिवारों का राशन नहीं बंट पाया है। इससे डिपो संचालकों में भी असमंजस बना है।

परिवार में नहीं आमदनी का कोई स्थायी जरिया, फिर भी नहीं मान रहे हमें गरीब
दिनोद रोड निवासी माया, कलावती, बिमला, श्यामलाल ने बताया कि परिवार का गुजर बसर मेहनत मजदूरी कर करते हैं। आमदनी का कोई स्थायी जरिया नहीं है। फिर भी हमें गरीब नहीं माना जा रहा है। कई सालों से हमारा बीपीएल राशन कार्ड बना था, अब डिपो की पॉश मशीन में नाम तक नहीं दर्शा रहा है। पूरे माह राशन के लिए टकटकी लगाए रहते हैं। आक्रोशित लोगों ने दिनोद रोड के डिपो पर भी नारेबाजी कर रोष जताया।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत राशन वितरण प्रणाली में 2017 के बाद डिपो पर राशन आवंटन चंडीगढ़ मुख्यालय से ही किया जाता है। बीपीएल परिवारों की सूची जिला मानव संसाधन विभाग से जुड़ी हैं, जिनमें फेरबदल होता रहता है। एक माह पहले राशन का आवंटन कर गेहूं डिपो पर भेजा जाता है, ताकि उसका समय से वितरण हो सके। हमारे पर डिपो पर राशन कम पहुंचने की शिकायतें आ रही हैं, इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।

-मुकेश कुमार, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, भिवानी परचेज सेंटर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग।
जिले में प्रत्येक परिवार की फैमिली आईडी बन चुकी है। जिन परिवारों की आमदनी एक लाख या फिर एक लाख 80 हजार से कम हैं, वे सभी बीपीएल परिवारों की श्रेणी में शामिल हैं। अगर किसी परिवार की आमदनी किसी वजह से बढ़ती है तो स्वत: वह बीपीएल सूची से बाहर कर दिया जाता है। ये डाटा विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेट होता रहता है। जिन परिवारों की तरफ से शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं, उनकी वेरिफिकेशन विभाग कराता है। अगर शिकायत वाजिब है तो उसे दुरुस्त कर फिर से बीपीएल सूची में परिवार को शामिल कर दिया जाता है।
-खुशवंत सिंह, प्रबंधक, जिला मानव संसाधन विभाग, भिवानी।
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