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Bhiwani News: गोशाला की दीवार तोड़ने के मामले में न्यायालय ने प्रशासन की कार्रवाई पर लगाई रोक
Thu, 19 Oct 2023 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 19 Oct 2023 10:55 PM IST
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न्यायालय में केस की पैरवी के लिए 55 हजार रुपये के चैक को गोशाला ट्रस्ट प्रधान मोहनलाल अग्रवाल
भिवानी।
कुछ अर्से पहले जिला प्रशासन की ओर से ग्राम पंचायत के रास्ते से अवैध कब्जा हटवाने के दौरान महम रोड गोशाला की तोड़ी गई दीवार मामले में वीरवार को न्यायालय ने प्रशासन की कार्रवाई पर रोक के आदेश दिए हैं। वहीं गोशाला को क्षतिग्रस्त ठीक कराने के लिए भी कहा है। वहीं गोशाला ट्रस्ट की तरफ से प्रशासन पर दीवार तोड़कर गोशाला की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर एक करोड़ हर्जाना भी मांगा है।
अधिवक्ता मुकेश खरकिया के माध्यम से श्री गोशाला ट्रस्ट ने न्यायाधीश अमित गौतम की अदालत में केस दायर किया। इस मामले में प्रशासन द्वारा गैर कानूनी ढंग से महम गेट स्थित गोशाला की दीवार ध्वस्त कराए जाने पर दलील दी गई। वहीं प्रशासन पर एक करोड़ रुपये क्षतिग्रस्त हर्जाना दिलाए जाने का क्लेम किया। अदालत ने दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद इस मामले में सरकार की कार्रवाई पर रोक लगा दी और गोशाला को पुन: दीवार निर्माण कराने की अनुमति दी।
गोशाला प्रबंधन की ओर से केस की पैरवी करने के लिए मुकेश खरकिया को दी गई 55 हजार रुपये की राशि का चेक भी गोशाला में दान दे दिया और अपनी फीस के रूप में एक रुपया लिया। न्यायालय के इस फैसले पर संतोष जताते हुए श्रीगोशाला ट्रस्ट प्रधान मोहनलाल अग्रवाल ने कहा कि सरकार की तरफ से जिला प्रशासन ने नाजायज कब्जा हटाने की आड में गोशाला की कई साल पुरानी दीवार को जेसीबी से तोड़ डाला और हजारों गायों से आसरा छीन लिया। जबकि यहां कोई अतिक्रमण या अवैध कब्जा नहीं था। प्रशासन ने इस कार्रवाई से पहले कोई नोटिस भी नहीं दिया था। गोशाला ट्रस्ट प्रधान मोहनलाल अग्रवाल ने बताया कि प्रबंधन क्षतिग्रस्त दीवार का पुन: निर्माण जल्द कराएगा और नाजायज कार्रवाई करने वाले अधिकारियों से भी एक करोड़ हर्जाना वसूले जाने की मांग की गई है।
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कुछ अर्से पहले जिला प्रशासन की ओर से ग्राम पंचायत के रास्ते से अवैध कब्जा हटवाने के दौरान महम रोड गोशाला की तोड़ी गई दीवार मामले में वीरवार को न्यायालय ने प्रशासन की कार्रवाई पर रोक के आदेश दिए हैं। वहीं गोशाला को क्षतिग्रस्त ठीक कराने के लिए भी कहा है। वहीं गोशाला ट्रस्ट की तरफ से प्रशासन पर दीवार तोड़कर गोशाला की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर एक करोड़ हर्जाना भी मांगा है।
अधिवक्ता मुकेश खरकिया के माध्यम से श्री गोशाला ट्रस्ट ने न्यायाधीश अमित गौतम की अदालत में केस दायर किया। इस मामले में प्रशासन द्वारा गैर कानूनी ढंग से महम गेट स्थित गोशाला की दीवार ध्वस्त कराए जाने पर दलील दी गई। वहीं प्रशासन पर एक करोड़ रुपये क्षतिग्रस्त हर्जाना दिलाए जाने का क्लेम किया। अदालत ने दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद इस मामले में सरकार की कार्रवाई पर रोक लगा दी और गोशाला को पुन: दीवार निर्माण कराने की अनुमति दी।
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गोशाला प्रबंधन की ओर से केस की पैरवी करने के लिए मुकेश खरकिया को दी गई 55 हजार रुपये की राशि का चेक भी गोशाला में दान दे दिया और अपनी फीस के रूप में एक रुपया लिया। न्यायालय के इस फैसले पर संतोष जताते हुए श्रीगोशाला ट्रस्ट प्रधान मोहनलाल अग्रवाल ने कहा कि सरकार की तरफ से जिला प्रशासन ने नाजायज कब्जा हटाने की आड में गोशाला की कई साल पुरानी दीवार को जेसीबी से तोड़ डाला और हजारों गायों से आसरा छीन लिया। जबकि यहां कोई अतिक्रमण या अवैध कब्जा नहीं था। प्रशासन ने इस कार्रवाई से पहले कोई नोटिस भी नहीं दिया था। गोशाला ट्रस्ट प्रधान मोहनलाल अग्रवाल ने बताया कि प्रबंधन क्षतिग्रस्त दीवार का पुन: निर्माण जल्द कराएगा और नाजायज कार्रवाई करने वाले अधिकारियों से भी एक करोड़ हर्जाना वसूले जाने की मांग की गई है।
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