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Bhiwani News: एक रेडियोग्राफर के कंधे पर 90 मरीजों की एक्सरे जांच का बोझ

Sun, 01 Jun 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sun, 01 Jun 2025 01:04 AM IST
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The burden of X-ray examination of 90 patients falls on the shoulders of a radiographer
बवानीखेड़ा के नागरिक अस्पताल में मरीज का एक्सरे करते कर्मचारी।
भिवानी। कस्बा बवानीखेड़ा स्थित सामान्य अस्पताल में एक्सरे जांच कक्ष बदहाली के आंसू बहा रहा है। एक्सरे कक्ष की छतों में दरार आ चुकी हैं। बारिश के समय पानी टपकने लगता है। कर्मचारी स्वयं के खर्च पर छत की मरम्मत करवा कर काम चला रहे हैं। वहीं अस्पताल में एक्सरे जांच करने के लिए रेडियोग्राफर के दो पद स्वीकृत हैं। लेकिन एक पद खाली है। इस कारण एक रेडियोग्राफर के कंधे पर ही जांच करने का भार रहता है। अगर रेडियोग्राफर किसी कारणवश अवकाश पर जाता है, तो एक्सरे जांच को बंद करना पड़ता है। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 90 मरीज एक्सरे जांच करवाने आते हैं। इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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शनिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने अस्पताल के एक्सरे कक्ष का दौरा किया। इस दौरान सबसे पहले टीम ने एक्सरे कक्ष के हालात का जायजा लिया। लोगों ने बताया कि कस्बे में कोई हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसके अलावा अस्पताल में दर्द निवारक जेल नहीं है। एक्सरे कक्ष में जांच करवाने जाते हैं, तो वहां कक्ष की छत जर्जर हाल में है। अस्पताल में कर्मचारियों की भी कमी है। इस कारण अवकाश वाले दिन एक्सरे जांच को बंद करना पड़ता है। कक्ष के बाहर भीड़ बढ जाती है तो मरीजों के बैठने के लिए कुर्सी कम रह जाती है। मरीजों ने प्रशासन से अस्पताल में सुविधा बढ़ाने की मांग की है।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद भी है खाली
सामान्य अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद भी खाली है। किसी भी आपातकालीन स्थिति के समय में भी मरीजों को भिवानी रेफर किया जाता है। इसके अलावा बदलती जीवनशैली के कारण शरीर दर्द, जोड़ों के दर्द की समस्या भी लोगों में बढ़ रही है। लेकिन विशेषज्ञ नहीं होने के चलते सटीक इलाज मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। कस्बे के सैकड़ों युवा आर्मी भर्ती व खेलों का अभ्यास करते हैं। ऐसे में दर्द व हड्डी रोग संबंधित समस्याओं के लिए खिलाड़ियों को भी परेशानी होती है। अगर कस्बे में हड्डी रोग विशेषज्ञ की व्यवस्था होती है तो खिलाड़ियों के साथ ही बुजुर्गों को भी दर्द के परामर्श के लिए नजदीकी शहरों की तरफ नहीं जाना पड़ेगा।
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90 मरीज आते हैं एक्सरे जांच करवाने
अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 90 मरीज एक्सरे जांच करवाने के लिए आते हैं। इसमें से ज्यादातर मरीज शरीर दर्द, जोड़ों के दर्द, चोट लगने के कारण होने वाले दर्द से परेशान रहते हैं। वहीं अस्पताल में 2014 में एक्सरे जांच मशीन लगाई गई थी। मशीन लगे 11 साल का समय हो चुका है। संभावना जताई जा रही है कि नए भवन के निर्माण के बाद आधुनिक सुविधाओं युक्त मशीन व रेडियोग्राफर की सुविधा भी बढ़ जाएगी।

सामान्य अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है। शरीर दर्द की समस्या वर्तमान समय में आम हो गई है। लेकिन कस्बे के सामान्य अस्पताल में दर्द का इलाज करने के लिए कोई हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है। इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल की सभी छतों का बुरा हाल है। बारिश के समय पानी टपकता रहता है। शौचालयों में जाए तो वहां की हालात दम तोड़ चुकी है। दर्द के मरीजों को बैठने-उठने में परेशानी होती है। ऐसे में शौचालयों में अंग्रेजी सीट की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल प्रशासन को इस और ध्यान देना चाहिए।

- विशाल, नागरिक, बवानीखेड़ा।

अस्पताल भवन निर्माण के लिए मांग पत्र भेज रखा है। मेडिकल ऑफिसर के सभी 11 पद भरे हुए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों की मांग उच्चाधिकारियों को कर रखी है। भवन निर्माण के साथ सभी सुविधाएं भी बढ़ जाएगी। लेकिन हमारा प्रयास ये रहता है कि किसी मरीज को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। हम उसके लिए प्रयास कर रहे हैं।
-डॉ. ज्योति कपूर, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, सामान्य अस्पताल बवानीखेड़ा।
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