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Bhiwani News: बम की धमकी से मची अफरा-तफरी
Fri, 23 Jan 2026 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 23 Jan 2026 02:22 AM IST
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बम की सूचना पर लघु सचिवालय की छत पर सर्च अभियान चलाते पुलिस कर्मी।
भिवानी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अधिकारिक ईमेल पर भेजी गई जिला न्यायालय को बम से उड़ा देने की धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई। खुफिया एजेंसियों से लेकर सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने जिला न्यायालय परिसर के एक-एक कोर्ट रूम से लेकर छत और खुले में पड़े कबाड़ तक को खंगाल डाला, मगर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
हालांकि कोर्ट को बम से उड़ा देने की धमकी के बावजूद भी जिला न्यायालय परिसर में लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तरह बनी रही वहीं अधिवक्ता चैंबर्स परिसर में भी काफी भीड़ जुटी रही।
मौके पर पहुंचे डीसीपी क्राइम भिवानी अनूप कुमार ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ करीब ढाई से तीन घंटे तक चले विशेष सर्च अभियान के बाद किसी भी तरह की कोई संदिग्ध या विस्फोटक वस्तु नहीं मिलने की पुष्टि की और जिला न्यायालय परिसर की सुरक्षा को बढ़ाने की बात कही। वहीं जिला बार एसोसिएशन की तरफ से भी जिला न्यायालय में बम से उड़ाने की धमकी के मामले में पुलिस व जिला प्रशासन से ठोस कदम उठाए जाने की मांग की।
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वीरवार सुबह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की तरफ से सूचना दी गई थी। जिसमें न्यायाधीश की तरफ से पुलिस को यह बताया गया था कि उनकी आधिकारिक ईमेल पर जिला न्यायालय को बम से उड़ा देने की धमकी दी गई है। इस सूचना ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया।
करीब साढ़े दस बजे के बाद ही पुलिस के विभिन्न एजेंसियों को अलर्ट किया गया और फिर संयुक्त टीमें जिला न्यायालय परिसर में पहुंची। इसके बाद एक-एक कर जिला न्यायालय परिसर का चप्पा-चप्पा में छानबीन और डॉग स्क्वायड एवं बम निरोधक दस्ता रेवाड़ी की मदद से सर्च अभियान चलाया गया। जिला न्यायालय के सभी मुख्य गेटों पर सतर्कता बढ़ा दी गई। पहले से तैनात सुरक्षा जवानों ने अधिवक्ताओं और न्यायालय में आने वाले लोगों की मेटल डिटेक्टर से जांच की। न्यायालय परिसर में पूछताछ के बाद ही अंदर प्रवेश दिया गया।
ये है लघु सचिवालय और जिला न्यायालय का दायरा
लघु सचिवालय और जिला न्यायालय परिसर करीब दस एकड़ दायरे में फैला हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से जिला न्यायालय के मुख्य गेट एक से ही अधिवक्ताओं और फरियादियों को प्रवेश दिया जा रहा है। जबकि न्यायाधीशों के लिए अलग से गेट बना हुआ है। जिसमें किसी भी अन्य को प्रवेश की अनुमति नहीं है। इस गेट के बाहर भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त हैं और पूरे जिला न्यायालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जिनमें सभी गलियारे, सीढि़यां और आसपास के परिसर को भी सुरक्षा के लिहाज से कवर किया हुआ है। हालांकि बंदियों को कोर्ट में परिसर से पेश के लिए भी अलग से जगह चिह्नित हैं। इसी तरह लघु सचिवालय का भी मुख्य गेट एक से ही प्रशासनिक अधिकारी आते हैं। इस गेट पर भी सुरक्षा गार्द तैनात की गई है। जबकि लघु सचिवालय के पिछले हिस्से यानी एलआईसी रोड और स्टेडियम रोड की तरफ गेट पर कोई सुरक्षा नहीं है। यहां आम आदमी के अलावा सरकारी कर्मचारी भी आवाजाही करते हैं और वाहनों की पार्किंग स्थल भी बने हैं। यहां पर सीसीटीवी कैमरे भी अंदर ही लगे हैं।
जिला बार एसोसिएशन की तरफ से जिला न्यायालय को बम से उड़ा देने की धमकी देने के स्रोत का पता लगाकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। अधिवक्ताओं से भी किसी भी अफवाह पर कोई ध्यान नहीं देने का अनुरोध किया गया है। जिला न्यायालय के गेट नंबर एक पर पहले भी सुरक्षा के लिहाज से अधिवक्ताओं और आम फरियादियों के लिए अलग-अलग गेट की मांग उठाई गई है। हालांकि ये मांग स्वीकार हो चुकी है। जिस पर जल्द ही कदम उठाया जाएगा। जिला प्रशासन से जिला न्यायालय परिसर के गेट नंबर एक पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने की भी मांग रखी जा चुकी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर बारीकी से नजर रखने के लिए अधिवक्ता चैंबर्स परिसर के आसपास और जिला न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ाई जाए।
-एडवोकेट संदीप तंवर अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन भिवानी।
जिला न्यायालय परिसर को बम से उड़ा देने की धमकी जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अधिकारिक ईमेल के जरिए दी गई है। पुलिस इसके स्रोत की जांच में जुटी है वहीं जिला न्यायालय परिसर में व्यापक स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों के अलावा बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड टीम के साथ सर्च अभियान चलाया गया है। इस दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। जिला न्यायालय परिसर के आसपास सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी गई है। वहीं खुफिया एजेंसी भी नजर बनाए हुए है।
-अनूप कुमार, डीसीपी क्राइम भिवानी।
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हालांकि कोर्ट को बम से उड़ा देने की धमकी के बावजूद भी जिला न्यायालय परिसर में लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तरह बनी रही वहीं अधिवक्ता चैंबर्स परिसर में भी काफी भीड़ जुटी रही।
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मौके पर पहुंचे डीसीपी क्राइम भिवानी अनूप कुमार ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ करीब ढाई से तीन घंटे तक चले विशेष सर्च अभियान के बाद किसी भी तरह की कोई संदिग्ध या विस्फोटक वस्तु नहीं मिलने की पुष्टि की और जिला न्यायालय परिसर की सुरक्षा को बढ़ाने की बात कही। वहीं जिला बार एसोसिएशन की तरफ से भी जिला न्यायालय में बम से उड़ाने की धमकी के मामले में पुलिस व जिला प्रशासन से ठोस कदम उठाए जाने की मांग की।
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वीरवार सुबह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की तरफ से सूचना दी गई थी। जिसमें न्यायाधीश की तरफ से पुलिस को यह बताया गया था कि उनकी आधिकारिक ईमेल पर जिला न्यायालय को बम से उड़ा देने की धमकी दी गई है। इस सूचना ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया।
करीब साढ़े दस बजे के बाद ही पुलिस के विभिन्न एजेंसियों को अलर्ट किया गया और फिर संयुक्त टीमें जिला न्यायालय परिसर में पहुंची। इसके बाद एक-एक कर जिला न्यायालय परिसर का चप्पा-चप्पा में छानबीन और डॉग स्क्वायड एवं बम निरोधक दस्ता रेवाड़ी की मदद से सर्च अभियान चलाया गया। जिला न्यायालय के सभी मुख्य गेटों पर सतर्कता बढ़ा दी गई। पहले से तैनात सुरक्षा जवानों ने अधिवक्ताओं और न्यायालय में आने वाले लोगों की मेटल डिटेक्टर से जांच की। न्यायालय परिसर में पूछताछ के बाद ही अंदर प्रवेश दिया गया।
ये है लघु सचिवालय और जिला न्यायालय का दायरा
लघु सचिवालय और जिला न्यायालय परिसर करीब दस एकड़ दायरे में फैला हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से जिला न्यायालय के मुख्य गेट एक से ही अधिवक्ताओं और फरियादियों को प्रवेश दिया जा रहा है। जबकि न्यायाधीशों के लिए अलग से गेट बना हुआ है। जिसमें किसी भी अन्य को प्रवेश की अनुमति नहीं है। इस गेट के बाहर भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त हैं और पूरे जिला न्यायालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जिनमें सभी गलियारे, सीढि़यां और आसपास के परिसर को भी सुरक्षा के लिहाज से कवर किया हुआ है। हालांकि बंदियों को कोर्ट में परिसर से पेश के लिए भी अलग से जगह चिह्नित हैं। इसी तरह लघु सचिवालय का भी मुख्य गेट एक से ही प्रशासनिक अधिकारी आते हैं। इस गेट पर भी सुरक्षा गार्द तैनात की गई है। जबकि लघु सचिवालय के पिछले हिस्से यानी एलआईसी रोड और स्टेडियम रोड की तरफ गेट पर कोई सुरक्षा नहीं है। यहां आम आदमी के अलावा सरकारी कर्मचारी भी आवाजाही करते हैं और वाहनों की पार्किंग स्थल भी बने हैं। यहां पर सीसीटीवी कैमरे भी अंदर ही लगे हैं।
जिला बार एसोसिएशन की तरफ से जिला न्यायालय को बम से उड़ा देने की धमकी देने के स्रोत का पता लगाकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। अधिवक्ताओं से भी किसी भी अफवाह पर कोई ध्यान नहीं देने का अनुरोध किया गया है। जिला न्यायालय के गेट नंबर एक पर पहले भी सुरक्षा के लिहाज से अधिवक्ताओं और आम फरियादियों के लिए अलग-अलग गेट की मांग उठाई गई है। हालांकि ये मांग स्वीकार हो चुकी है। जिस पर जल्द ही कदम उठाया जाएगा। जिला प्रशासन से जिला न्यायालय परिसर के गेट नंबर एक पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने की भी मांग रखी जा चुकी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर बारीकी से नजर रखने के लिए अधिवक्ता चैंबर्स परिसर के आसपास और जिला न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ाई जाए।
-एडवोकेट संदीप तंवर अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन भिवानी।
जिला न्यायालय परिसर को बम से उड़ा देने की धमकी जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अधिकारिक ईमेल के जरिए दी गई है। पुलिस इसके स्रोत की जांच में जुटी है वहीं जिला न्यायालय परिसर में व्यापक स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों के अलावा बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड टीम के साथ सर्च अभियान चलाया गया है। इस दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। जिला न्यायालय परिसर के आसपास सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी गई है। वहीं खुफिया एजेंसी भी नजर बनाए हुए है।
-अनूप कुमार, डीसीपी क्राइम भिवानी।