फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   symposium, police, dgp, drug, number, prevent, bhiwani

अवैध शराब की बिक्री से परेशान पंचायतों ने डीजीपी के समक्ष लगाई शिकायतों की झड़ी

Sun, 14 Aug 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Sun, 14 Aug 2016 12:09 AM IST
विज्ञापन
symposium, police, dgp, drug, number, prevent, bhiwani
सेमिनार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पंचायत सदस्यों से मिलने पहुंचे डीजीपी के समक्ष विभिन्न गांवों के लोगों ने शराब की अवैध बिक्री की समस्या की झड़ी लगाई। डीजीपी ने ग्राम पंचायतों को पंचायत स्तर पर नशा रोकने का संदेश दिया तो पुलिस स्तर पर निपटाने के लिए अपना और पुलिस अधीक्षक का नंबर देते हुए मैसेज करने की बात कही। साथ ही कहा कि तुरंत कार्रवाई करते हुए रेड होगी।
विज्ञापन


शनिवार को रोहतक रोड स्थित एक रिसोर्ट में पंचायती राज में पुलिस की भूमिका विषय पर हुए सेमिनार में डीजीपी केपी सिंह मुख्यातिथि रहे। सेमिनार में बैठे सभी पंचायत प्रतिनिधियों को पर्चियां देकर उनके नाम, गांव का नंबर नोट करने के साथ समस्या या पुलिस से संबंधित प्रश्न पूछने के लिए कहा तो समारोह में करीब 150 से अधिक लोगों ने पर्चियां बनाई। जिनमें अधिकतर ने गांव में शराब की अवैध बिक्री, शराब का ठेका गांव से बाहर करवाने से संबंधित रही। डीजीपी ने भी इसी से शुरुआत करते हुए आंकड़े दिखाते हुए नशाखोरी की भयावहता दिखाई। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों 12वीं पास का पंचवर्षीय लॉ कोर्स में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों से बातचीत की तो किसी जगह 40 फीसदी तो किसी जगह 30 फीसदी बच्चे नशे की गिरफ्त में हैं। औसतन हर प्रदेश में 22 फीसदी बच्चे नशा कर रहे है। इसके अलावा करीब 50 फीसदी युवा नशे की गिरफ्त में हैं। इसके लिए माता-पिता, शिक्षक व पड़ोसी जिम्मेदार हैं।
विज्ञापन


नशे की लत को पूरा करने के लिए युवा अपराध की दलदल में फंसता है। उन्होंने इंटरनेट, वाट्सअप, फेसबुक को भी इसका जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इनका सही प्रयोग करे तो बहुत फायदेमंद है। उन्होंने अपना नंबर देते हुए कहा कि अगर आपके आसपास नशे की तस्करी या अवैध बिक्री हो रही है तो 941004464 पर एसएमएस करें। तुरंत रेड होगी। इस नंबर पर मैसेज करने से पहले एसपी के नंबर 8814011400 पर मैसेज करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

कार्यक्रम को उपायुक्त पंकज, पुलिस अधीक्षक प्रतीक्षा गोदारा, जिला  परिषद चेयरमैन रमेश ओला, जिला पार्षद डॉ. किरण कलकल, लाल सिंह तंवर, परमजीत  मड्डू, दलबीर गांधी ने भी अपने विचार रखे। समारोह में अतिरिक्त पुलिस  अधीक्षक फूल कुमार, उप पुलिस अधीक्षक चंद्रपाल, सुरेश हुड्डा, विजय देशवाल,  कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे। सम्मेलन से पहले उन्होंने पुलिस अधिकारियों की  बैठक ली और नशा रोकने और अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए।

सच छिपाना एक दिन पड़ता है भारी
ग्रामीण स्तर पर बढ़ते विवादों पर उन्होंने कहा कि  सच को छिपाकर अन्याय का साथ देना एक ना एक दिन खुद पर भी भारी पड़ता है। अपराधी चाहे कोई भी हो, उसकी जगह सलाखों के पीछे है। अधिकतर विवाद ऐसे होते है, जिन्हें गांव स्तर पर निपटाया जा सकता है। गलत काम करने वाले का सामाजिक बहिष्कार या उससे दूरी बनाना बड़ी सजा है। उन्होंने कहा कि पंच और सरपंच गांव की आत्मा होते हैं।

अपराधी को न मिले शरण: सांसद
सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि गांवों में सामाजिक और पंचायती फैसले ज्यादा कारगर साबित होते है। पहले कोर्ट, तहसील में ज्यादा भीड़ नहीं लगती थी। फैसले गांव स्तर पर होते थे। ग्रामीणों को आपसी झगड़े को दरकिनार करके विकास की सोच रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों में पुलिस का खौफ जरूरी है और अपराधियों को कहीं भी शरण नहीं मिलनी चाहिए।

मुंशी मंगवाते हैं कागज, थानों के लिए खोलो तिजोरी
कांग्रेसी नेता परमजीत सिंह मड्डू ने सेमिनार में डीजीपी से थानों के लिए भी खजाना खोलने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि थाने में एफआईआर की कॉपी लेने जाए तो मुंशी पहले कागज मंगवाता है। इसमें मुंशी की गलती नहीं मगर उनके पास संशाधन ही नहीं। इसके लिए थानों में पैन, पेज आदि सुविधाएं दी जानी चाहिए।


साउंड सिस्टम बना परेशानी
कार्यक्रम की शुरुआत में करीब आधे घंटे तक साउंड सिस्टम परेशानी बना रहा। आवाज साफ और शोर ज्यादा होने के चलते पहले एएसपी और फिर एसपी साउंड ठीक कराने पहुंचे। डीजीपी स्वयं भी उठकर कर्मचारियों के पास पहुंचे और एसी बंद करवाए। बाद में पता लगा कि वोल्टेज ज्यादा होने के कारण समस्या बनी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed