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Bhiwani News: सेठ मूलचंद झील के झूले बारिश के पानी में डूबे, लोगों का भ्रमण भी हुआ बंद
Tue, 11 Jul 2023 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 11 Jul 2023 11:08 PM IST
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झील के पास बने पार्क में बारिश के कारण हुए जलभराव से डूबे बच्चो के झूले।
भिवानी। दिनोद गेट खाकी बाबा मंदिर के समीप सेठ मूलचंद झील में बच्चों के लिए लगे झूले बारिश के पानी में डूब चुके हैं। वहीं अब लोगों का भ्रमण भी बंद हो गया है। झील में बारिश का पानी ओवरफ्लो होकर आसपास की हरियाली में भी जमा हो गया है। इससे चंदा एकत्रित कर लोगों द्वारा लगाए गए पौधे भी अब चौपट हो गए हैं।
वहीं सिद्ध पीठ लाल महादेव अखाड़े वाला मंंदिर में भगवान का दर भी बारिश के पानी से तरबतर हो गया है। नगर परिषद के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पिछले साल यहां पानी की निकासी के लिए पंप की व्यवस्था कराने का दावा किया था, मगर यहां पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हुई। इसकी वजह से यहां बाढ़ जैसे हालात बने हैं।झील के आसपास के इलाके में भी जलभराव हो गया है। इससे लोगों को भी पुरानी मंदिरों के ढहने की आशंका सताने लगी है।
नगर परिषद ने लाखों रुपयों का बजट खर्च कर कुछ साल पहले शहर के प्राचीन जोहड़ों को झील में तबदील किया था। इसी में खाकी बाबा मंदिर क्षेत्र की सेठ मूलचंद झील शामिल है। यहां काफी हिस्से में झील बनी है तो उसके आसपास पार्क और बच्चों के खेलने के लिए झूले लगाए गए हैं। लोगों के सुबह शाम भ्रमण के लिए भी यहां पगडंडी बनी हैं, मगर सोमवार को हुई बारिश ने सब चौपट कर डाला। झील ओवरफ्लो हो गई और बारिश का पानी भी झूलों के आसपास जमा हो गया। झूले बारिश के पानी में डूबने से बच्चों और बुजुर्गों का भ्रमण भी ठप हो गया।
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सिद्ध पीठ लाल महादेव अखाड़ा वाला मंदिर परिसर में भी बारिश का पानी जमा हो गया है। भगवान के दरबार के आगे दो फुट पानी जमा हो गया है। मंदिर के पुजारी और आने वाले श्रद्धालु भी बारिश के पानी से मंदिर में न तो प्रवेश कर पा रहे हैं और न भगवान की पूजा हो रही है।
नारेबाजी कर जताया लोगों ने रोष
सेठ मूलचंद झील की दुर्दशा को लेकर मंगलवार को इलाके की महिलाओं और लोगों के साथ बच्चों ने नारेबाजी कर रोष जताया। नारेबाजी कर रोष जता रहे राजेश कुमार, आनंद शास्त्री, ममता अरोड़ा ने कहा कि झील के अंदर बारिश की वजह से पार्क और झूलों के आसपास करीब तीन फुट पानी जमा हो गया है। यहां बच्चों का झूलों के पास जाना भी खतरे से खाली नहीं हैं। मंदिर के पुजारी आनंद शास्त्री ने बताया कि भगवान के दरबार के आगे दो फुट पानी जमा है। श्रद्धालु भी यहां जलभराव में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। हर साल मंदिर में बारिश का पानी जमा हो रहा है, जिसकी निकासी के कोई प्रबंध नहीं है। लोगों ने बताया कि कुछ अर्से पहले चंदा एकत्रित कर मिट्टी का भरत करा कर पेड़ पौधे लगाए गए थे, बारिश में अब सब चौपट हो चुका है। नगर परिषद के चेयरपर्सन प्रतिनिधि और उपायुक्त यहां का दौरा कर पानी निकासी के लिए पंप की व्यवस्था कराने का वायदा कर गए थे, मगर फिर लौटकर नहीं आए।
पुराने मंदिरों की नींव को भी बना खतरा
खाकी बाबा मंदिर झेल की झील के आसपास छोटी काशी की काफी प्राचीन धरोहरें और इमारतें हैं। झील ओवरफ्लो होने से इन प्राचीन भवनों की नींव को भी खतरा बना हुआ है। ये धरोहर कभी भी बारिश के जलभराव की वजह से नष्ट हो सकती हैं। ऐसे में जल्द से जल्द लोगों ने बरसाती पानी की निकासी कराए जाने की मांग की है।
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वहीं सिद्ध पीठ लाल महादेव अखाड़े वाला मंंदिर में भगवान का दर भी बारिश के पानी से तरबतर हो गया है। नगर परिषद के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पिछले साल यहां पानी की निकासी के लिए पंप की व्यवस्था कराने का दावा किया था, मगर यहां पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हुई। इसकी वजह से यहां बाढ़ जैसे हालात बने हैं।झील के आसपास के इलाके में भी जलभराव हो गया है। इससे लोगों को भी पुरानी मंदिरों के ढहने की आशंका सताने लगी है।
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नगर परिषद ने लाखों रुपयों का बजट खर्च कर कुछ साल पहले शहर के प्राचीन जोहड़ों को झील में तबदील किया था। इसी में खाकी बाबा मंदिर क्षेत्र की सेठ मूलचंद झील शामिल है। यहां काफी हिस्से में झील बनी है तो उसके आसपास पार्क और बच्चों के खेलने के लिए झूले लगाए गए हैं। लोगों के सुबह शाम भ्रमण के लिए भी यहां पगडंडी बनी हैं, मगर सोमवार को हुई बारिश ने सब चौपट कर डाला। झील ओवरफ्लो हो गई और बारिश का पानी भी झूलों के आसपास जमा हो गया। झूले बारिश के पानी में डूबने से बच्चों और बुजुर्गों का भ्रमण भी ठप हो गया।
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सिद्ध पीठ लाल महादेव अखाड़ा वाला मंदिर परिसर में भी बारिश का पानी जमा हो गया है। भगवान के दरबार के आगे दो फुट पानी जमा हो गया है। मंदिर के पुजारी और आने वाले श्रद्धालु भी बारिश के पानी से मंदिर में न तो प्रवेश कर पा रहे हैं और न भगवान की पूजा हो रही है।
नारेबाजी कर जताया लोगों ने रोष
सेठ मूलचंद झील की दुर्दशा को लेकर मंगलवार को इलाके की महिलाओं और लोगों के साथ बच्चों ने नारेबाजी कर रोष जताया। नारेबाजी कर रोष जता रहे राजेश कुमार, आनंद शास्त्री, ममता अरोड़ा ने कहा कि झील के अंदर बारिश की वजह से पार्क और झूलों के आसपास करीब तीन फुट पानी जमा हो गया है। यहां बच्चों का झूलों के पास जाना भी खतरे से खाली नहीं हैं। मंदिर के पुजारी आनंद शास्त्री ने बताया कि भगवान के दरबार के आगे दो फुट पानी जमा है। श्रद्धालु भी यहां जलभराव में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। हर साल मंदिर में बारिश का पानी जमा हो रहा है, जिसकी निकासी के कोई प्रबंध नहीं है। लोगों ने बताया कि कुछ अर्से पहले चंदा एकत्रित कर मिट्टी का भरत करा कर पेड़ पौधे लगाए गए थे, बारिश में अब सब चौपट हो चुका है। नगर परिषद के चेयरपर्सन प्रतिनिधि और उपायुक्त यहां का दौरा कर पानी निकासी के लिए पंप की व्यवस्था कराने का वायदा कर गए थे, मगर फिर लौटकर नहीं आए।
पुराने मंदिरों की नींव को भी बना खतरा
खाकी बाबा मंदिर झेल की झील के आसपास छोटी काशी की काफी प्राचीन धरोहरें और इमारतें हैं। झील ओवरफ्लो होने से इन प्राचीन भवनों की नींव को भी खतरा बना हुआ है। ये धरोहर कभी भी बारिश के जलभराव की वजह से नष्ट हो सकती हैं। ऐसे में जल्द से जल्द लोगों ने बरसाती पानी की निकासी कराए जाने की मांग की है।