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Bhiwani News: जीत के लिए बहाया पसीना फिर भी इनाम के नाम पर हाथ खाली
Thu, 24 Aug 2023 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 24 Aug 2023 12:09 AM IST
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भीम खेल परिसर में लंबी कूद लगाती महिला खिलाड़ी।
भिवानी। हरियाणा खेल का हब है। खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए करोड़ों का बजट हर साल मिलता है। एक स्याह सच यह भी है कि खंड और जिलास्तर पर स्कूली खेलों में जीत के लिए पसीना बहाने वाले खिलाड़ियों के चेहरे पर मायूसी और इनाम के नाम पर हाथ खाली हैं। क्योंकि शिक्षा विभाग में खंड और जिला स्तर पर विजेता खिलाड़ी के लिए कोई नकद पुरस्कार तक नहीं हैं। उन्हें खंड से जिलास्तर पर खेल में भाग लेने के लिए भी अपने स्तर पर ही खर्च कर आना पड़ता है।
हरियाणा स्कूली खेलों में 33 तरह के खेलों को शामिल किया हुआ है। इनमें प्रदेशभर में खंड और जिलास्तर पर करीब 32 हजार से अधिक खिलाड़ी अपना दमखम दिखाते हैं। हरियाणा स्कूली शिक्षा विभाग के तहत खंडस्तरीय स्कूली खेलों का समापन 24 अगस्त तक होगा। इसके बाद 27 अगस्त तक जिलास्तरीय स्कूली खेल होंगे। इसके बाद आठ सितंबर से राज्यस्तरीय स्कूली खेलों का आगाज होगा। प्रत्येक जिले में खंड और जिलास्तर पर करीब 1200 से 1500 तक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का दम दिखा रहे हैं। मगर, जीत की खुशी उनके चेहरे पर नहीं है। क्योंकि जीत के बाद भी इनाम के नाम पर उनके हाथ खाली हैं। इन खिलाड़ियों को न आने-जाने के लिए और न खुराक के लिए कोई भत्ता। जबकि खेल कीट व नकद इनाम के लिए शिक्षा विभाग में ही कोई प्रावधान नहीं है। संवाद
राज्यस्तरीय स्कूली खेलों में जीत दर्ज कराने वालों को नकद इनाम
स्कूली शिक्षा विभाग में राज्यस्तरीय स्कूली खेलों में प्रथम आने वाले खिलाड़ी को एक हजार, द्वितीय को साढ़े सात सौ रुपये और तृतीय आने वाले को पांच सौ रुपये नकद इनाम मिलता है। इन खिलाड़ियों को टीए-डीए और खेल कीट की सुविधा भी दी जा रही है। हालांकि प्रदेश स्तर पर महज एक से डेढ़ हजार खिलाड़ी ही इस दायरे में आते हैं।
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हरियाणा स्कूली शिक्षा निदेशालय स्कूल स्तर पर अंडर 14, 17 और 19 आयु वर्ग लड़के और लड़कियों के खेल कराता है। खंड और जिला स्तर पर विजेता खिलाड़ी को कोई खेल सुविधा और कोई नकद पुरस्कार नहीं है। हमने शिक्षा निदेशालय स्तर पर भी यह मांग उठाई है कि खंड और जिला स्तर पर विजेता खिलाड़ी को नकद पुरस्कार और खेल कीट के साथ टीए-डीए की सुविधा मिले, ताकि खेल और खिलाड़ी प्रोत्साहित हो सकें। स्कूली स्तर पर 33 तरह के खेल शामिल हैं।
-राजेश ढांडा, राज्य संरक्षक हरियाणा शारीरिक अध्यापक संघ।
स्कूली खेलों में खंड और जिलास्तर पर खिलाड़ी को प्रोत्साहित करने के लिए नकद पुरस्कार का कोई प्रावधान नहीं है। केवल राज्य स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को ही शिक्षा निदेशालय नकद पुरस्कार व खेल कीट की सुविधा देता है, जिसका बजट भी जिला मुख्यालयों को अलॉट किया जाता है।
-नरेश महता, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
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हरियाणा स्कूली खेलों में 33 तरह के खेलों को शामिल किया हुआ है। इनमें प्रदेशभर में खंड और जिलास्तर पर करीब 32 हजार से अधिक खिलाड़ी अपना दमखम दिखाते हैं। हरियाणा स्कूली शिक्षा विभाग के तहत खंडस्तरीय स्कूली खेलों का समापन 24 अगस्त तक होगा। इसके बाद 27 अगस्त तक जिलास्तरीय स्कूली खेल होंगे। इसके बाद आठ सितंबर से राज्यस्तरीय स्कूली खेलों का आगाज होगा। प्रत्येक जिले में खंड और जिलास्तर पर करीब 1200 से 1500 तक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का दम दिखा रहे हैं। मगर, जीत की खुशी उनके चेहरे पर नहीं है। क्योंकि जीत के बाद भी इनाम के नाम पर उनके हाथ खाली हैं। इन खिलाड़ियों को न आने-जाने के लिए और न खुराक के लिए कोई भत्ता। जबकि खेल कीट व नकद इनाम के लिए शिक्षा विभाग में ही कोई प्रावधान नहीं है। संवाद
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राज्यस्तरीय स्कूली खेलों में जीत दर्ज कराने वालों को नकद इनाम
स्कूली शिक्षा विभाग में राज्यस्तरीय स्कूली खेलों में प्रथम आने वाले खिलाड़ी को एक हजार, द्वितीय को साढ़े सात सौ रुपये और तृतीय आने वाले को पांच सौ रुपये नकद इनाम मिलता है। इन खिलाड़ियों को टीए-डीए और खेल कीट की सुविधा भी दी जा रही है। हालांकि प्रदेश स्तर पर महज एक से डेढ़ हजार खिलाड़ी ही इस दायरे में आते हैं।
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हरियाणा स्कूली शिक्षा निदेशालय स्कूल स्तर पर अंडर 14, 17 और 19 आयु वर्ग लड़के और लड़कियों के खेल कराता है। खंड और जिला स्तर पर विजेता खिलाड़ी को कोई खेल सुविधा और कोई नकद पुरस्कार नहीं है। हमने शिक्षा निदेशालय स्तर पर भी यह मांग उठाई है कि खंड और जिला स्तर पर विजेता खिलाड़ी को नकद पुरस्कार और खेल कीट के साथ टीए-डीए की सुविधा मिले, ताकि खेल और खिलाड़ी प्रोत्साहित हो सकें। स्कूली स्तर पर 33 तरह के खेल शामिल हैं।
-राजेश ढांडा, राज्य संरक्षक हरियाणा शारीरिक अध्यापक संघ।
स्कूली खेलों में खंड और जिलास्तर पर खिलाड़ी को प्रोत्साहित करने के लिए नकद पुरस्कार का कोई प्रावधान नहीं है। केवल राज्य स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को ही शिक्षा निदेशालय नकद पुरस्कार व खेल कीट की सुविधा देता है, जिसका बजट भी जिला मुख्यालयों को अलॉट किया जाता है।
-नरेश महता, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।