{"_id":"640a0b96fc7a2038800e0124","slug":"students-will-now-be-able-to-do-research-in-history-and-physical-education-in-cblu-bhiwani-news-c-21-hsr1027-75246-2023-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: सीबीएलयू में अब इतिहास और शारीरिक शिक्षा में शोध कर सकेंगे विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: सीबीएलयू में अब इतिहास और शारीरिक शिक्षा में शोध कर सकेंगे विद्यार्थी
Thu, 09 Mar 2023 10:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 09 Mar 2023 10:08 PM IST
विज्ञापन
प्रेमनगर स्थित सीबीएलयू का स्वर्ण द्वार।
भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) में विद्यार्थी अब इतिहास और शारीरिक शिक्षा विषय से पीएचडी का कोर्स कर सकेंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हरि झंडी दिखा दी गई है और नए शिक्षा सत्र 2023-34 में दोनों ही विषयों में पीएचडी के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
इससेे पहले विश्वविद्यालय में 10 विषयों में पीएचडी की सुविधा थी, जिसमें करीब 50 शोधार्थी शोध कर रहे हैं। जिले में यह सुविधा होने के बाद विद्यार्थियों को रिसर्च के लिए रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र या फिर अन्य प्रांतों के विश्वविद्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। वहीं, विश्वविद्यालय में की ओर से 21 विभागों में 43 कोर्सेज संचालित किए जा रहे हैं।
पीएचडी में गाइड के अनुसार ही शोधार्थियों को सीट आवंटित की जाती हैं, जिसमें प्रोफेसर को आठ, एसोसिएट प्रोफेसर को छह और असिस्टेंट प्रोफेसर को चार सीट दी जाती हैं। जिन पर पात्र शोधार्थी दाखिला लेकर शोध कर सकता है। ऐसे में सीबीएलयू के अंतर्गत इतिहास में असिस्टेंट प्रोफेसर के मार्गदर्शन में चार और शारीरिक शिक्षा विषय में डीन डॉ. सुरेश मलिक के मार्गदर्शन में छह शोधार्थी शोध कर सकेंगे। इससे पहले विश्वविद्यालय में कुल 10 विषयों में पीएचडी की सुविधा है, जिनमें कॉमर्स, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, गणित, मैनेजमेंट, भौतिक विज्ञान, इंग्लिश, राजनीति विज्ञान, भूगोल शामिल हैं।
विज्ञापन
दो शैक्षणिक खंड बनकर तैयार, तीसरे का निर्माण कार्य जारी
विश्वविद्यालय की ओर से दो आधुनिक शैक्षणिक खंड का निर्माण किया जा चुका है। तीसरे का निर्माण कार्य जारी है। प्रथम चरण के दूसरे कार्य का काम भी तेजी से कुछ पूर्ण हो चुके और कुछ चल रहे हैं। इसमें सड़कें, वाटर वर्क्स, पावर हाउस, सीवरेज सिस्टम, हर्बल गार्डन, स्टूडेंट्स फैसिलेशन सेंटर, बूम बैरियर आदि शामिल हैं। फेज वन के दूसरे टेंडर की प्रक्रिया हो चुकी है जिसमें 70 बेड का गेस्ट हाउस, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। द्वितीय चरण में 350 छात्रों की क्षमता वाला हॉस्टल, 280 छात्राओं की क्षमता वाला हॉस्टल, एडमिन ब्लॉक, कैंटीन, सेंटर लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स एंड स्टूडेंट्स एक्टिविटी सेंटर, कुलपति, कुलसचिव सहित फैकल्टी आवास निर्माण आदि कार्य किए जाएंगे।
नौ विभाग और लाइब्रेरी भी नए परिसर में स्थानांतरित
सीबीएलयू के नए परिसर में प्रशासन ने विभिन्न कोर्सों के विद्यार्थियों की कक्षाएं वहां शिफ्ट करने में जुटा है। अब तक एमएससी फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, कंप्यूटर साइंस, जियोग्रॉफी, एमए इतिहास, बायॉटेक्नोलॉजी, फार्मेसी, बॉटनी, की कक्षाएं शिफ्ट की हुई हैं। इन कोर्सों में फिलहाल 40-40 सीटें हैं। हालांकि कुछ कोर्सों की सीटों में इजाफा भी किया हुआ है। अब तक कुल नौ विभाग नए परिसर में स्थानांतरित हो चुके हैं। नए भवन में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपने विषय संबंधित समस्या के समाधान के निवारण के लिए कोई पुस्तक या अन्य सामग्री की आवश्यक हो ऐसा ध्यान में रखते हुए लाइब्रेरी को शिफ्ट किया है। हालांकि पुराने भवन में भी लाइब्रेरी की सुविधा है।
विश्वविद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पहले विश्वविद्यालय में 10 विषयों में पीएचडी करने की सुविधा दी, जो बढ़कर अब 12 हो गई है। इतिहास और शारीरिक शिक्षा में नए शिक्षा सत्र से पीएचडी शुरू हो जाएगी, इसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रेमनगर स्थित नए भवन में भी कई विभाग स्थानांतरित किए जा चुकी है और भवन निर्माण का कार्य भी जारी है।
- प्रो. राजकुमार मित्तल, कुलपति, सीबीएलयू भिवानी।
विज्ञापन
इससेे पहले विश्वविद्यालय में 10 विषयों में पीएचडी की सुविधा थी, जिसमें करीब 50 शोधार्थी शोध कर रहे हैं। जिले में यह सुविधा होने के बाद विद्यार्थियों को रिसर्च के लिए रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र या फिर अन्य प्रांतों के विश्वविद्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। वहीं, विश्वविद्यालय में की ओर से 21 विभागों में 43 कोर्सेज संचालित किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
पीएचडी में गाइड के अनुसार ही शोधार्थियों को सीट आवंटित की जाती हैं, जिसमें प्रोफेसर को आठ, एसोसिएट प्रोफेसर को छह और असिस्टेंट प्रोफेसर को चार सीट दी जाती हैं। जिन पर पात्र शोधार्थी दाखिला लेकर शोध कर सकता है। ऐसे में सीबीएलयू के अंतर्गत इतिहास में असिस्टेंट प्रोफेसर के मार्गदर्शन में चार और शारीरिक शिक्षा विषय में डीन डॉ. सुरेश मलिक के मार्गदर्शन में छह शोधार्थी शोध कर सकेंगे। इससे पहले विश्वविद्यालय में कुल 10 विषयों में पीएचडी की सुविधा है, जिनमें कॉमर्स, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, गणित, मैनेजमेंट, भौतिक विज्ञान, इंग्लिश, राजनीति विज्ञान, भूगोल शामिल हैं।
विज्ञापन
दो शैक्षणिक खंड बनकर तैयार, तीसरे का निर्माण कार्य जारी
विश्वविद्यालय की ओर से दो आधुनिक शैक्षणिक खंड का निर्माण किया जा चुका है। तीसरे का निर्माण कार्य जारी है। प्रथम चरण के दूसरे कार्य का काम भी तेजी से कुछ पूर्ण हो चुके और कुछ चल रहे हैं। इसमें सड़कें, वाटर वर्क्स, पावर हाउस, सीवरेज सिस्टम, हर्बल गार्डन, स्टूडेंट्स फैसिलेशन सेंटर, बूम बैरियर आदि शामिल हैं। फेज वन के दूसरे टेंडर की प्रक्रिया हो चुकी है जिसमें 70 बेड का गेस्ट हाउस, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। द्वितीय चरण में 350 छात्रों की क्षमता वाला हॉस्टल, 280 छात्राओं की क्षमता वाला हॉस्टल, एडमिन ब्लॉक, कैंटीन, सेंटर लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स एंड स्टूडेंट्स एक्टिविटी सेंटर, कुलपति, कुलसचिव सहित फैकल्टी आवास निर्माण आदि कार्य किए जाएंगे।
नौ विभाग और लाइब्रेरी भी नए परिसर में स्थानांतरित
सीबीएलयू के नए परिसर में प्रशासन ने विभिन्न कोर्सों के विद्यार्थियों की कक्षाएं वहां शिफ्ट करने में जुटा है। अब तक एमएससी फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, कंप्यूटर साइंस, जियोग्रॉफी, एमए इतिहास, बायॉटेक्नोलॉजी, फार्मेसी, बॉटनी, की कक्षाएं शिफ्ट की हुई हैं। इन कोर्सों में फिलहाल 40-40 सीटें हैं। हालांकि कुछ कोर्सों की सीटों में इजाफा भी किया हुआ है। अब तक कुल नौ विभाग नए परिसर में स्थानांतरित हो चुके हैं। नए भवन में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपने विषय संबंधित समस्या के समाधान के निवारण के लिए कोई पुस्तक या अन्य सामग्री की आवश्यक हो ऐसा ध्यान में रखते हुए लाइब्रेरी को शिफ्ट किया है। हालांकि पुराने भवन में भी लाइब्रेरी की सुविधा है।
विश्वविद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पहले विश्वविद्यालय में 10 विषयों में पीएचडी करने की सुविधा दी, जो बढ़कर अब 12 हो गई है। इतिहास और शारीरिक शिक्षा में नए शिक्षा सत्र से पीएचडी शुरू हो जाएगी, इसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रेमनगर स्थित नए भवन में भी कई विभाग स्थानांतरित किए जा चुकी है और भवन निर्माण का कार्य भी जारी है।
- प्रो. राजकुमार मित्तल, कुलपति, सीबीएलयू भिवानी।