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फेल न होने का डर खत्म होने से गिरा शिक्षा का स्तर : कंवरपाल
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आठवीं कक्षा की परीक्षाएं बोर्ड से नहीं होने के कारण हमारे प्रदेश में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। क्योंकि बच्चों में फेल होने का डर खत्म हो गया है। इसलिए हम जल्द ही आठवीं में बोर्ड की परीक्षाएं लागू करेंगे। यह बात शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में आयोजित स्वर्ण जयंती अलंकरण समारोह में कही। उन्होंने सांसद धर्मबीर सिंह द्वारा समय के हिसाब से पर्यावरण, बिजली व पानी के विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने के सुझाव को भी सही बताया। समारोह में उन्होंने प्रदेश के 31 मेधावी बच्चों, आठ शिक्षकों और 12 स्कूलों को बेहतर परिणाम देने पर सम्मानित किया।
अलंकर समारोह में बतौर मुख्यातिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल को आना था मगर किसी कारणवश नहीं पहुंच पाए। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर शिक्षा मंत्री कंवरपाल पहुंचे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने शिक्षा में बोर्ड परीक्षा में अव्वल स्थान हासिल करने वाले 31 मेधावी बच्चों को सम्मानित किया। इन बच्चों को गोल्ड मेडल और सिल्वर मेडल देकर सम्मानित किया गया। समारोह में दो शिक्षिकाओं को सुशीला स्मृति पुरस्कार और छह शिक्षकों को राकेश स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समारोह में शिक्षा मंत्री ने माना कि आठवीं का बोर्ड खत्म होने से सूबे में शिक्षा का स्तर गिरा है। शिक्षा मंत्री ने नागरिकता संशोधन एक्ट का पक्ष लेते हुए कहा कि इसका विरोध करने वाले केवल राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक्ट लागू होने पर पीड़ित लोगों को शरण मिलेगी और घुसपैठियों को देश छोड़ना पड़ेगा। आठवीं कक्षा में बोर्ड की परीक्षाएं लागू करने का मुद्दा बहुत पुराना है। पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा भी इसके प्रयास में रहे।
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अलंकर समारोह में बतौर मुख्यातिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल को आना था मगर किसी कारणवश नहीं पहुंच पाए। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर शिक्षा मंत्री कंवरपाल पहुंचे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने शिक्षा में बोर्ड परीक्षा में अव्वल स्थान हासिल करने वाले 31 मेधावी बच्चों को सम्मानित किया। इन बच्चों को गोल्ड मेडल और सिल्वर मेडल देकर सम्मानित किया गया। समारोह में दो शिक्षिकाओं को सुशीला स्मृति पुरस्कार और छह शिक्षकों को राकेश स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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समारोह में शिक्षा मंत्री ने माना कि आठवीं का बोर्ड खत्म होने से सूबे में शिक्षा का स्तर गिरा है। शिक्षा मंत्री ने नागरिकता संशोधन एक्ट का पक्ष लेते हुए कहा कि इसका विरोध करने वाले केवल राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक्ट लागू होने पर पीड़ित लोगों को शरण मिलेगी और घुसपैठियों को देश छोड़ना पड़ेगा। आठवीं कक्षा में बोर्ड की परीक्षाएं लागू करने का मुद्दा बहुत पुराना है। पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा भी इसके प्रयास में रहे।
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