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ठेकेदार को 48 घंटे में दिया था अल्टीमेटम, 38 दिन बाद भी ठप शहर की स्ट्रीट लाइट्स
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खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चेक करता कर्मचारी।
- फोटो : Bhiwani
नगर परिषद प्रशासन ठेकेदार को शहर में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट्स को ठीक कराने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन 38 दिन बाद भी स्थिति जस की तस है। हैरानी की बात यह है कि नप अधिकारियों ने ठेकेदार को नोटिस देकर स्ट्रीट लाइट ठीक करने की बात कही थी। मगर आज तक अधिकांश स्ट्रीट लाइट्स ठप पड़ी हैं। इसे ठेकेदार पर अधिकारियों की मेहरबानी कहें या नप प्रशासन की लापरवाही, लेकिन शहर की गलियां स्ट्रीट लाइट्स लगी होने के बाद भी अंधेरे में डूबी हैं।
गौरतलब है कि 7 अगस्त को नप अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो शहर के 22 प्वाइंटों पर स्ट्रीट लाइट्स बंद मिली थी। जिस पर ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया और ठीक करवाने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। इसके बावजूद अधिकांश शहर सांझ ढलते ही अंधेरे में डूबा नजर आता है। शहर के अंदर नई स्ट्रीट लाइट्स पर भी शहरी निकाय विभाग मुख्यालय ने रोक लगाई हुई है। यही वजह है कि 25 लाख रुपये का नई स्ट्रीट लाइटों का मसौदा भी मुख्यालय में अटका हुआ है, वहीं खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट्स के रिपेयरिंग के टेंडर की फाइल भी अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में धूल फांक रही है। जिन लाइटों का वारंटी दौर चल रहा है, वह भी सड़कों पर उजाला करने की बजाय ठप पड़ी हैं। ऐसे में शहरवासी खासे परेशान हैं। लॉकडाउन के दौरान कामधंधे ठप होने के बाद अपराध का ग्राफ बढ़ा है। स्ट्रीट लाइटें बंद होने की वजह से भी लोग आपराधिक गतिविधियों की आशंका व कोरोना के डर से घर से बाहर तक नहीं निकल रहे हैं। वहीं, मुख्य मार्गों पर भी स्ट्रीट लाइटें बंद होने से राह मुश्किल हो गई है।
बंद पड़ी थी स्ट्रीट लाइट्स, नहीं दिखा सड़क के बीच गहरा गड्ढ़ा, फंसा ट्रक
दो दिन पहले घंटाघर से हांसी गेट की तरफ आने वाले सरकुलर रोड पर एक ट्रक गहरे गड्ढे में फंसकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ट्रक के अगले हिस्से का एक्सल टूट गया था, जिस वजह से अगले दोनों टायर ही जगह छोड़ गए थे। हादसे में ट्रक चालक तो बच गया, मगर ट्रक में काफी नुकसान हुआ। ट्रक चालक बूटा सिंह ने बताया था कि सड़क पर अंधेरा था और अचानक बीच में गहरा गड्ढा आ गया, जो पास आने पर ही दिखाई दिया, ब्रेक भी लगाए, मगर ट्रक का अगला हिस्सा फंसकर उछल गया। यहां पर लगी स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं। अगर स्ट्रीट लाइट जल रही होती तो भी गड्ढे से बचा जा सकता था।
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कुछ अर्से बाद ही खराब हो गई थी स्ट्रीट लाइट्स
शहर में लगाए जाने के कुछ अर्से बाद ही स्ट्रीट लाइटें खराब हो गई थी। इन स्ट्रीट लाइटों को लेकर वार्ड पार्षदों ने भी खूब हल्ला मचाया था। जिस पर ठेकेदार की खिंचाई की गई थी और खराब लाइटें वारंटी के तहत बदलने के निर्देश भी नप अधिकारियों ने दिए थे। मगर अधिकांश हिस्से की लाइट ही नहीं बदली गई। बाद मेें मामला प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में भी आया। इसके बाद नप अधिकारियों ने निरीक्षण कर खराब स्ट्रीट लाइटों का अवलोकन भी किया था। जगह भी चिह्नित हुई, मगर हालात नहीं बदले।
यहां बंद हैं स्ट्रीट लाइट्स
- सेक्टर 13 मकान नंबर एक से मकान नंबर 159 तक
- सेक्टर 13 के बड़ा पार्क पीर बाबा मंदिर के पास हाई मास्ट व स्ट्रीट लाइट
- सेक्टर 13 पॉलिटेक्निक के सामने वाले पार्क की हाई मास्ट लाइट
- सेक्टर 13 के मकान नंबर 2012 के सामने वाले पार्क की हाई मास्ट व स्ट्रीट लाइटें
- सेक्टर 23 के मकान नंबर 850 से 875 तक स्ट्रीट लाइटें
- सेक्टर 23 महाराणा प्रताप पार्क नंबर छह व मकान नंबर 313
- सेक्टर 23 भगत सिंह चौक की सभी स्ट्रीट लाइटें
- रोहतक गेट से रोहतक रोड पर एमसी कॉलोनी मोड़ तक की सभी लाइटें
- महम गेट से जेबी गुप्ता अस्पताल तक की आठ स्ट्रीट लाइटें
- पुराना बस स्टैंड से हांसी गेट तक 16 स्ट्रीट लाइटें
- हांसी गेट से बासिया भवन तक सभी स्ट्रीट लाइटें
- बासिया भवन से सेक्टर मोड़ तक 28 स्ट्रीट लाइटें
- सेक्टर मोड़ से बीपीएस स्कूल तक 20 स्ट्रीट लाइटें
- पतराम गेट डाकखाने वाली गली
- आर्य कन्या स्कूल, खाड़ी मोहल्ला, घंटाघर चौक क्षेत्र की लाइटें
- पार्क कॉलोनी नजदीक जाट धर्मशाला
- कन्हैयाराम अस्पताल के पास
- हांसी रोड ओवरब्रिज की सभी लाइटें
- सेक्टर 13 के मकान नंबर 1620 के आगे 10 स्ट्रीट लाइटें
वर्जन::
शहर में खराब स्ट्रीट लाइटों की पहचान के लिए मैंने खुद संबंधित कर्मचारियों व ठेकेदार के साथ निरीक्षण किया था। ठेकेदार को खराब लाइटें बदलने के लिए नोटिस देकर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। ठेकेदार ने नोटिस के जवाब में खराब स्ट्रीट लाइटें ठीक किए जाने की बात कही हैं, अब आगामी एक-दो दिन में फिर से संभावित जगहों का निरीक्षण कर हालातों का जायजा लिया जाएगा। अगर लाइट खराब पाई जाती है तो फिर ठेकेदार पर कार्रवाई होगी।
- सुंदर सिंह श्योराण, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद भिवानी।
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गौरतलब है कि 7 अगस्त को नप अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो शहर के 22 प्वाइंटों पर स्ट्रीट लाइट्स बंद मिली थी। जिस पर ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया और ठीक करवाने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। इसके बावजूद अधिकांश शहर सांझ ढलते ही अंधेरे में डूबा नजर आता है। शहर के अंदर नई स्ट्रीट लाइट्स पर भी शहरी निकाय विभाग मुख्यालय ने रोक लगाई हुई है। यही वजह है कि 25 लाख रुपये का नई स्ट्रीट लाइटों का मसौदा भी मुख्यालय में अटका हुआ है, वहीं खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट्स के रिपेयरिंग के टेंडर की फाइल भी अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में धूल फांक रही है। जिन लाइटों का वारंटी दौर चल रहा है, वह भी सड़कों पर उजाला करने की बजाय ठप पड़ी हैं। ऐसे में शहरवासी खासे परेशान हैं। लॉकडाउन के दौरान कामधंधे ठप होने के बाद अपराध का ग्राफ बढ़ा है। स्ट्रीट लाइटें बंद होने की वजह से भी लोग आपराधिक गतिविधियों की आशंका व कोरोना के डर से घर से बाहर तक नहीं निकल रहे हैं। वहीं, मुख्य मार्गों पर भी स्ट्रीट लाइटें बंद होने से राह मुश्किल हो गई है।
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बंद पड़ी थी स्ट्रीट लाइट्स, नहीं दिखा सड़क के बीच गहरा गड्ढ़ा, फंसा ट्रक
दो दिन पहले घंटाघर से हांसी गेट की तरफ आने वाले सरकुलर रोड पर एक ट्रक गहरे गड्ढे में फंसकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ट्रक के अगले हिस्से का एक्सल टूट गया था, जिस वजह से अगले दोनों टायर ही जगह छोड़ गए थे। हादसे में ट्रक चालक तो बच गया, मगर ट्रक में काफी नुकसान हुआ। ट्रक चालक बूटा सिंह ने बताया था कि सड़क पर अंधेरा था और अचानक बीच में गहरा गड्ढा आ गया, जो पास आने पर ही दिखाई दिया, ब्रेक भी लगाए, मगर ट्रक का अगला हिस्सा फंसकर उछल गया। यहां पर लगी स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं। अगर स्ट्रीट लाइट जल रही होती तो भी गड्ढे से बचा जा सकता था।
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कुछ अर्से बाद ही खराब हो गई थी स्ट्रीट लाइट्स
शहर में लगाए जाने के कुछ अर्से बाद ही स्ट्रीट लाइटें खराब हो गई थी। इन स्ट्रीट लाइटों को लेकर वार्ड पार्षदों ने भी खूब हल्ला मचाया था। जिस पर ठेकेदार की खिंचाई की गई थी और खराब लाइटें वारंटी के तहत बदलने के निर्देश भी नप अधिकारियों ने दिए थे। मगर अधिकांश हिस्से की लाइट ही नहीं बदली गई। बाद मेें मामला प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में भी आया। इसके बाद नप अधिकारियों ने निरीक्षण कर खराब स्ट्रीट लाइटों का अवलोकन भी किया था। जगह भी चिह्नित हुई, मगर हालात नहीं बदले।
यहां बंद हैं स्ट्रीट लाइट्स
- सेक्टर 13 मकान नंबर एक से मकान नंबर 159 तक
- सेक्टर 13 के बड़ा पार्क पीर बाबा मंदिर के पास हाई मास्ट व स्ट्रीट लाइट
- सेक्टर 13 पॉलिटेक्निक के सामने वाले पार्क की हाई मास्ट लाइट
- सेक्टर 13 के मकान नंबर 2012 के सामने वाले पार्क की हाई मास्ट व स्ट्रीट लाइटें
- सेक्टर 23 के मकान नंबर 850 से 875 तक स्ट्रीट लाइटें
- सेक्टर 23 महाराणा प्रताप पार्क नंबर छह व मकान नंबर 313
- सेक्टर 23 भगत सिंह चौक की सभी स्ट्रीट लाइटें
- रोहतक गेट से रोहतक रोड पर एमसी कॉलोनी मोड़ तक की सभी लाइटें
- महम गेट से जेबी गुप्ता अस्पताल तक की आठ स्ट्रीट लाइटें
- पुराना बस स्टैंड से हांसी गेट तक 16 स्ट्रीट लाइटें
- हांसी गेट से बासिया भवन तक सभी स्ट्रीट लाइटें
- बासिया भवन से सेक्टर मोड़ तक 28 स्ट्रीट लाइटें
- सेक्टर मोड़ से बीपीएस स्कूल तक 20 स्ट्रीट लाइटें
- पतराम गेट डाकखाने वाली गली
- आर्य कन्या स्कूल, खाड़ी मोहल्ला, घंटाघर चौक क्षेत्र की लाइटें
- पार्क कॉलोनी नजदीक जाट धर्मशाला
- कन्हैयाराम अस्पताल के पास
- हांसी रोड ओवरब्रिज की सभी लाइटें
- सेक्टर 13 के मकान नंबर 1620 के आगे 10 स्ट्रीट लाइटें
वर्जन::
शहर में खराब स्ट्रीट लाइटों की पहचान के लिए मैंने खुद संबंधित कर्मचारियों व ठेकेदार के साथ निरीक्षण किया था। ठेकेदार को खराब लाइटें बदलने के लिए नोटिस देकर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। ठेकेदार ने नोटिस के जवाब में खराब स्ट्रीट लाइटें ठीक किए जाने की बात कही हैं, अब आगामी एक-दो दिन में फिर से संभावित जगहों का निरीक्षण कर हालातों का जायजा लिया जाएगा। अगर लाइट खराब पाई जाती है तो फिर ठेकेदार पर कार्रवाई होगी।
- सुंदर सिंह श्योराण, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद भिवानी।