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Bhiwani News: सड़कों पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा, हादसों का बढ़ा खतरा
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कैरू। क्षेत्र में बेसहारा पशुओं की वजह से दिन-प्रतिदिन हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है। कैरू के मुख्य रास्तों पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। दुधारू पशुओं को भी दूध निकालने के बाद पशुपालक खुले में छोड़ देते हैं जिससे राहगीर और वाहन चालक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। किसान भी खेतों में फसल खराब करने की वजह से इन पशुओं को खदेड़ते हैं जिसके बाद ये सड़क पर ही डेरा डाल लेते हैं।
रातभर ये पशु सड़क पर अपना आसरा ढूंढते हैं और सड़कों को ही अपना बसेरा बना लेते हैं। पशु पालकों की यह लापरवाही वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन रही है। सड़क पर घूमते गोवंश यातायात बाधित कर रहे हैं और हादसों की आशंका बढ़ा रहे हैं। लोग दिनभर इन्हें डंडे से भगाने में लगे रहते हैं। इनके बीच लड़ाई होने से भी नुकसान होता है। कई पशु पालक दूध देना बंद करने के बाद अपने गोवंश को उनके हाल पर ही छोड़ देते हैं।
गाड़ी की टक्कर से हो गई थी गाय की मौत
तीन दिन पहले पीपल वाला चौक के पास बीचों-बीच गाय बैठी हुई थी। वहां से गुजरती एक गाड़ी की टक्कर लगने से गाय की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में गाड़ी को भी नुकसान हुआ लेकिन चालक सुरक्षित रहा। हालांकि पशुपालक अपने पशुओं की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। जिला प्रशासन भी इस मामले में कोई ठोस प्रबंध नहीं कर रहा है। ऐसे में हादसों में या तो लावारिस पशु की मौत हो जाती है या वाहन चालक खुद जोखिम में पड़ जाते हैं।
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कैरू शिव चौक से बहल व भिवानी मार्ग पर जमावड़ा
क्षेत्र के पशु पालक दुधारू पशुओं या दूध देना बंद कर चुकी गायों को खुले में छोड़ देते हैं। इससे सड़कों पर उनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जगह-जगह गायें विचरण करती हैं और बहल व भिवानी मार्ग पर जमावड़ा लगा देती हैं। तेज रफ्तार वाहन चालक इन्हें समय पर नहीं देख पाते और हादसे का शिकार हो जाते हैं। वाहन चालकों को किनारे से होकर मार्ग पर आना पड़ता है।
घरेलू गायों को खुले में छोड़ने वाले पशुपालकों के लिए गांव में सूचना दे दी गई है। पशुपालक अपने गोवंश को हरा-घास चराने के लिए ले जाएं तो साथ में रहें और उन्हें सड़कों पर न आने दें या गोशाला में रखें ताकि सड़क हादसों से बचा जा सके। - रूपेश, प्रधान, बाबा दिलसुख गोशाला, कैरू
गांव में इस संबंध में बैठक करके इन गोवंश को गोशाला में छुड़वाने का प्रयास किया जाएगा। अगर किसी पशुपालक की गाय खुले में घूमती है तो उन्हें सचेत करके जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू करने पर भी विचार किया जाएगा ताकि सड़कों पर यातायात बाधित न हो और हादसों से बचा जा सके। - सुंदरपाल, सरपंच, कैरू
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रातभर ये पशु सड़क पर अपना आसरा ढूंढते हैं और सड़कों को ही अपना बसेरा बना लेते हैं। पशु पालकों की यह लापरवाही वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन रही है। सड़क पर घूमते गोवंश यातायात बाधित कर रहे हैं और हादसों की आशंका बढ़ा रहे हैं। लोग दिनभर इन्हें डंडे से भगाने में लगे रहते हैं। इनके बीच लड़ाई होने से भी नुकसान होता है। कई पशु पालक दूध देना बंद करने के बाद अपने गोवंश को उनके हाल पर ही छोड़ देते हैं।
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गाड़ी की टक्कर से हो गई थी गाय की मौत
तीन दिन पहले पीपल वाला चौक के पास बीचों-बीच गाय बैठी हुई थी। वहां से गुजरती एक गाड़ी की टक्कर लगने से गाय की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में गाड़ी को भी नुकसान हुआ लेकिन चालक सुरक्षित रहा। हालांकि पशुपालक अपने पशुओं की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। जिला प्रशासन भी इस मामले में कोई ठोस प्रबंध नहीं कर रहा है। ऐसे में हादसों में या तो लावारिस पशु की मौत हो जाती है या वाहन चालक खुद जोखिम में पड़ जाते हैं।
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कैरू शिव चौक से बहल व भिवानी मार्ग पर जमावड़ा
क्षेत्र के पशु पालक दुधारू पशुओं या दूध देना बंद कर चुकी गायों को खुले में छोड़ देते हैं। इससे सड़कों पर उनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जगह-जगह गायें विचरण करती हैं और बहल व भिवानी मार्ग पर जमावड़ा लगा देती हैं। तेज रफ्तार वाहन चालक इन्हें समय पर नहीं देख पाते और हादसे का शिकार हो जाते हैं। वाहन चालकों को किनारे से होकर मार्ग पर आना पड़ता है।
घरेलू गायों को खुले में छोड़ने वाले पशुपालकों के लिए गांव में सूचना दे दी गई है। पशुपालक अपने गोवंश को हरा-घास चराने के लिए ले जाएं तो साथ में रहें और उन्हें सड़कों पर न आने दें या गोशाला में रखें ताकि सड़क हादसों से बचा जा सके। - रूपेश, प्रधान, बाबा दिलसुख गोशाला, कैरू
गांव में इस संबंध में बैठक करके इन गोवंश को गोशाला में छुड़वाने का प्रयास किया जाएगा। अगर किसी पशुपालक की गाय खुले में घूमती है तो उन्हें सचेत करके जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू करने पर भी विचार किया जाएगा ताकि सड़कों पर यातायात बाधित न हो और हादसों से बचा जा सके। - सुंदरपाल, सरपंच, कैरू