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Bhiwani News: खेल बजट में खेल....सालभर किया इंतजार, मिला तो एक ही दिन में खर्च करने की मांगी रिपोर्ट
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भिवानी। स्कूलों में खेल संसाधन मुहैया कराने के लिए बजट का सालभर इंतजार किया और वित्तीय सत्र खत्म होने से एक दिन पहले 30 मार्च को जारी कर दिया। ताज्जुब है कि इस बजट को एक ही दिन में खर्च कर 31 मार्च को रिपोर्ट भी भेजनी है। स्कूल संचालक असमंजस में है कि बजट को महावीर जयंती पर छुट्टी के दिन कैसे और कहां खर्च किया जाए। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना की ओर से प्रदेशभर के स्कूलों के लिए 12.83 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेशभर के 14,019 राजकीय स्कूलों के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 12 करोड़ 83 लाख 70,000 रुपये का बजट खेल सामान खरीद के लिए स्वीकृत किया गया है जबकि विद्यार्थी बजट नहीं होने के कारण पिछले एक साल से खेल सामग्री का इंतजार कर रहे थे। निदेशालय से जारी पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल प्रबंधक समिति स्कूल अधिकारियों के दिशा-निर्देशों और आवश्यकताओं के अनुसार खेल उपकरणों व सुविधाओं का आकलन कर खरीद करेगी। समग्र शिक्षा के जिला परियोजना संयोजक 31 मार्च तक स्कूल स्तर पर राशि खर्च का उपयोग को सुनिश्चित करेगा और अपने अधिकार क्षेत्र के सभी स्कूलों से चालान व उपयोग प्रमाणपत्र एकत्र करेगा। विभाग के इस आदेश ने स्कूल मुखियाओं को असमंजस में डाल दिया है। हरियाणा शारीरिक शिक्षक एसोसिएशन ने भी इस आदेश पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन के राज्य संरक्षक राजेश ढांडा ने कहा कि स्कूलों में खेल प्रतिभाओं को सुविधाएं देने के लिए आदेश व्यावहारिक होने चाहिए। इस तरह जल्दबाजी में जारी निर्देशों से न तो सही तरीके से सामान की खरीद हो पाएगी और न ही नियमों का पालन संभव है क्योंकि कमेटी गठन और खरीद प्रक्रिया में समय लगता है। 31 मार्च को महावीर जयंती का अवकाश भी है।
सामान खरीदने के लिए गठित होगी छह सदस्यीय कमेटी
खेल का सामान खरीदने के लिए प्रत्येक प्राइमरी स्कूल के लिए पांच हजार और अपर प्राइमरी के लिए दस हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। सामान खरीदने के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित होगी। स्कूल प्रबंधक कमेटी (एसएमसी) के चेयरपर्सन अध्यक्ष होंगे जबकि स्कूल मुखिया सचिव। इनके अलावा सरपंच, खेल पृष्ठभूमि वाला एसएमसी सदस्य और एक शिक्षक सदस्य के रूप में शामिल होगा।
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-- -- -- -- -- -- -सभी सरकारी स्कूलों के मुखियाओं को आदेशों से अवगत करा दिया है। स्कूल मुखिया सामान खरीदने के आदेश जारी कर दें और बाद में सामान खरीद के लिए कमेटी गठित कर प्रक्रिया को पूरा करा लें। आदेशों में सिर्फ एक दिन का समय मिला है। इस अवधि में स्कूल मुखिया अपनी सूझबूझ से काम लेंगे। - शिवकुमार, जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान, भिवानी।
प्रदेश के स्कूलों को जारी किया गया ये बजट
जिले का नाम- सरकारी स्कूल स्वीकृत राशि (लाखों में)
1. अंबाला- 751 65.60
2. भिवानी- 732 69.70
3. चरखी दादरी- 364 36.55
4. फरीदाबाद- 372 34.55
5. फतेहाबाद- 605 55.35
6. गुरुग्राम- 566 50.50
7. हिसार- 849 85.40
8. झज्जर- 511 53.45
9. जींद- 711 69.60
10. कैथल- 580 53.60
11. करनाल- 759 67.70
12. कुरुक्षेत्र- 762 62.40
13. महेंद्रगढ़- 710 62.65
14. नूंह- 887 76.40
15. पलवल- 595 51.80
16. पंचकूला- 413 33.55
17. पानीपत- 407 39.95
18. रेवाड़ी- 628 56.95
19. रोहतक- 400 45.15
20. सिरसा- 818 73.70
21. सोनीपत- 698 68.90
22. यमुनानगर- 901 70.25
कुल- 14019 1283.70
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समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेशभर के 14,019 राजकीय स्कूलों के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 12 करोड़ 83 लाख 70,000 रुपये का बजट खेल सामान खरीद के लिए स्वीकृत किया गया है जबकि विद्यार्थी बजट नहीं होने के कारण पिछले एक साल से खेल सामग्री का इंतजार कर रहे थे। निदेशालय से जारी पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल प्रबंधक समिति स्कूल अधिकारियों के दिशा-निर्देशों और आवश्यकताओं के अनुसार खेल उपकरणों व सुविधाओं का आकलन कर खरीद करेगी। समग्र शिक्षा के जिला परियोजना संयोजक 31 मार्च तक स्कूल स्तर पर राशि खर्च का उपयोग को सुनिश्चित करेगा और अपने अधिकार क्षेत्र के सभी स्कूलों से चालान व उपयोग प्रमाणपत्र एकत्र करेगा। विभाग के इस आदेश ने स्कूल मुखियाओं को असमंजस में डाल दिया है। हरियाणा शारीरिक शिक्षक एसोसिएशन ने भी इस आदेश पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन के राज्य संरक्षक राजेश ढांडा ने कहा कि स्कूलों में खेल प्रतिभाओं को सुविधाएं देने के लिए आदेश व्यावहारिक होने चाहिए। इस तरह जल्दबाजी में जारी निर्देशों से न तो सही तरीके से सामान की खरीद हो पाएगी और न ही नियमों का पालन संभव है क्योंकि कमेटी गठन और खरीद प्रक्रिया में समय लगता है। 31 मार्च को महावीर जयंती का अवकाश भी है।
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सामान खरीदने के लिए गठित होगी छह सदस्यीय कमेटी
खेल का सामान खरीदने के लिए प्रत्येक प्राइमरी स्कूल के लिए पांच हजार और अपर प्राइमरी के लिए दस हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। सामान खरीदने के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित होगी। स्कूल प्रबंधक कमेटी (एसएमसी) के चेयरपर्सन अध्यक्ष होंगे जबकि स्कूल मुखिया सचिव। इनके अलावा सरपंच, खेल पृष्ठभूमि वाला एसएमसी सदस्य और एक शिक्षक सदस्य के रूप में शामिल होगा।
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प्रदेश के स्कूलों को जारी किया गया ये बजट
जिले का नाम- सरकारी स्कूल स्वीकृत राशि (लाखों में)
1. अंबाला- 751 65.60
2. भिवानी- 732 69.70
3. चरखी दादरी- 364 36.55
4. फरीदाबाद- 372 34.55
5. फतेहाबाद- 605 55.35
6. गुरुग्राम- 566 50.50
7. हिसार- 849 85.40
8. झज्जर- 511 53.45
9. जींद- 711 69.60
10. कैथल- 580 53.60
11. करनाल- 759 67.70
12. कुरुक्षेत्र- 762 62.40
13. महेंद्रगढ़- 710 62.65
14. नूंह- 887 76.40
15. पलवल- 595 51.80
16. पंचकूला- 413 33.55
17. पानीपत- 407 39.95
18. रेवाड़ी- 628 56.95
19. रोहतक- 400 45.15
20. सिरसा- 818 73.70
21. सोनीपत- 698 68.90
22. यमुनानगर- 901 70.25
कुल- 14019 1283.70