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Bhiwani News: सीएचसी में अनियमितताओं के खिलाफ सामाजिक संगठनों ने दिया धरना

Wed, 13 Aug 2025 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 13 Aug 2025 12:38 AM IST
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Social organizations staged a sit-in protest against irregularities in CHC
लोहारू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर धरने पर बैठे सामाजिक संगठनों के सदस्य। संवाद
लोहारू। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं में अनियमितताओं से नाराज होकर कई सामाजिक संगठनों के सदस्य मंगलवार को अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही, बाहर के मेडिकल स्टोर की दवाएं लिखने, घायल मरीजों और गर्भवती महिलाओं को बिना उपचार के ही रेफर करने तथा मरीजों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए।
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प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर एसएमओ डॉ. संजीव गोयल को ज्ञापन सौंपा। एसएमओ ने शिकायतों के प्राथमिकता से निवारण का आश्वासन दिया जबकि गुस्साए लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया जाएगा।
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लोहारू समस्या समाधान संगठन के प्रदीप सैनी, शहीद भगत सिंह समाज कल्याण समिति के प्रधान जगदीश जायलवाल, रामलीला कमेटी के संतलाल सैनी, वीरेंद्र बामला, पार्षद अजय शर्मा, पार्षद राजेश सैनी, पार्षद अशोक सैनी समेत अनेक लोगों ने धरने में भाग लिया। प्रदीप सैनी ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के समय अस्पताल स्टाफ ने उनकी गर्भवती पत्नी के साथ उचित व्यवहार नहीं किया और न ही अस्पताल में डिलीवरी कराई जिससे उन्हें निजी अस्पताल में हजारों रुपये खर्च करने पड़े।
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सोमवीर सिंह ने बताया कि उनके ससुर को भी अस्पताल में दवाएं नहीं दी गईं और बाहर से लेने को कहा गया। पवन शर्मा ने कहा कि उनकी पुत्रवधू को 10 घंटे अस्पताल में रखने के बाद रात 11 बजे बिना चिकित्सक के रेफर कर दिया गया जबकि निजी अस्पताल में आधे घंटे में डिलीवरी हो गई। उन्होंने कहा कि लोहारू के लोगों को सरकारी अस्पताल से कोई सुविधा नहीं मिल रही जिससे वे महंगे निजी उपचार के लिए मजबूर हैं। इस मौके पर वीरेंद्र सैनी, रामसिंह सैनी और मनोज जोशी भी मौजूद रहे।

अस्पताल प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप
धरने पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल के कुछ चिकित्सकों की निजी अस्पतालों के डॉक्टरों से मिलीभगत है। आरोप है कि इस सांठगांठ के चलते मरीजों को बिना जरूरत रेफर किया जाता है जिससे उन्हें मजबूरी में निजी अस्पताल जाना पड़ता है। दवाओं के मामले में भी बाहर के मेडिकल स्टोर मालिकों से मिलीभगत होने की बात कही गई।


शीघ्र करवाया जाएगा शिकायतों का समाधान : एसएमओ
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ डॉ. संजीव गोयल ने कहा कि उन्हें लोगों की शिकायतें मिली हैं जिनकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सभी तरह की सिजेरियन डिलीवरी संभव नहीं है केवल पूर्व निर्धारित मामलों में ही ऑपरेशन हो पाता है। ब्लड यूनिट के लिए फ्रिज और एक्स-रे मशीन की डिमांड भेजी जा चुकी है। सरकार के अनुबंध के अनुसार शहर के दो निजी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करवाए जा रहे हैं। कर्मचारियों के व्यवहार में सुधार के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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