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Bhiwani News: धरातल पर उतरीं छह बड़ी परियोजनाएं, विकास को लगे पंख
Sun, 14 Jul 2024 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 14 Jul 2024 12:06 AM IST
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भिवानी में बनकर तैयार हुआ मेडिकल कॉलेज का भवन।
भिवानी। छह साल में भिवानी जिले ने अभूतपूर्व विकास का सफर तय किया है। इस दौरान कई बड़ी परियोजनाओं पर काम पूरा हुआ है। वहीं कुछ परियोजनाओं काम तेजी से चल रहा है। जिले को आधुनिक रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है। मेडिकल कॉलेज निर्माण का काम भी पूरा हुआ है। सीबीएलयू को भी इस दौरान खुद का भवन मिला है। लघु सचिवालय में भी नए खंड का निर्माण अंतिम चरण में है। 52 साल पुराने लोहारू रोड पर भी पुराना पुल तोड़कर नए पुल का निर्माण शुरू हुआ है। जबकि तीन रेलवे पुल परियोजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है। जिले को जल्द ही चार नए बाईपास की सौगात भी मिलेगी।
भिवानी जिले में छह साल का सफर उतार चढ़ाव भरा रहा है। विकास कार्यों के बाद कोरोना महामारी में दो साल तक जिले ने महाबीमारी का दंश भी झेला है। इसके बावजूद विकास का पहिया लगातार घूमता रहा है। यही वजह है कि जिले में छह साल के अर्से के दौरान बड़ी परियोजनाओं पर अनेक अड़चनों के बाद काम पूरा हुआ है।
भिवानी में सड़क, भवन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी करोड़ों की परियोजनाओं पर सरकार से बजट मिला है। इसमें रेलवे ओवरब्रिज की तीन बड़ी परियोजनाएं भी जिले में मिली हैं, जबकि शहर के बाहर रिंग रोड बनाने का सपना भी अब साकार होने जा रहा है। इसी के साथ दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर भी चार बाईपास की जल्द प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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720 बेड का नया मेडिकल कॉलेज जिले को मिला, जल्द होगी शुरुआत
भिवानी जिले में 720 बेड का नया मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो चुका है। करीब 1,300 करोड़ रुपये की इस बड़ी परियोजना में तीन ढाई से तीन साल का समय लगा। तीन खंडों में बने इस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के डेढ़ सौ दाखिले भी होंगे। वहीं जिले के मरीजों को अब दिल्ली जैसी चिकित्सा सुविधा भी यहीं पर मिलेगी। मेडिकल कॉलेज नेशनल मेडिकल काउंसिल की अनुमति के बाद शुरू हो जाएगा।
यूनिवर्सिटी में बनकर तैयार हो गए दो खंड, तीसरे का काम शुरू
गांव प्रेमनगर में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में दो नए खंड बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनमें विद्यार्थियों की कक्षाओं का संचालन भी शुरू हो चुका है। जबकि यूनिवर्सिटी का तीसरा खंड निर्माण का काम भी शुरू हो गया है। यूनिवर्सिटी को नए भवन में शिफ्ट किया जा चुका है। जबकि पुराने कैंपस को भी अब स्वर्ण जयंती कॉलेज की सौगात मिली है, इसके अंदर भी अब दाखिला आरंभ हो चुके हैं।
रेलवे जंक्शन का भी बदल गया स्वरूप
भिवानी का रेलवे जंक्शन करीब पांच दशक पुराना हो चुका है। इसका स्वरूप भी अब बदल चुका है। स्टेशन पर करोड़ों रुपयों के बजट से इसका जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण का काम चल रहा है, जो अब अंतिम चरण में है। इसके तहत स्टेशन का प्रवेश द्वार भवन बना है। जबकि प्लेटफार्म और यात्री विश्रामगृह का भी नवीनीकरण हुआ है। इसके अलावा भी स्टेशन पर कई नए बदलाव हुए हैं। जिससे यात्रियों को इसका फायदा मिला है।
दिसंबर तक बनकर तैयार होगा लघु सचिवालय का नया खंड
लघु सचिवालय में नए प्रशासनिक खंड का निर्माण चल रहा है। ये निर्माण दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। करीब 72 करोड़ की लागत से बन रहे इस प्रशासनिक खंड के बनकर तैयार होने के बाद एक ही छत के नीचे सभी प्रशासनिक अधिकारियों को बैठकर लोगों से जुड़ी समस्याओं का समाधान मिलेगा। वहीं एक ही जगह सभी प्रशासनिक काम भी होंगे। इस भवन के बेसमेंट में वाहन पार्किंग और प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल पर प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय होंगे।
52 साल पुराने पुल की जगह बन रहा नया रेलवे ओवरब्रिज
लोहारू रोड पर करीब 52 साल पुराने पुल को तोड़कर 40 करोड़ की लागत से रेलवे नए रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण करा रहा है। ये पुल करीब एक साल में बनकर तैयार होने की उम्मीद है। जिस पर तेजी से काम चल रहा है। पुल का ढांचा तैयार हो चुका है। जिस पर अब ऊपरी हिस्से का काम शुरू होगा। दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे का ये रेलवे ओवरब्रिज दिल्ली को राजस्थान और पंजाब, हिमाचल से वाहनों के आवागमन का मुख्य जरिया है।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर बनेंगे चार बाईपास
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर कस्बाई इलाकों में चार बाईपास निर्माण भी प्रस्तावित हैं। इनमें लोहानी, जूई कलां, ढिगावा मंडी और लोहारू शामिल है। इन कस्बों के बाहर से नए बाईपास बनाए जाएंगे। इसके बाद वाहनों की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। फिलहाल हाईवे के रास्ते में चार कस्बा के अंदर भीड़ भरे इलाकों में वाहनों के जाम की स्थिति बनती है। नए बाईपास बनने के बाद वाहनों को जाम से छुटकारा मिल जाएगा। केंद्र सरकार की इस परियोजना पर अब मसौदे को अंतिम रूप देना बाकी है।
भिवानी जिले में पीडब्ल्यूडी सहित अन्य विभागों की विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। पीडब्ल्यूडी की विकास परियोजनाओं पर तय समय में कार्य पूरा होने की उम्मीद है। इसमें भवन निर्माण, रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की परियोजनाएं प्रमुख हैं।
-लोकेश डागर, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी भिवानी।
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भिवानी जिले में छह साल का सफर उतार चढ़ाव भरा रहा है। विकास कार्यों के बाद कोरोना महामारी में दो साल तक जिले ने महाबीमारी का दंश भी झेला है। इसके बावजूद विकास का पहिया लगातार घूमता रहा है। यही वजह है कि जिले में छह साल के अर्से के दौरान बड़ी परियोजनाओं पर अनेक अड़चनों के बाद काम पूरा हुआ है।
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भिवानी में सड़क, भवन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी करोड़ों की परियोजनाओं पर सरकार से बजट मिला है। इसमें रेलवे ओवरब्रिज की तीन बड़ी परियोजनाएं भी जिले में मिली हैं, जबकि शहर के बाहर रिंग रोड बनाने का सपना भी अब साकार होने जा रहा है। इसी के साथ दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर भी चार बाईपास की जल्द प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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720 बेड का नया मेडिकल कॉलेज जिले को मिला, जल्द होगी शुरुआत
भिवानी जिले में 720 बेड का नया मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो चुका है। करीब 1,300 करोड़ रुपये की इस बड़ी परियोजना में तीन ढाई से तीन साल का समय लगा। तीन खंडों में बने इस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के डेढ़ सौ दाखिले भी होंगे। वहीं जिले के मरीजों को अब दिल्ली जैसी चिकित्सा सुविधा भी यहीं पर मिलेगी। मेडिकल कॉलेज नेशनल मेडिकल काउंसिल की अनुमति के बाद शुरू हो जाएगा।
यूनिवर्सिटी में बनकर तैयार हो गए दो खंड, तीसरे का काम शुरू
गांव प्रेमनगर में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में दो नए खंड बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनमें विद्यार्थियों की कक्षाओं का संचालन भी शुरू हो चुका है। जबकि यूनिवर्सिटी का तीसरा खंड निर्माण का काम भी शुरू हो गया है। यूनिवर्सिटी को नए भवन में शिफ्ट किया जा चुका है। जबकि पुराने कैंपस को भी अब स्वर्ण जयंती कॉलेज की सौगात मिली है, इसके अंदर भी अब दाखिला आरंभ हो चुके हैं।
रेलवे जंक्शन का भी बदल गया स्वरूप
भिवानी का रेलवे जंक्शन करीब पांच दशक पुराना हो चुका है। इसका स्वरूप भी अब बदल चुका है। स्टेशन पर करोड़ों रुपयों के बजट से इसका जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण का काम चल रहा है, जो अब अंतिम चरण में है। इसके तहत स्टेशन का प्रवेश द्वार भवन बना है। जबकि प्लेटफार्म और यात्री विश्रामगृह का भी नवीनीकरण हुआ है। इसके अलावा भी स्टेशन पर कई नए बदलाव हुए हैं। जिससे यात्रियों को इसका फायदा मिला है।
दिसंबर तक बनकर तैयार होगा लघु सचिवालय का नया खंड
लघु सचिवालय में नए प्रशासनिक खंड का निर्माण चल रहा है। ये निर्माण दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। करीब 72 करोड़ की लागत से बन रहे इस प्रशासनिक खंड के बनकर तैयार होने के बाद एक ही छत के नीचे सभी प्रशासनिक अधिकारियों को बैठकर लोगों से जुड़ी समस्याओं का समाधान मिलेगा। वहीं एक ही जगह सभी प्रशासनिक काम भी होंगे। इस भवन के बेसमेंट में वाहन पार्किंग और प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल पर प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय होंगे।
52 साल पुराने पुल की जगह बन रहा नया रेलवे ओवरब्रिज
लोहारू रोड पर करीब 52 साल पुराने पुल को तोड़कर 40 करोड़ की लागत से रेलवे नए रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण करा रहा है। ये पुल करीब एक साल में बनकर तैयार होने की उम्मीद है। जिस पर तेजी से काम चल रहा है। पुल का ढांचा तैयार हो चुका है। जिस पर अब ऊपरी हिस्से का काम शुरू होगा। दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे का ये रेलवे ओवरब्रिज दिल्ली को राजस्थान और पंजाब, हिमाचल से वाहनों के आवागमन का मुख्य जरिया है।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर बनेंगे चार बाईपास
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर कस्बाई इलाकों में चार बाईपास निर्माण भी प्रस्तावित हैं। इनमें लोहानी, जूई कलां, ढिगावा मंडी और लोहारू शामिल है। इन कस्बों के बाहर से नए बाईपास बनाए जाएंगे। इसके बाद वाहनों की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। फिलहाल हाईवे के रास्ते में चार कस्बा के अंदर भीड़ भरे इलाकों में वाहनों के जाम की स्थिति बनती है। नए बाईपास बनने के बाद वाहनों को जाम से छुटकारा मिल जाएगा। केंद्र सरकार की इस परियोजना पर अब मसौदे को अंतिम रूप देना बाकी है।
भिवानी जिले में पीडब्ल्यूडी सहित अन्य विभागों की विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। पीडब्ल्यूडी की विकास परियोजनाओं पर तय समय में कार्य पूरा होने की उम्मीद है। इसमें भवन निर्माण, रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की परियोजनाएं प्रमुख हैं।
-लोकेश डागर, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी भिवानी।