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Bhiwani News: आंखों की तकलीफ में राहत की तलाश, राजकीय नेत्र अस्पताल में मरीजों का सैलाब
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राजकीय नेत्र अस्पताल की पंजीकरण खिड़की पर लगी मरीजों की भीड़।
भिवानी। शहर के राजकीय किशनलाल जालान नेत्र अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 350 मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में सोमवार और शुक्रवार को दो चिकित्सक मरीजों की जांच करते हैं तो ओपीडी में मरीजों की संख्या 450 तक भी पहुंच जाती है। पहले यह संख्या 250 से 300 के बीच रहती थी। लेकिन आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में मोतियाबिंद के ऑपरेशन बंद होने के बाद राजकीय अस्पताल में भीड़ बढ़ने लगी है। इस कारण चिकित्सक कक्ष के बाहर सुबह से दोपहर तक मरीजों की कतार लगी रहती है।
ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में आंखों में जलन, धुंधला दिखाई देना, आंख से पानी आना और मोतियाबिंद की शिकायत मुख्य रूप से देखी जा रही हैं। मरीजों में ज्यादातर युवा भी आंखों में जलन और एलर्जी की दिक्कत लेकर चिकित्सक के पास आ रहे हैं। चिकित्सक सर्दी के मौसम में लोगों को आंखों की विशेष देखभाल करने की सलाह दे रहे हैं।
डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि आंखों से पानी आना और आंखों का लाल होना भी नेत्र विकार की निशानी है। ऐसे में लोगों को आंखों की देखभाल के लिए चश्मे का उपयोग करना चाहिए। जिन लोगों को आंखों में धूल-मिट्टी से एलर्जी है उन्हें चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा का उपयोग करना चाहिए।
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राजकीय नेत्र अस्पताल में आंखों में जलन, मोतियाबिंद, आंखों से पानी आना जैसी समस्याओं के मरीज आ रहे हैं। आयुष्मान योजना के तहत प्रतिदिन अस्पताल में मोतियाबिंद के भी निशुल्क ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अगर किसी मरीज को आंखों में समस्या होती है तो अपनी मर्जी से कोई भी ड्रॉप ना डालें। अपने नजदीकी चिकित्सक से परामर्श करें। -डॉ. सुरेंद्र कुमार, प्रभारी राजकीय नेत्र अस्पताल भिवानी।
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ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में आंखों में जलन, धुंधला दिखाई देना, आंख से पानी आना और मोतियाबिंद की शिकायत मुख्य रूप से देखी जा रही हैं। मरीजों में ज्यादातर युवा भी आंखों में जलन और एलर्जी की दिक्कत लेकर चिकित्सक के पास आ रहे हैं। चिकित्सक सर्दी के मौसम में लोगों को आंखों की विशेष देखभाल करने की सलाह दे रहे हैं।
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डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि आंखों से पानी आना और आंखों का लाल होना भी नेत्र विकार की निशानी है। ऐसे में लोगों को आंखों की देखभाल के लिए चश्मे का उपयोग करना चाहिए। जिन लोगों को आंखों में धूल-मिट्टी से एलर्जी है उन्हें चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा का उपयोग करना चाहिए।
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राजकीय नेत्र अस्पताल में आंखों में जलन, मोतियाबिंद, आंखों से पानी आना जैसी समस्याओं के मरीज आ रहे हैं। आयुष्मान योजना के तहत प्रतिदिन अस्पताल में मोतियाबिंद के भी निशुल्क ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अगर किसी मरीज को आंखों में समस्या होती है तो अपनी मर्जी से कोई भी ड्रॉप ना डालें। अपने नजदीकी चिकित्सक से परामर्श करें। -डॉ. सुरेंद्र कुमार, प्रभारी राजकीय नेत्र अस्पताल भिवानी।