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Bhiwani News: सैटेलाइट से खेतों की निगरानी शुरू फसल अवशेष जलाने पर सख्ती
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भिवानी। फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक अप्रैल से सैटेलाइट के माध्यम से प्रत्येक खेत की निगरानी शुरू कर दी गई है। अब यदि कोई गेहूं के फसल अवशेष में आग लगाता है तो वह प्रशासन की नजरों से नहीं बच सकेगा।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने जिले के किसानों और आमजन से अपील की है कि वे फसल अवशेषों को किसी भी स्थिति में न जलाएं। सहायक कृषि अभियंता नसीब सिंह धनखड़ ने बताया कि जिले के 272 गांवों में 1,02,600 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल है।
कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों को जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए डीसी साहिल गुप्ता के निर्देश पर जिला, खंड और गांव स्तर पर प्रोटेक्शन फोर्स का गठन किया गया है जो लगातार निगरानी करेगी।
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उन्होंने बताया कि एक अप्रैल 2026 से आधुनिक तकनीक के माध्यम से सैटेलाइट से प्रत्येक खेत की निगरानी की जा रही है। यदि कोई किसान फसल अवशेषों में आग लगाता है तो इसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी। इसके बाद संबंधित गांव स्तर के अधिकारियों को सूचित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने जिले के किसानों और आमजन से अपील की है कि वे फसल अवशेषों को किसी भी स्थिति में न जलाएं। सहायक कृषि अभियंता नसीब सिंह धनखड़ ने बताया कि जिले के 272 गांवों में 1,02,600 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल है।
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कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों को जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए डीसी साहिल गुप्ता के निर्देश पर जिला, खंड और गांव स्तर पर प्रोटेक्शन फोर्स का गठन किया गया है जो लगातार निगरानी करेगी।
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उन्होंने बताया कि एक अप्रैल 2026 से आधुनिक तकनीक के माध्यम से सैटेलाइट से प्रत्येक खेत की निगरानी की जा रही है। यदि कोई किसान फसल अवशेषों में आग लगाता है तो इसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी। इसके बाद संबंधित गांव स्तर के अधिकारियों को सूचित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।