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दूसरे दिन चक्का जाम से यात्री धक्के खाने को हुए मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Apr 2017 12:28 AM IST
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हड़ताल के चलते सुनसान बस स्टैंड।
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रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण मंगलवार को 123 रोडवेज बसों के पहिये जाम रहे। कर्मचारियों की हड़ताल से भिवानी डिपो को करीब 12 लाख का नुकसान उठाना पड़ा। प्राइवेट बसों को दिए परमिट के विरोध में कर्मचारी वर्कशॉप में धरना देकर रोष जताते रहे और सड़कों पर यात्री परेशान रहे। प्राइवेट बसों के पास लंबे रूट के परमिट नहीं होने से यात्रियों को अलग-अलग जिलों में जाकर बसें बदलनी पड़ी। रोडवेज कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक प्राइवेट बसों के परमिट रद्द नहीं किए जाते तब तक चक्का जाम रहेगा।
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन व रोडवेज कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने मंगलवार को दिनभर चक्का जाम रखा और बस स्टैंड से एक भी बस बाहर नहीं निकली। जिसके कारण 123 बसों के 350 चक्कर प्रभावित हुए। गेट पर पुलिस फोर्स किसी भी अप्रिय घटना रोकने के लिए तैयार रही। बस स्टैंड के बाहर, रोहतक गेट, महम गेट, दादरी गेट, अनाजमंडी ओवरब्रिज के पास, तोशाम बाइपास ओवरब्रिज के पास, बासिया भवन के पास, सेक्टर 13 मोड़ के पास यात्रियों की भीड़ लगी रही।
दूर-दराज के यात्री रहे परेशान
प्राइवेट बसों के पास सिर्फ लोकल रूटों की ही अनुमति है। ऐसे में दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने के लिए यात्रियों को भारी परेशानी से जूझना पड़ा। यात्रियों को अलग-अलग जिलों में जाकर बसें बदलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। यात्रियों के लिए ट्रेनें कुछ सहारा बनी जिससे रेलवे स्टेशन पर अन्य दिनों की तुलना अधिक भीड़ रही।
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बस चलेंगी या नहीं
ससुराल में बच्चों को लेने आया था। अब रोडवेज की हड़ताल है और प्राइवेट बसें कैथल जाती नहीं। ऐसे में घर कैैसे जाए। बसें चलेंगी या नहीं कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं मिल रहा। यह कहना है कैथल वासी राजू का। यह अकेले राजू की ही समस्या नहीं बल्कि अनेक यात्री लंबे रूटों पर जाने के लिए परेशान दिखे। पटौदी वासी नरेश, जगमति अपने परिवार सहित बस स्टैंड पहुंचे। उन्हें गुरुग्राम जाना था। दोनों ने बताया कि गुरुग्राम का तीन घंटे का सफर है लेकिन अलग-अलग जगह जाकर बसें बदलनी पड़ेंगी जिससे पूरा दिन सफर में ही बेकार हो जाएगा।
प्राइवेट बसों के परमिट रद नहीं होने तक रहेगा चक्का जाम
हड़ताल कर रहे रोडवेज कर्मचारियों की नजर सरकार से चल रही वार्ता पर टिकी थी। दो दौर की वार्ता विफल होने के कारण डिपो प्रधान राज कुमार दलाल ने बताया कि प्राइवेट बसों को परमिट का फैसला जब तक रद्द नहीं किया जाता तब तक चक्का जाम रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्राइवेट बसों को परमिट देने की बजाय रोडवेज बेड़े में नई बसों को शामिल करें। इससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा। धरने को सत्यवान, राजेश शर्मा, सोनू, नरेश शर्मा, राज कुमार मुंढाल, बिजेंद्र मित्ताथल, धर्मेंद्र, हरान सिंह, रणबीर तोमर, इंद्र सिंह, रणबीर गौरेया, राधे शर्मा, जोगेंद्र शर्मा आदि कर्मचारी नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बसें नहीं चली है। काफी नुकसान हुआ है मगर इस बारे में कोई भी फैसला सरकार को लेना है।
अश्विनी डोगरा, महाप्रबंधक
भिवानी डिपो
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निजी वाहन चालकों की बल्ले-बल्ले
तोशाम। निजी बसों को परमिट दिए जाने के विरोध में मंगलवार को रोडवेज का चक्का जाम रहा वहीं निजी वाहन चालकों ने जमकर चांदी कूटी। चक्का जाम होने के कारण सवारियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण मंगलवार को प्राइवेट बसें ठसाठस भर कर चलीं।
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पुलिस फोर्स के हवाले रहा बस स्टैंड
लोहारू। निजी बस परमिट नीति के विरोध में मंगलवार को लोहारू सब डिपो पर कर्मचारियों ने ताला जड़ दिया। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सभी रूट प्रभावित रहे।
महासंघ की लोहारू इकाई के अध्यक्ष सुरेंद्र गोठड़ा के नेतृत्व में सब डिपो के कर्मचारियों ने सुबह ही बस डिपो के मुख्य गेट पर को बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुरेंद्र गोठड़ा ने कहा कि संगठन की स्टेट बॉडी ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम करने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में लोहारू सब डिपो के सभी 60 परिचालक एवं 57 चालकों एवं कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार करीब 273 प्राईवेट परमिट देने जा रही है और सरकार के इस फैसले को किसी भी सूरत में लागू नहीं होने दिया जाएगा।
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हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन व रोडवेज कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने मंगलवार को दिनभर चक्का जाम रखा और बस स्टैंड से एक भी बस बाहर नहीं निकली। जिसके कारण 123 बसों के 350 चक्कर प्रभावित हुए। गेट पर पुलिस फोर्स किसी भी अप्रिय घटना रोकने के लिए तैयार रही। बस स्टैंड के बाहर, रोहतक गेट, महम गेट, दादरी गेट, अनाजमंडी ओवरब्रिज के पास, तोशाम बाइपास ओवरब्रिज के पास, बासिया भवन के पास, सेक्टर 13 मोड़ के पास यात्रियों की भीड़ लगी रही।
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दूर-दराज के यात्री रहे परेशान
प्राइवेट बसों के पास सिर्फ लोकल रूटों की ही अनुमति है। ऐसे में दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने के लिए यात्रियों को भारी परेशानी से जूझना पड़ा। यात्रियों को अलग-अलग जिलों में जाकर बसें बदलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। यात्रियों के लिए ट्रेनें कुछ सहारा बनी जिससे रेलवे स्टेशन पर अन्य दिनों की तुलना अधिक भीड़ रही।
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बस चलेंगी या नहीं
ससुराल में बच्चों को लेने आया था। अब रोडवेज की हड़ताल है और प्राइवेट बसें कैथल जाती नहीं। ऐसे में घर कैैसे जाए। बसें चलेंगी या नहीं कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं मिल रहा। यह कहना है कैथल वासी राजू का। यह अकेले राजू की ही समस्या नहीं बल्कि अनेक यात्री लंबे रूटों पर जाने के लिए परेशान दिखे। पटौदी वासी नरेश, जगमति अपने परिवार सहित बस स्टैंड पहुंचे। उन्हें गुरुग्राम जाना था। दोनों ने बताया कि गुरुग्राम का तीन घंटे का सफर है लेकिन अलग-अलग जगह जाकर बसें बदलनी पड़ेंगी जिससे पूरा दिन सफर में ही बेकार हो जाएगा।
प्राइवेट बसों के परमिट रद नहीं होने तक रहेगा चक्का जाम
हड़ताल कर रहे रोडवेज कर्मचारियों की नजर सरकार से चल रही वार्ता पर टिकी थी। दो दौर की वार्ता विफल होने के कारण डिपो प्रधान राज कुमार दलाल ने बताया कि प्राइवेट बसों को परमिट का फैसला जब तक रद्द नहीं किया जाता तब तक चक्का जाम रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्राइवेट बसों को परमिट देने की बजाय रोडवेज बेड़े में नई बसों को शामिल करें। इससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा। धरने को सत्यवान, राजेश शर्मा, सोनू, नरेश शर्मा, राज कुमार मुंढाल, बिजेंद्र मित्ताथल, धर्मेंद्र, हरान सिंह, रणबीर तोमर, इंद्र सिंह, रणबीर गौरेया, राधे शर्मा, जोगेंद्र शर्मा आदि कर्मचारी नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बसें नहीं चली है। काफी नुकसान हुआ है मगर इस बारे में कोई भी फैसला सरकार को लेना है।
अश्विनी डोगरा, महाप्रबंधक
भिवानी डिपो
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निजी वाहन चालकों की बल्ले-बल्ले
तोशाम। निजी बसों को परमिट दिए जाने के विरोध में मंगलवार को रोडवेज का चक्का जाम रहा वहीं निजी वाहन चालकों ने जमकर चांदी कूटी। चक्का जाम होने के कारण सवारियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण मंगलवार को प्राइवेट बसें ठसाठस भर कर चलीं।
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पुलिस फोर्स के हवाले रहा बस स्टैंड
लोहारू। निजी बस परमिट नीति के विरोध में मंगलवार को लोहारू सब डिपो पर कर्मचारियों ने ताला जड़ दिया। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सभी रूट प्रभावित रहे।
महासंघ की लोहारू इकाई के अध्यक्ष सुरेंद्र गोठड़ा के नेतृत्व में सब डिपो के कर्मचारियों ने सुबह ही बस डिपो के मुख्य गेट पर को बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुरेंद्र गोठड़ा ने कहा कि संगठन की स्टेट बॉडी ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम करने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में लोहारू सब डिपो के सभी 60 परिचालक एवं 57 चालकों एवं कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार करीब 273 प्राईवेट परमिट देने जा रही है और सरकार के इस फैसले को किसी भी सूरत में लागू नहीं होने दिया जाएगा।