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Bhiwani News: एक्सरे कराने आए श्वास रोगी ने तोड़ा एक्सरे कक्ष के बाहर दम
Fri, 20 Sep 2024 03:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 20 Sep 2024 03:38 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल में स्थित एक्सरे कक्ष के बाहर खडे़ मरीज।
भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल में एक्सरे कराने आए एक श्वास रोगी की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। फर्श पर तड़प रहे मरीज को आसपास मौजूद लोग पास में ही आपातकालीन विभाग में लेकर पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
मृतक के परिजनों ने बताया कि गांव देवराला निवासी कुलदीप (53) श्वास का रोगी था। वीरवार सुबह वह जिला नागरिक अस्पताल में चेकअप कराने आया था। चिकित्सक ने उसे एक्सरे कराने के लिए भेज दिया। करीब एक घंटे से वह एक्सरे कक्ष के बाहर इंतजार कर रहा था कि इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह फर्श पर ही लेट गया।
आपातकालीन विभाग से चंद कदम दूर ही उसने फर्श पर तड़प रहे मरीज को देखकर आसपास मौजूद लोग उसे उठाकर आपातकालीन विभाग की माइनर ओटी में लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे सचिन ने बताया वे दो भाई हैं। दोनों भाई ही शादीशुदा है। उसका पिता पिछले काफी अर्से से श्वास रोग से पीड़ित था। वह पहले गांव में ही मेहनत मजदूरी का काम करता था। सचिन ने बताया कि उसका पिता कुलदीप वीरवार सुबह घर से दवाई लेने आया था। उन्हें इस हादसे की सूचना मिली तो वे यहां पहुंचे। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को लेकर चले गए।
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अव्यवस्था से बिगड़ रही है मरीजों की हालत
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना ही करीब साढ़े 1200 से 1300 मरीज जुट रहे हैं। ओपीडी पर्ची कटाने से लेकर चिकित्सक से चेकअप और टेस्ट कराने तक के लिए मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। ऐसे में मरीजों की लाइनों में खड़े रहते भी ज्यादा हालत बिगड़ जाती है। देवराला के कुलदीप के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। कुलदीप पहले से ही बीमारी की वजह से काफी कमजोर हो चुका था। वीरवार को घर से आया तभी से उसकी तबीयत ज्यादा खराब थी, चिकित्सक ने एक्सरे के लिए परामर्श दिया। उसने एक्सरे के लिए अपना नंबर लगवा दिया और फिर बाहर फर्श पर लेट गया, लेकिन इसके बाद वह नहीं उठा। एक्सरे कक्ष में भी रोजाना ही करीब डेढ़ सौ से अधिक मरीज जुट रहे हैं। ऐसे में यहां एक्सरे कराने के लिए भी ज्यादा भीड़ जुटती है।
ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए वेटिंग चेयर लगाई हुई हैं। अगर किसी मरीज की ज्यादा तबीयत खराब होती है तो उसे आपातकालीन विभाग में भी ले जाने की व्यवस्था है। चिकित्सक मरीज की हालत देखने के बाद ही उसे उपचार की प्रक्रिया को सुझाता है। कई मरीजों की हालत का पहले से कोई अंदाजा नहीं होता और अचानक तबीयत बिगड़ने पर इस तरह की घटना हो जाती है।
- डॉ. बलवान, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।
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मृतक के परिजनों ने बताया कि गांव देवराला निवासी कुलदीप (53) श्वास का रोगी था। वीरवार सुबह वह जिला नागरिक अस्पताल में चेकअप कराने आया था। चिकित्सक ने उसे एक्सरे कराने के लिए भेज दिया। करीब एक घंटे से वह एक्सरे कक्ष के बाहर इंतजार कर रहा था कि इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह फर्श पर ही लेट गया।
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आपातकालीन विभाग से चंद कदम दूर ही उसने फर्श पर तड़प रहे मरीज को देखकर आसपास मौजूद लोग उसे उठाकर आपातकालीन विभाग की माइनर ओटी में लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे सचिन ने बताया वे दो भाई हैं। दोनों भाई ही शादीशुदा है। उसका पिता पिछले काफी अर्से से श्वास रोग से पीड़ित था। वह पहले गांव में ही मेहनत मजदूरी का काम करता था। सचिन ने बताया कि उसका पिता कुलदीप वीरवार सुबह घर से दवाई लेने आया था। उन्हें इस हादसे की सूचना मिली तो वे यहां पहुंचे। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को लेकर चले गए।
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अव्यवस्था से बिगड़ रही है मरीजों की हालत
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना ही करीब साढ़े 1200 से 1300 मरीज जुट रहे हैं। ओपीडी पर्ची कटाने से लेकर चिकित्सक से चेकअप और टेस्ट कराने तक के लिए मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। ऐसे में मरीजों की लाइनों में खड़े रहते भी ज्यादा हालत बिगड़ जाती है। देवराला के कुलदीप के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। कुलदीप पहले से ही बीमारी की वजह से काफी कमजोर हो चुका था। वीरवार को घर से आया तभी से उसकी तबीयत ज्यादा खराब थी, चिकित्सक ने एक्सरे के लिए परामर्श दिया। उसने एक्सरे के लिए अपना नंबर लगवा दिया और फिर बाहर फर्श पर लेट गया, लेकिन इसके बाद वह नहीं उठा। एक्सरे कक्ष में भी रोजाना ही करीब डेढ़ सौ से अधिक मरीज जुट रहे हैं। ऐसे में यहां एक्सरे कराने के लिए भी ज्यादा भीड़ जुटती है।
ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए वेटिंग चेयर लगाई हुई हैं। अगर किसी मरीज की ज्यादा तबीयत खराब होती है तो उसे आपातकालीन विभाग में भी ले जाने की व्यवस्था है। चिकित्सक मरीज की हालत देखने के बाद ही उसे उपचार की प्रक्रिया को सुझाता है। कई मरीजों की हालत का पहले से कोई अंदाजा नहीं होता और अचानक तबीयत बिगड़ने पर इस तरह की घटना हो जाती है।
- डॉ. बलवान, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।