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Bhiwani News: दिमाग को ताकतवर बनाएगा नियमित व्यायाम और संतुलित आहार
Fri, 21 Jul 2023 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 21 Jul 2023 11:51 PM IST
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भिवानी। बेरोजगारी युवाओं के मस्तिष्क को बुरी तरह से मार कर रही है। युवा रोजगार न मिलने के कारण नशा की गिरफ्त में जा रहा है और वह धीरे-धीरे डिप्रेशन, एंजाइटी व अन्य प्रकार की बीमारियों का भी शिकार रहा है। इस प्रकार के मामले नागरिक अस्पताल की मनोचिकित्सक ओपीडी या नशा मुक्ति केंद्र में देखने को मिल रहे हैं।
नशा मुक्ति केंद्र की नोडल ऑफिसर और मनोचिकित्सक डॉ. नंदिनी लांबा ने बताया कि दिमाग को ताकतवर बनाने के लिए नियमित व्यायाम और संतुलित आहार करें। नागरिक अस्पताल में मनोचिकित्स ओपीडी में प्रतिदिन करीब 60 मरीज आते हैं। इनमें से भी 40 प्रतिशत केस ऐसे आते हैं जो बेरोजगार होने के कारण डिप्रेशन का शिकार हो चुके हैं और नशा करने के आदी हो चुके है। स्ट्रेस या डिप्रेशन से पीड़ित होने का एक कारण युवाओं में बेरोजगारी पाया गया है। इसके कारण वे नशा करने के भी आदी हो रहे है।
नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति के लिए सुविधा उपलब्ध
भिवानी के नागरिक अस्पताल में गत 26 जून को ही नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किया गया है। नशा मुक्ति केंद्र की नोडल ऑफिसर नंदिनी लांबा ने बताया कि प्रतिदिन नशा मुक्ति के लिए सेंटर पर तीन से पांच मरीज आ रहे हैं। ऐसे मरीजों को नशा छोड़ने में मदद मिल रही है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति बिना किसी झिझक के मनोरोग होने पर 8278924672 पर कॉल करके चिकित्सक की मदद ले सकता है।
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ये करें मस्तिष्क को स्वस्थ रखने या डिप्रेशन से बचने के लिए
-प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए। इससे मस्तिष्क सक्रिय रहता है और स्ट्रेस को कम करने में मदद मिलती है।
- डिप्रेशन की स्थिति में दूसरे लोगों से बातचीत करेें। एकांत में न रहें, न ही लोगों से दूरी बनाएं। अधिक से अधिक सामाजिक या अन्य गतिविधियों में हिस्सा लें।
- मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार लें।
- मस्तिष्क की शांति और स्वास्थ्य के लिए ध्यान या मेडिटेशन करें।
- डिप्रेशन या अन्य प्रकार के मनोविकार होने पर मनोचिकित्सक की मदद लें। ताकि समय रहते बीमारी पर काबू पाया जा सकें।
- किसी काम में व्यस्त रहें, ताकि खाली न रहना पड़े।
बेरोजगारी, लोगों के मस्तिष्क पर बुरा असर डालती है। इससे कई लोग नशा के आदी हो जाते हैं तो कई डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। नागरिक अस्पताल में नशे की लत छुड़वाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किया गया है। इस प्रकार की बीमारी से ग्रस्त पीड़ित मरीज को बिना झिझक के मनोचिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
-डॉ. नंदिनी लांबा, मनोचिकित्सक, नागरिक अस्पताल भिवानी।
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नशा मुक्ति केंद्र की नोडल ऑफिसर और मनोचिकित्सक डॉ. नंदिनी लांबा ने बताया कि दिमाग को ताकतवर बनाने के लिए नियमित व्यायाम और संतुलित आहार करें। नागरिक अस्पताल में मनोचिकित्स ओपीडी में प्रतिदिन करीब 60 मरीज आते हैं। इनमें से भी 40 प्रतिशत केस ऐसे आते हैं जो बेरोजगार होने के कारण डिप्रेशन का शिकार हो चुके हैं और नशा करने के आदी हो चुके है। स्ट्रेस या डिप्रेशन से पीड़ित होने का एक कारण युवाओं में बेरोजगारी पाया गया है। इसके कारण वे नशा करने के भी आदी हो रहे है।
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नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति के लिए सुविधा उपलब्ध
भिवानी के नागरिक अस्पताल में गत 26 जून को ही नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किया गया है। नशा मुक्ति केंद्र की नोडल ऑफिसर नंदिनी लांबा ने बताया कि प्रतिदिन नशा मुक्ति के लिए सेंटर पर तीन से पांच मरीज आ रहे हैं। ऐसे मरीजों को नशा छोड़ने में मदद मिल रही है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति बिना किसी झिझक के मनोरोग होने पर 8278924672 पर कॉल करके चिकित्सक की मदद ले सकता है।
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ये करें मस्तिष्क को स्वस्थ रखने या डिप्रेशन से बचने के लिए
-प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए। इससे मस्तिष्क सक्रिय रहता है और स्ट्रेस को कम करने में मदद मिलती है।
- डिप्रेशन की स्थिति में दूसरे लोगों से बातचीत करेें। एकांत में न रहें, न ही लोगों से दूरी बनाएं। अधिक से अधिक सामाजिक या अन्य गतिविधियों में हिस्सा लें।
- मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार लें।
- मस्तिष्क की शांति और स्वास्थ्य के लिए ध्यान या मेडिटेशन करें।
- डिप्रेशन या अन्य प्रकार के मनोविकार होने पर मनोचिकित्सक की मदद लें। ताकि समय रहते बीमारी पर काबू पाया जा सकें।
- किसी काम में व्यस्त रहें, ताकि खाली न रहना पड़े।
बेरोजगारी, लोगों के मस्तिष्क पर बुरा असर डालती है। इससे कई लोग नशा के आदी हो जाते हैं तो कई डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। नागरिक अस्पताल में नशे की लत छुड़वाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किया गया है। इस प्रकार की बीमारी से ग्रस्त पीड़ित मरीज को बिना झिझक के मनोचिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
-डॉ. नंदिनी लांबा, मनोचिकित्सक, नागरिक अस्पताल भिवानी।