{"_id":"674def28d6fd1e0e530dab1c","slug":"registration-not-done-on-new-collector-rate-on-first-day-due-to-technical-glitch-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-126615-2024-12-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: नए कलेक्टर रेट पर पहले दिन तकनीकी खामी के कारण नहीं हुई रजिस्ट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: नए कलेक्टर रेट पर पहले दिन तकनीकी खामी के कारण नहीं हुई रजिस्ट्री
Mon, 02 Dec 2024 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 02 Dec 2024 11:02 PM IST
विज्ञापन
लघु सचिवालय में स्थित उप मंडल अधिकारी कार्यालय।
भिवानी। सरकार की ओर से रजिस्ट्रियों के लिए नए कलेक्टर रेट लागू किए गए हैं। सोमवार से नए कलेक्टर रेट पर रजिस्ट्रियां होनी थीं। लेकिन तकनीकी खामी होने के चलते सोमवार को रजिस्ट्रियां नहीं हो सकी।
इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार से जिला तहसील में रजिस्ट्री करवाने का कार्य सुचारू रूप से जारी रहेगा। वहीं शुक्रवार को पुराने कलेक्टर रेट पर अंतिम दिन जिलेभर में 200 से अधिक रजिस्ट्री हुई थीं। दरअसल, सरकार की ओर से सोमवार से नए कलेक्टर रेट के हिसाब से भूमि और संपत्ति की खरीद बिक्री पर नए कलेक्टर रेट लागू किए गए थे।
नए कलेक्टर रेट के हिसाब से शहरी दायरे में रिहायशी संपत्ति की खरीद बिक्री पर 20 फीसदी तो कॉमर्शियल संपत्ति की खरीद बिक्री पर 10 फीसदी कलेक्टर रेट अधिक वसूला जाएगा। वहीं अब सेक्टर में प्लाॅट, मकान लेना भी महंगा होगा, क्योंकि सेक्टर में 25 फीसदी अधिक कलेक्टर रेट बढ़ाया गया है। नए कलेक्टर रेट के हिसाब से शहर के पॉश इलाका व मुख्य जगहों पर अब संपत्ति खरीद करना काफी महंगा होगा।
विज्ञापन
शहर में कई ऐसे हिस्से हैं, जहां पर पहले से ही प्रति वर्ग गज भूमि के लाखों रुपये कीमत हैं, ऐसे में यहां के अब नए कलेक्टर रेट भी 35 से 45 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। इनकी वजह से संपत्ति के दामों में काफी उछाल आएगा। इतना ही नहीं कॉमर्शियल संपत्ति की खरीद के लिए भी अब ज्यादा दाम चुकाने होंगे। क्योंकि शहर के पॉश इलाकों में कामर्शियल प्रॉपर्टी में भी अब तेजी आएगी। जबकि ग्रामीण क्षेत्र की संपत्ति पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
भिवानी तहसील कार्यालय में रोजाना होती हैं 50 रजिस्ट्रियां
भिवानी तहसील कार्यालय में सामान्य दिनों में लगभग 50 के आसपास रजिस्ट्रियां होती हैं। लेकिन सोमवार को तकनीकी खामी के चलते कोई रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं रजिस्ट्रियां न होने के कारण सरकारी राजस्व में भी नुकसान हुआ।
वेबसाइट पर अपलोड किए प्रस्तावित कलेक्टर रेट
राजस्व विभाग की ओर से जिले की सभी तहसील व उप तहसील के वर्ष 2025 के लिए भूमि की विभिन्न किस्मों के प्रस्तावित कलेक्टर रेट राजस्व विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। नागरिक वेबसाइट पर कलेक्टर रेट देख सकते हैं।
सोमवार को मैं तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री से संबंधित कार्य के लिए आया था। यहां आने पर मुझे पता चला कि तकनीकी खामी के चलते रजिस्ट्रियां नहीं हो रही हैं। इसके कारण मुझे बिना रजिस्ट्री करवाए ही लौटना पड़ा।
- दीपक, हालुवास निवासी।
मुझे मेरी जमीन की रजिस्ट्री करवानी थी। लेकिन तकनीकी खामी के चलते सोमवार को मेरी रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इसके कारण मुझे बिना रजिस्ट्री करवाए ही लौटना पड़ा। अब रजिस्ट्री के लिए मुझे मंगलवार को फिर से आना पड़ेगा।
- जितेंद्र, बापोड़ा निवासी।
सरकार की ओर से रजिस्ट्रियों के लिए लागू नए कलेक्टर रेट सोमवार से लागू किए गए थे। लेकिन तकनीकी खामी के चलते पहले दिन कोई रजिस्ट्री नहीं हो पाई। मंगलवार से तहसील में रजिस्ट्री से संबंधित कार्य सुचारू रूप से जारी रहेगा।
- सुरेश कुमार, तहसीलदार, भिवानी।
विज्ञापन
इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार से जिला तहसील में रजिस्ट्री करवाने का कार्य सुचारू रूप से जारी रहेगा। वहीं शुक्रवार को पुराने कलेक्टर रेट पर अंतिम दिन जिलेभर में 200 से अधिक रजिस्ट्री हुई थीं। दरअसल, सरकार की ओर से सोमवार से नए कलेक्टर रेट के हिसाब से भूमि और संपत्ति की खरीद बिक्री पर नए कलेक्टर रेट लागू किए गए थे।
विज्ञापन
नए कलेक्टर रेट के हिसाब से शहरी दायरे में रिहायशी संपत्ति की खरीद बिक्री पर 20 फीसदी तो कॉमर्शियल संपत्ति की खरीद बिक्री पर 10 फीसदी कलेक्टर रेट अधिक वसूला जाएगा। वहीं अब सेक्टर में प्लाॅट, मकान लेना भी महंगा होगा, क्योंकि सेक्टर में 25 फीसदी अधिक कलेक्टर रेट बढ़ाया गया है। नए कलेक्टर रेट के हिसाब से शहर के पॉश इलाका व मुख्य जगहों पर अब संपत्ति खरीद करना काफी महंगा होगा।
विज्ञापन
शहर में कई ऐसे हिस्से हैं, जहां पर पहले से ही प्रति वर्ग गज भूमि के लाखों रुपये कीमत हैं, ऐसे में यहां के अब नए कलेक्टर रेट भी 35 से 45 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। इनकी वजह से संपत्ति के दामों में काफी उछाल आएगा। इतना ही नहीं कॉमर्शियल संपत्ति की खरीद के लिए भी अब ज्यादा दाम चुकाने होंगे। क्योंकि शहर के पॉश इलाकों में कामर्शियल प्रॉपर्टी में भी अब तेजी आएगी। जबकि ग्रामीण क्षेत्र की संपत्ति पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
भिवानी तहसील कार्यालय में रोजाना होती हैं 50 रजिस्ट्रियां
भिवानी तहसील कार्यालय में सामान्य दिनों में लगभग 50 के आसपास रजिस्ट्रियां होती हैं। लेकिन सोमवार को तकनीकी खामी के चलते कोई रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं रजिस्ट्रियां न होने के कारण सरकारी राजस्व में भी नुकसान हुआ।
वेबसाइट पर अपलोड किए प्रस्तावित कलेक्टर रेट
राजस्व विभाग की ओर से जिले की सभी तहसील व उप तहसील के वर्ष 2025 के लिए भूमि की विभिन्न किस्मों के प्रस्तावित कलेक्टर रेट राजस्व विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। नागरिक वेबसाइट पर कलेक्टर रेट देख सकते हैं।
सोमवार को मैं तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री से संबंधित कार्य के लिए आया था। यहां आने पर मुझे पता चला कि तकनीकी खामी के चलते रजिस्ट्रियां नहीं हो रही हैं। इसके कारण मुझे बिना रजिस्ट्री करवाए ही लौटना पड़ा।
- दीपक, हालुवास निवासी।
मुझे मेरी जमीन की रजिस्ट्री करवानी थी। लेकिन तकनीकी खामी के चलते सोमवार को मेरी रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इसके कारण मुझे बिना रजिस्ट्री करवाए ही लौटना पड़ा। अब रजिस्ट्री के लिए मुझे मंगलवार को फिर से आना पड़ेगा।
- जितेंद्र, बापोड़ा निवासी।
सरकार की ओर से रजिस्ट्रियों के लिए लागू नए कलेक्टर रेट सोमवार से लागू किए गए थे। लेकिन तकनीकी खामी के चलते पहले दिन कोई रजिस्ट्री नहीं हो पाई। मंगलवार से तहसील में रजिस्ट्री से संबंधित कार्य सुचारू रूप से जारी रहेगा।
- सुरेश कुमार, तहसीलदार, भिवानी।