{"_id":"65a3b98a2cf6c3c872038a78","slug":"rats-gnaw-the-system-helplessness-of-patients-reflected-in-torn-blankets-bhiwani-news-c-21-hsr1033-299793-2024-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: चूहों ने कुतरी व्यवस्था, फटे कंबल में झलक रही मरीजों की लाचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: चूहों ने कुतरी व्यवस्था, फटे कंबल में झलक रही मरीजों की लाचारी
Sun, 14 Jan 2024 04:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 14 Jan 2024 04:08 PM IST
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल के वार्ड में चूहों द्वारा कुतरा गया कंबल ओढ़े मरीज।
भिवानी। नागरिक अस्पताल का वार्ड नंबर तीन। टूटी खिड़कियां और खुले रोशनदान के बीच ठंड से ठिठुरते मरीज और तीमारदार। एक-दो को छोड़कर किसी भी मरीज के पास सरकारी कंबल नहीं। जिनके पास सरकारी कंबल हैं, वे भी ठंड से बचने की स्थिति में नहीं हैं। चूहों द्वारा कुतरे सरकारी कंबलों के अनगिनत छेद से अव्यवस्था बाहर झांक रही थी तो इसी के भरोसे सर्द रात काटने वाले मरीजों की लाचारी भी बयां कर रही थी। जब हमारे संवाददाता ने इन अव्यवस्थाओं को लेकर वार्ड में इलाजरत मरीजों से बात की तो उनका दर्द जुबां पर आ गया। उन्होंने व्यवस्थागत कमियों से लेकर मूलभूत जरूरतों तक कई समस्याएं गिना डालीं।
ये हाल तब है जब प्रशासन भिवानी के इस जिला नागरिक अस्पताल को मार्च 2024 तक मेडिकल कॉलेज का अस्पताल बनाने की तैयारी कर रहा है। यहां 720 बेड की व्यवस्था किए जाने की प्रक्रिया चल रही है, मगर फिलहाल वार्ड एक से दस तक में दाखिल मरीजों की दुर्दशा देखकर तो शायद ही कोई व्यक्ति यहां अपने करीबियों को सेहत का वरदान पाने के लिए दाखिल कराए। संवाद
मरीज बोले : नहीं मिल रही ठिठुरन से निजात
न पीने को पानी न ठीक खाना
नागरिक अस्पताल में दाखिल गांव बापोड़ा निवासी बुजुर्ग मरीज जुगलाल ने बताया कि चूहों ने कंबल कुतर दिए हैं। वार्ड के अंदर भी चूहे मरीजों के खाने को चट कर जाते हैं। न पीने का पानी है न यहां खाने की कोई ठीक से व्यवस्था। दो दिन से यहां दाखिल हूुं। ठंड ज्यादा हैं, मगर फटे कंबल में ठंड झेलना पड़ रहा है। वार्ड में दाखिल मरीजों के लिए कोई सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
मरीज के साथ तीमारदार नहीं तो रिपोर्ट के लिए भी खाने पड़ते हैं धक्के
भिवानी निवासी 45 वर्षीय राजबीर का कहना है कि वह चार दिन से यहां दाखिल हैं। मरीज के साथ कोई तीमारदार नहीं है, ऐसे में टेस्ट की रिपोर्ट लेने के लिए भी उन्हे खुद चार मंजिल नीचे जाना पड़ता है। स्टाफ को बुलाने के लिए बार-बार बेड से उठना पड़ता है। चूहों ने कंबल कुतर डाले हैं। जब शिकायत करते हैं तो कर्मचारी हड़काने लगता है।
वार्डों में घूमते हैं बंदर, खाने का सामान भी हो रहा चोरी
नया बाजार निवासी रामबाबू ने बताया कि वह चार दिन से अस्पताल में दाखिल है। उसने दो बार कंबल की डिमांड स्टाफ से की, मगर कंबल नहीं मिला। वार्डों में बंदर घूमते हैं और मरीजों के खाने पीने का सामान भी उठा ले जाते हैं। खिड़की और गलियारे खुले हैं, जिनके अंदर से ठंडी हवा अंदर आती है, जिससे मरीजों को यहां रात बिताना तो दूर दिन में भी ठिठुरन से चैन नहीं मिलता है। बेड की चादर भी रोजाना नहीं बदली जा रही है।
मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। अगर कंबल फटे हुए हैं तो उन्हें तत्काल प्रभाव से बदलवा दिया जाएगा। मरीजों के लिए कंबल पर्याप्त मात्रा में खरीदे गए हैं। नागरिक अस्पताल में मरीजों को खाना भी दिया जा रहा है। वार्डों में कुछ जगह खुली हैं, जहां से बंदर आते हैं, इसकी भी जल्द कोई व्यवस्था कराई जाएगी।
-डॉ. एडमिन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी भिवानी।
विज्ञापन
ये हाल तब है जब प्रशासन भिवानी के इस जिला नागरिक अस्पताल को मार्च 2024 तक मेडिकल कॉलेज का अस्पताल बनाने की तैयारी कर रहा है। यहां 720 बेड की व्यवस्था किए जाने की प्रक्रिया चल रही है, मगर फिलहाल वार्ड एक से दस तक में दाखिल मरीजों की दुर्दशा देखकर तो शायद ही कोई व्यक्ति यहां अपने करीबियों को सेहत का वरदान पाने के लिए दाखिल कराए। संवाद
विज्ञापन
मरीज बोले : नहीं मिल रही ठिठुरन से निजात
न पीने को पानी न ठीक खाना
नागरिक अस्पताल में दाखिल गांव बापोड़ा निवासी बुजुर्ग मरीज जुगलाल ने बताया कि चूहों ने कंबल कुतर दिए हैं। वार्ड के अंदर भी चूहे मरीजों के खाने को चट कर जाते हैं। न पीने का पानी है न यहां खाने की कोई ठीक से व्यवस्था। दो दिन से यहां दाखिल हूुं। ठंड ज्यादा हैं, मगर फटे कंबल में ठंड झेलना पड़ रहा है। वार्ड में दाखिल मरीजों के लिए कोई सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
मरीज के साथ तीमारदार नहीं तो रिपोर्ट के लिए भी खाने पड़ते हैं धक्के
भिवानी निवासी 45 वर्षीय राजबीर का कहना है कि वह चार दिन से यहां दाखिल हैं। मरीज के साथ कोई तीमारदार नहीं है, ऐसे में टेस्ट की रिपोर्ट लेने के लिए भी उन्हे खुद चार मंजिल नीचे जाना पड़ता है। स्टाफ को बुलाने के लिए बार-बार बेड से उठना पड़ता है। चूहों ने कंबल कुतर डाले हैं। जब शिकायत करते हैं तो कर्मचारी हड़काने लगता है।
वार्डों में घूमते हैं बंदर, खाने का सामान भी हो रहा चोरी
नया बाजार निवासी रामबाबू ने बताया कि वह चार दिन से अस्पताल में दाखिल है। उसने दो बार कंबल की डिमांड स्टाफ से की, मगर कंबल नहीं मिला। वार्डों में बंदर घूमते हैं और मरीजों के खाने पीने का सामान भी उठा ले जाते हैं। खिड़की और गलियारे खुले हैं, जिनके अंदर से ठंडी हवा अंदर आती है, जिससे मरीजों को यहां रात बिताना तो दूर दिन में भी ठिठुरन से चैन नहीं मिलता है। बेड की चादर भी रोजाना नहीं बदली जा रही है।
मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। अगर कंबल फटे हुए हैं तो उन्हें तत्काल प्रभाव से बदलवा दिया जाएगा। मरीजों के लिए कंबल पर्याप्त मात्रा में खरीदे गए हैं। नागरिक अस्पताल में मरीजों को खाना भी दिया जा रहा है। वार्डों में कुछ जगह खुली हैं, जहां से बंदर आते हैं, इसकी भी जल्द कोई व्यवस्था कराई जाएगी।
-डॉ. एडमिन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी भिवानी।