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झमाझम बारिश से शहर जलमग्न
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 12 Aug 2016 12:19 AM IST
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झमाझम बारिश से गली, मोहल्ले जलमग्न
- फोटो : फाइल फोटो
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मानसून सीजन में मौसम के करवट लेने से वीरवार को दिनभर इंद्रदेव शहर में जमकर बरसे। दोपहर तक तीन घंटे झमाझम बरसात हुई तो इसके बाद देर शाम तक बूंदाबांदी जारी रही। शाम पांच बजे तक शहर में करीब 48 एमएम बरसात दर्ज की गई। करीब नौ घंटे लगातार जारी रही बरसात से शहर जलमग्न हो गया।
कई सरकार कार्यालय परिसर में पानी जमा हो गया तो वहीं अधिकारियों के आवास भी इससे अछूते नहीं रहें। सबसे विकट हालात तो एसडीएम व बाढड़ा विधायक आवास के सामने पैदा हो गए। यहां डेढ़ से दो फुट पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ। घरों के अंदर घुटनों तक पानी भरने से लोगों का जनजीवन पटरी से उतर गया।वीरवार सुबह से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह नौ बजे के करीब आसमान में काले बादल छाए तथा तेज बारिश होने लगी। दोपहर 12 बजे तक तीन घंटे लगातार झमाझम बारिश जारी रही। तेज बारिश होने पर सभी बरसाती नाले ओवरफ्लो हो गए। मेन धिकाड़ा रोड बरसाती नाला, रोहतक रोड नाला, लोहारू रोड, ढ़ाणी फाटक स्थित बरसाती नाले जवाब दे गए और पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क तक आ पहुंचा।
कई नीचली कालोनियों में सीवरेज बैक मारने लगे। बरसाती पानी की निकासी न बन पाने की वजह से शहर के विभिन्न भागों में स्थित जोहड़ ओवरफ्लो होने लगे हैं जिससे आसपास की बस्ती के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। चरखी दरवाजा, नगर परिषद बैक साइड बस्ती व शनिदेव मंदिर वाली गली में जलभराव अधिक होने से लोगों को खासी परेशानी हो रही है। तिकोना पार्क व कालेज रोड पर हालात और भी खराब बनने लगे हैं। कालेज रोड में गहरे गड्ढ़े होने की वजह से छात्रों व शिक्षकों को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। समसपुर व रामनगर एसटीपी के सीवरेज पानी का समायोजन न होने की वजह से सीवरेज व्यवस्था अधिक चरमरा रही है। एसटीपी के पानी का जब तक ठीक प्रकार से प्रबंधन नहीं किया जाएगा तब तक सीवरेज व्यवस्था में सुधार होने के कोई आसार नहीं है। इस समय आधे शहर का बरसाती पानी सीसीआई के खाली परिसर में डाला जा रहा है जो स्थायी समाधान नहीं है।
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कई सरकार कार्यालय परिसर में पानी जमा हो गया तो वहीं अधिकारियों के आवास भी इससे अछूते नहीं रहें। सबसे विकट हालात तो एसडीएम व बाढड़ा विधायक आवास के सामने पैदा हो गए। यहां डेढ़ से दो फुट पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ। घरों के अंदर घुटनों तक पानी भरने से लोगों का जनजीवन पटरी से उतर गया।वीरवार सुबह से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह नौ बजे के करीब आसमान में काले बादल छाए तथा तेज बारिश होने लगी। दोपहर 12 बजे तक तीन घंटे लगातार झमाझम बारिश जारी रही। तेज बारिश होने पर सभी बरसाती नाले ओवरफ्लो हो गए। मेन धिकाड़ा रोड बरसाती नाला, रोहतक रोड नाला, लोहारू रोड, ढ़ाणी फाटक स्थित बरसाती नाले जवाब दे गए और पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क तक आ पहुंचा।
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कई नीचली कालोनियों में सीवरेज बैक मारने लगे। बरसाती पानी की निकासी न बन पाने की वजह से शहर के विभिन्न भागों में स्थित जोहड़ ओवरफ्लो होने लगे हैं जिससे आसपास की बस्ती के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। चरखी दरवाजा, नगर परिषद बैक साइड बस्ती व शनिदेव मंदिर वाली गली में जलभराव अधिक होने से लोगों को खासी परेशानी हो रही है। तिकोना पार्क व कालेज रोड पर हालात और भी खराब बनने लगे हैं। कालेज रोड में गहरे गड्ढ़े होने की वजह से छात्रों व शिक्षकों को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। समसपुर व रामनगर एसटीपी के सीवरेज पानी का समायोजन न होने की वजह से सीवरेज व्यवस्था अधिक चरमरा रही है। एसटीपी के पानी का जब तक ठीक प्रकार से प्रबंधन नहीं किया जाएगा तब तक सीवरेज व्यवस्था में सुधार होने के कोई आसार नहीं है। इस समय आधे शहर का बरसाती पानी सीसीआई के खाली परिसर में डाला जा रहा है जो स्थायी समाधान नहीं है।
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