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जनसंकट: पुराने जलघर के टैंक हुए खाली, एक दिन छोड़ एक दिन राशनिंग शुरू
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पुराने जलघर में सूखा पड़ा टैंक।
- फोटो : Bhiwani
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भिवानी। गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों का गला भी प्यास से सूखने लगा है। पुराने शहर को आपूर्ति देने वाले जलघर के टैंक खाली हो चुके हैं, जिसकी वजह से अब एक दिन छोड़ एक दिन पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। इसके साथ ही गंदे पानी की आपूर्ति की समस्या भी बन रही है। जनस्वासथ्य विभाग पुराने शहर के 30 फीसदी जंग लग चुके पुराने पेयजल कनेक्शनों को मिक्सिंग यानी गंदे पानी की आपूर्ति की वजह मान रहा है।
महम रोड स्थित जलघर के टैंकों से सरकुलर रोड के अंदर दायरे में आने वाली पुराने शहर की कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति दी जा रही है। इस समय जलघर के टैंक खाली हो गए हैं। ऐसे में पुराने शहर की करीब 60 हजार की आबादी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए निनान जलघर से रोजाना करीब 13 लाख लीटर पानी भी बूस्टरों को भरने के लिए भेजा जा रहा है। पुराने शहर की कुछ कॉलोनियों में पब्लिक हेल्थ ने एक दिन छोड़ एक दिन पेयजल आपूर्ति की राशनिंग शुरू कर दी। नहरों में 29 मार्च को पानी आएगा। यानी तीन से चार दिन तक नहरी पानी के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। सुंदर ग्रुप की नहरों की बात करें तो 2180 क्यूसेक का इंडेंट भेजा गया है, मगर दो हजार क्यूसेक से कम पानी 29 मार्च को आने की उम्मीद है। बौंद डिवीजन की नहरों में 6 अप्रैल के बाद ही पानी आएगा, जिसमें 750 क्यूसेक की डिमांड भेजी है। यमुना में इस समय 3160 क्यूसेक पानी चल रहा है। जिससे नहरी टेल भी सूखी रहने की आशंका जताई जा रही है। एसवाईएल के बुढेड़ा हेड से भी पानी की उम्मीद है, मगर यहां भी नहरी पानी की हालत खराब ही है।
इन हिस्सों में पुराने पेयजल कनेक्शनों से आपूर्ति में आ रहा गंदा पानी
पब्लिक हेल्थ विभाग के सर्वेक्षण में यह सामने आया है कि पुराने शहर की कई कॉलोनियों में लोहे की पाइपलाइन के काफी पुराने कनेक्शन जंग खा चुके हैं। इनकी लीकेज के कारण सीवर के पानी की मिक्सिंग गंदे पानी की वजह बन रही है। क्योंकि पुराने शहर में कई जगह सीवर और पानी की लाइनों की क्रासिंग है। निजी कनेक्शन जर्जर हाल है तो इनमें सीवर का पानी मिक्स होकर मुख्य पेयजल लाइन में पहुंच रहा है। अगर इन पुराने कनेक्शनों को स्थायी तौर पर बंद कर इनकी जगह नए कनेक्शन फिर से लिए जाएं तो गंदे पानी की समस्या का काफी हद तक समाधान होगा।
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प्रेशर कम होने से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी
जलघर के टैंक खाली होने वजह से कई कॉलोनियों में टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। तीनों जलघरों में पानी की स्थिति संतोषजनक होने पर ही शहरी बूस्टरों से पूरे प्रेशर के साथ सप्लाई दी जाती है। अगर एक जलघर में पानी कम है तो बूस्टर भी पूरा प्रेशर से पानी लाइनों में नहीं छोड़ पाता है।
कोलकाता से आए बैंड, नए टैंक को जोड़ने का काम शुरू
जलघर में बने नए वाटर टैंक को नहरी चैनल से जोड़ने के लिए इनपुट और आउटपुट के दो बैंड कोलकाता से यहां पहुंच चुके है। इसे जोड़ने का काम शुरू किया है। अगर नहर में पानी आने तक यह टैंक नहरी चैनल से जुड़ जाता है, तो इसे भरना संभव होगा। इसमें 14 करोड़ 39 लाख 10 हजार लीटर पानी संग्रहण की क्षमता है।
वर्जन
पुराने शहर की अधिकतर कॉलोनियों में अभी भी पानी के निजी कनेक्शन काफी पुराने हैं, जिसकी जर्जर हालत से मुख्य लाइन में सीवर के पानी की मिक्सिंग हो रही है। अगर इन कनेक्शनों की जगह ये लोग नए कनेक्शन लेते हैं तो गंदे पानी की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी। पब्लिक हेल्थ विभाग की जांच में अब तक कुछ कनेक्शनों की वजह से ही गंदे पानी की मिक्सिंग की बातें सामने आई हैं। नहर आने तक पानी की राशनिंग की जा रही है।
- प्रवीण जांगड़ा, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य विभाग।
वर्जन
शहरी जलघरों को भरने के लिए पर्याप्त नहरी पानी मिलने की उम्मीद है। 29 मार्च को पानी आएगा। हमारी प्राथमिकता शहरी जलघरों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति देने की रहेगी, ताकि सभी टैंक भर दिए जाएं। - राहुल शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जुई वाटर सर्विसेज सिंचाई विभाग।
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महम रोड स्थित जलघर के टैंकों से सरकुलर रोड के अंदर दायरे में आने वाली पुराने शहर की कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति दी जा रही है। इस समय जलघर के टैंक खाली हो गए हैं। ऐसे में पुराने शहर की करीब 60 हजार की आबादी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए निनान जलघर से रोजाना करीब 13 लाख लीटर पानी भी बूस्टरों को भरने के लिए भेजा जा रहा है। पुराने शहर की कुछ कॉलोनियों में पब्लिक हेल्थ ने एक दिन छोड़ एक दिन पेयजल आपूर्ति की राशनिंग शुरू कर दी। नहरों में 29 मार्च को पानी आएगा। यानी तीन से चार दिन तक नहरी पानी के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। सुंदर ग्रुप की नहरों की बात करें तो 2180 क्यूसेक का इंडेंट भेजा गया है, मगर दो हजार क्यूसेक से कम पानी 29 मार्च को आने की उम्मीद है। बौंद डिवीजन की नहरों में 6 अप्रैल के बाद ही पानी आएगा, जिसमें 750 क्यूसेक की डिमांड भेजी है। यमुना में इस समय 3160 क्यूसेक पानी चल रहा है। जिससे नहरी टेल भी सूखी रहने की आशंका जताई जा रही है। एसवाईएल के बुढेड़ा हेड से भी पानी की उम्मीद है, मगर यहां भी नहरी पानी की हालत खराब ही है।
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इन हिस्सों में पुराने पेयजल कनेक्शनों से आपूर्ति में आ रहा गंदा पानी
पब्लिक हेल्थ विभाग के सर्वेक्षण में यह सामने आया है कि पुराने शहर की कई कॉलोनियों में लोहे की पाइपलाइन के काफी पुराने कनेक्शन जंग खा चुके हैं। इनकी लीकेज के कारण सीवर के पानी की मिक्सिंग गंदे पानी की वजह बन रही है। क्योंकि पुराने शहर में कई जगह सीवर और पानी की लाइनों की क्रासिंग है। निजी कनेक्शन जर्जर हाल है तो इनमें सीवर का पानी मिक्स होकर मुख्य पेयजल लाइन में पहुंच रहा है। अगर इन पुराने कनेक्शनों को स्थायी तौर पर बंद कर इनकी जगह नए कनेक्शन फिर से लिए जाएं तो गंदे पानी की समस्या का काफी हद तक समाधान होगा।
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प्रेशर कम होने से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी
जलघर के टैंक खाली होने वजह से कई कॉलोनियों में टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। तीनों जलघरों में पानी की स्थिति संतोषजनक होने पर ही शहरी बूस्टरों से पूरे प्रेशर के साथ सप्लाई दी जाती है। अगर एक जलघर में पानी कम है तो बूस्टर भी पूरा प्रेशर से पानी लाइनों में नहीं छोड़ पाता है।
कोलकाता से आए बैंड, नए टैंक को जोड़ने का काम शुरू
जलघर में बने नए वाटर टैंक को नहरी चैनल से जोड़ने के लिए इनपुट और आउटपुट के दो बैंड कोलकाता से यहां पहुंच चुके है। इसे जोड़ने का काम शुरू किया है। अगर नहर में पानी आने तक यह टैंक नहरी चैनल से जुड़ जाता है, तो इसे भरना संभव होगा। इसमें 14 करोड़ 39 लाख 10 हजार लीटर पानी संग्रहण की क्षमता है।
वर्जन
पुराने शहर की अधिकतर कॉलोनियों में अभी भी पानी के निजी कनेक्शन काफी पुराने हैं, जिसकी जर्जर हालत से मुख्य लाइन में सीवर के पानी की मिक्सिंग हो रही है। अगर इन कनेक्शनों की जगह ये लोग नए कनेक्शन लेते हैं तो गंदे पानी की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी। पब्लिक हेल्थ विभाग की जांच में अब तक कुछ कनेक्शनों की वजह से ही गंदे पानी की मिक्सिंग की बातें सामने आई हैं। नहर आने तक पानी की राशनिंग की जा रही है।
- प्रवीण जांगड़ा, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य विभाग।
वर्जन
शहरी जलघरों को भरने के लिए पर्याप्त नहरी पानी मिलने की उम्मीद है। 29 मार्च को पानी आएगा। हमारी प्राथमिकता शहरी जलघरों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति देने की रहेगी, ताकि सभी टैंक भर दिए जाएं। - राहुल शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जुई वाटर सर्विसेज सिंचाई विभाग।