{"_id":"5ee7cb928ebc3e42e303e3bb","slug":"protest-teacher-police-bhiwani-news-rtk5596045170","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी से हटाए गए शारीरिक शिक्षकों ने किया कृषि मंत्री का घेराव, पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरी से हटाए गए शारीरिक शिक्षकों ने किया कृषि मंत्री का घेराव, पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की
विज्ञापन
हांसी रोड स्थित सरकारी विश्राम गृह में कृषिमंत्री जेपी दलाल से मिलने जाते शिक्षकों को रोकती पुल?
- फोटो : Bhiwani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1983 पीटीआई को सेवामुक्त करने से खफा शारीरिक शिक्षकों ने शहर में प्रदर्शन किया और फिर रेस्ट हाउस में कृषि मंत्री का घेराव किया। शारीरिक शिक्षक मंत्री से मिलने रेस्ट हाउस के अंदर जाने लगे तो पुलिस ने रोका। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और तीखी नोक-झोंक हुई। हंगामा हुआ तो कृषि मंत्री स्वयं शिक्षकों के बीच पहुंचे और उनका ज्ञापन लेकर सरकार तक मांग पहुंचाने का आश्वासन दिया।
निदेशालय पंचकूला की ओर से 1983 पीटीआई की सेवा मुक्त करने के विरोध में हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति ने सोमवार को सभी जिलों में क्रमिक अनशन किया। भिवानी में हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति ने उपायुक्त कार्यालय के सामने क्रमिक अनशन शुरू किया। इससे पहले सभी जिला शारीरिक शिक्षक जुलूस के रूप में रेस्ट हाउस पहुंचे और कृषि मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। क्रमिक अनशन में भिवानी ब्लॉक के प्रवीण कुमारी हालवास देवसर माजरा, सुनीता पीटीआई पालुवास, विनोद धारेडू, ईश्वर पीटीआई राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समिति के भिवानी के जिला प्रधान दिलबाग जांगड़ा ने कहा कि हरियाणा सरकार सभी पीटीआई से गलत व्यवहार कर रही है। 1983 शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक का कोई दोष नहीं है। सारा का सारा कसूर भर्ती बोर्ड का है जो सरकार उन पर थोप रही है। जब तक सरकार सभी 1983 शारीरिक शिक्षकों को वापस सेवा में नहीं लेती तब तक संघर्ष जारी रहेगा। जिला प्रधान दिलबाग जांगड़ा ने कृषि मंत्री के समक्ष कहा कि हरियाणा सरकार अपनी वैधानिक शक्तियों व मंत्री मंडल में प्रस्ताव पास करते हुए सभी 1983 शारीरिक शिक्षकों को वापस सेवा प्रदान कर सकती है।
विज्ञापन
शारीरिक शिक्षकों के क्रमिक अनशन को समर्थन देने वालों में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला प्रधान सुरेंद्र सूरा, भूपेंद्र चाहर, हसला जिला प्रधान अत्तर सिंह मलिक, विद्यालय अध्यापक संघ जिला प्रधान अजीत राठी, हरियाणा कर्मचारी महासंघ जिला प्रधान सुरजपाल लेघां, प्रदेश प्रवक्ता बल्लू बामला, पब्लिक हेल्थ कर्मचारी एसोसिएशन भरत सिंह खटाणा, सीटू महासचिव अनिल कुमार, बहुजन समाजपार्टी के जिला प्रधान श्रीभगवान दहिया, अमित वाल्मीकि, हेमसा के राज्य उप.प्रधान राजेश लाम्बा, अधिवक्ता चरण सिंह, धर्मबीर ग्रेवाल, एमडीएम की जिला प्रधान सुरेश रिवासा, सुरेंद्र लाल ड्राईंग, प्रवीण कला अध्यापक आदि शामिल रहे। इस मौके पर हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघ के संरक्षक राजेश ढाण्डा, राजपाल तंवर, विनोद पिंकू, विरेंद्र घनघस, सोमदत्त शर्मा, रामपाल मंजीत ग्रेवाल, नरेंद्र शर्मा, जगबीर ग्रेवाल, बिजेंद्र कैरू, जिले सिंह तोशाम, राजेश बहल, मुकेश शर्मा सिवानी, मोतीलाल, जयबीर, जोगेंद्र, मांगेराम, विनोद बॉक्सर, दीपक शर्मा, प्रताप बहल, गोवर्धन शर्मा, सुमन गहलोत, मीनू तिगड़ाना, सुनीता चांग, कृष्णा मुंढाल, वीरभान आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
निदेशालय पंचकूला की ओर से 1983 पीटीआई की सेवा मुक्त करने के विरोध में हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति ने सोमवार को सभी जिलों में क्रमिक अनशन किया। भिवानी में हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति ने उपायुक्त कार्यालय के सामने क्रमिक अनशन शुरू किया। इससे पहले सभी जिला शारीरिक शिक्षक जुलूस के रूप में रेस्ट हाउस पहुंचे और कृषि मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। क्रमिक अनशन में भिवानी ब्लॉक के प्रवीण कुमारी हालवास देवसर माजरा, सुनीता पीटीआई पालुवास, विनोद धारेडू, ईश्वर पीटीआई राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समिति के भिवानी के जिला प्रधान दिलबाग जांगड़ा ने कहा कि हरियाणा सरकार सभी पीटीआई से गलत व्यवहार कर रही है। 1983 शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक का कोई दोष नहीं है। सारा का सारा कसूर भर्ती बोर्ड का है जो सरकार उन पर थोप रही है। जब तक सरकार सभी 1983 शारीरिक शिक्षकों को वापस सेवा में नहीं लेती तब तक संघर्ष जारी रहेगा। जिला प्रधान दिलबाग जांगड़ा ने कृषि मंत्री के समक्ष कहा कि हरियाणा सरकार अपनी वैधानिक शक्तियों व मंत्री मंडल में प्रस्ताव पास करते हुए सभी 1983 शारीरिक शिक्षकों को वापस सेवा प्रदान कर सकती है।
विज्ञापन
शारीरिक शिक्षकों के क्रमिक अनशन को समर्थन देने वालों में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला प्रधान सुरेंद्र सूरा, भूपेंद्र चाहर, हसला जिला प्रधान अत्तर सिंह मलिक, विद्यालय अध्यापक संघ जिला प्रधान अजीत राठी, हरियाणा कर्मचारी महासंघ जिला प्रधान सुरजपाल लेघां, प्रदेश प्रवक्ता बल्लू बामला, पब्लिक हेल्थ कर्मचारी एसोसिएशन भरत सिंह खटाणा, सीटू महासचिव अनिल कुमार, बहुजन समाजपार्टी के जिला प्रधान श्रीभगवान दहिया, अमित वाल्मीकि, हेमसा के राज्य उप.प्रधान राजेश लाम्बा, अधिवक्ता चरण सिंह, धर्मबीर ग्रेवाल, एमडीएम की जिला प्रधान सुरेश रिवासा, सुरेंद्र लाल ड्राईंग, प्रवीण कला अध्यापक आदि शामिल रहे। इस मौके पर हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघ के संरक्षक राजेश ढाण्डा, राजपाल तंवर, विनोद पिंकू, विरेंद्र घनघस, सोमदत्त शर्मा, रामपाल मंजीत ग्रेवाल, नरेंद्र शर्मा, जगबीर ग्रेवाल, बिजेंद्र कैरू, जिले सिंह तोशाम, राजेश बहल, मुकेश शर्मा सिवानी, मोतीलाल, जयबीर, जोगेंद्र, मांगेराम, विनोद बॉक्सर, दीपक शर्मा, प्रताप बहल, गोवर्धन शर्मा, सुमन गहलोत, मीनू तिगड़ाना, सुनीता चांग, कृष्णा मुंढाल, वीरभान आदि उपस्थित थे।