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शामलात भूमि पर 100 साल पहले बने मकानों को तोड़ने की तैयारी, ग्रामीणों ने लगाई डीसी से गुहार
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उपायुक्त से मिलने के लिए जाते गांव मंढाणा के ग्रामीण। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। गांव मंढाणा में पिछले सौ सालों से शामलात भूमि पर काबिज करीब 17 परिवारों के घरौंदों को तोड़ने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की टीम गांव में सोमवार को पहुंची तो ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। मंगलवार सुबह गांव मंढाणा के सैकड़ों ग्रामीणों ने लघु सचिवालय परिसर में पहुंचकर उपायुक्त से घरों को नहीं तोड़ने की गुहार लगाई।
ग्रामीण बोले कि सर्दी के मौसम में उनके बीवी-बच्चों को सड़क पर मत लाओ, सरकार और प्रशासन शामलात भूमि पर बने मकानों के रेट तय कर दे। वे उसका भुगतान कर देंगे। ग्रामीणों के साथ महिलाएं भी लघु सचिवालय में डीसी से गुहार लगाने पहुंचीं।
लघु सचिवालय में पहुंचे गांव मंढाणा निवासी ईश्वर शर्मा, जयकिशन शर्मा, बजरंगलाल शर्मा, रामलाल शर्मा, जयसिंह, राजबीर, सतीश, रोहताश पूर्व सरपंच, सुरेश शर्मा, सुभाष, जयकिशन, महेंद्र, रमेश, जगदीश, कर्मवीर, गीता, माया, कस्तूरी, चमेली, सुनीता, मीना, संतोष, बिमला, मीना, सुदेश, मोनी ने बताया कि 1952 में गांव 250 घरों की आबादी थी। लेकिन आज गांव की फिरनी के बाहर करीब 70 फीसदी आबादी आबाद हो चुकी है। इसके साथ ही गांव में अब करीब ढाई हजार मकान बन चुके हैं। करीब सौ साल पहले गांव में कुछ लोगों को आबाद करने के लिए जगह दी गई थी। जिनके अब कई घर यहां आबाद हो चुके हैं। उस समय बसाए गए लोगों के पास कोई रजिस्ट्री नहीं हैं। इसी वजह से गांव के ही कुछ लोगों ने मामला न्यायालय में पहुंचा दिया और अब उन्हें घर से बेघर करने की तैयारी कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि आज तक गांव में सरकार ने इन गरीब परिवारों को कोई लाभ नहीं दिया और न ही रहने के लिए कोई जगह दी। मगर जिला प्रशासन की टीम अब उनके घरों को गिराने के लिए बार-बार दबिश दे रही है। जिससे इनके परिवारों में भी मायूसी और भय का माहौल बना है।
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सोमवार को एसडीएम की अगुवाई में गांव में पहुंचा था अमला
गांव मंढाणा में सोमवार को एसडीएम की अगुवाई में अधिकारियों का अमला भारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचा था। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासन ने शामलात भूमि पर बने मकानों का गिराने की प्रक्रिया भी शुरू की, मगर ग्रामीणों ने उन्हें कुछ वक्त देने का अनुरोध किया। इसके बाद टीम ग्रामीणों को अल्टीमेटम देकर लौट गई।
पंचायती जमीन के लगाए पैसे, हम कर देंगे भुगतान
गांव मंढाणा की शामलात भूमि पर मकान बनाने वाले ग्रामीणों ने लघु सचिवालय में डीसी से गुहार लगाते हुए कहा कि पंचायती भूमि की कीमत तय की जाए वे उसका भुगतान कर देंगे। उनके घरों को उजाड़ा न जाए। ग्रामीणों ने गुहार लगाई कि वे नहीं चाहते कि उनके परिवार को उनकी आंखों के सामने ही उनके घर से बाहर कर दिया जाए। वे प्रशासन को हर संभव सहयोग करेंगे, बल्कि प्रशासन और सरकार भी उनकी गुहार सुने।
कोर्ट में केस हारने वालों के हटेंगे कब्जे
कोर्ट के आदेशों के बाद प्रशासन की टीम गांव मंढाणा में शामलात भूमि से अवैध कब्जे हटवाने पहुंची थी, जो लोग कोर्ट से हार चुके हैं, उनकी जगहों को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। इसके लिए उपायुक्त ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किया हुआ है। उनकी देखरेख में ही कब्जा कार्रवाई हटाने की प्रक्रिया की जा रही है।
-आशीष मान, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी भिवानी।
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ग्रामीण बोले कि सर्दी के मौसम में उनके बीवी-बच्चों को सड़क पर मत लाओ, सरकार और प्रशासन शामलात भूमि पर बने मकानों के रेट तय कर दे। वे उसका भुगतान कर देंगे। ग्रामीणों के साथ महिलाएं भी लघु सचिवालय में डीसी से गुहार लगाने पहुंचीं।
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लघु सचिवालय में पहुंचे गांव मंढाणा निवासी ईश्वर शर्मा, जयकिशन शर्मा, बजरंगलाल शर्मा, रामलाल शर्मा, जयसिंह, राजबीर, सतीश, रोहताश पूर्व सरपंच, सुरेश शर्मा, सुभाष, जयकिशन, महेंद्र, रमेश, जगदीश, कर्मवीर, गीता, माया, कस्तूरी, चमेली, सुनीता, मीना, संतोष, बिमला, मीना, सुदेश, मोनी ने बताया कि 1952 में गांव 250 घरों की आबादी थी। लेकिन आज गांव की फिरनी के बाहर करीब 70 फीसदी आबादी आबाद हो चुकी है। इसके साथ ही गांव में अब करीब ढाई हजार मकान बन चुके हैं। करीब सौ साल पहले गांव में कुछ लोगों को आबाद करने के लिए जगह दी गई थी। जिनके अब कई घर यहां आबाद हो चुके हैं। उस समय बसाए गए लोगों के पास कोई रजिस्ट्री नहीं हैं। इसी वजह से गांव के ही कुछ लोगों ने मामला न्यायालय में पहुंचा दिया और अब उन्हें घर से बेघर करने की तैयारी कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि आज तक गांव में सरकार ने इन गरीब परिवारों को कोई लाभ नहीं दिया और न ही रहने के लिए कोई जगह दी। मगर जिला प्रशासन की टीम अब उनके घरों को गिराने के लिए बार-बार दबिश दे रही है। जिससे इनके परिवारों में भी मायूसी और भय का माहौल बना है।
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सोमवार को एसडीएम की अगुवाई में गांव में पहुंचा था अमला
गांव मंढाणा में सोमवार को एसडीएम की अगुवाई में अधिकारियों का अमला भारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचा था। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासन ने शामलात भूमि पर बने मकानों का गिराने की प्रक्रिया भी शुरू की, मगर ग्रामीणों ने उन्हें कुछ वक्त देने का अनुरोध किया। इसके बाद टीम ग्रामीणों को अल्टीमेटम देकर लौट गई।
पंचायती जमीन के लगाए पैसे, हम कर देंगे भुगतान
गांव मंढाणा की शामलात भूमि पर मकान बनाने वाले ग्रामीणों ने लघु सचिवालय में डीसी से गुहार लगाते हुए कहा कि पंचायती भूमि की कीमत तय की जाए वे उसका भुगतान कर देंगे। उनके घरों को उजाड़ा न जाए। ग्रामीणों ने गुहार लगाई कि वे नहीं चाहते कि उनके परिवार को उनकी आंखों के सामने ही उनके घर से बाहर कर दिया जाए। वे प्रशासन को हर संभव सहयोग करेंगे, बल्कि प्रशासन और सरकार भी उनकी गुहार सुने।
कोर्ट में केस हारने वालों के हटेंगे कब्जे
कोर्ट के आदेशों के बाद प्रशासन की टीम गांव मंढाणा में शामलात भूमि से अवैध कब्जे हटवाने पहुंची थी, जो लोग कोर्ट से हार चुके हैं, उनकी जगहों को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। इसके लिए उपायुक्त ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किया हुआ है। उनकी देखरेख में ही कब्जा कार्रवाई हटाने की प्रक्रिया की जा रही है।
-आशीष मान, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी भिवानी।