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Bhiwani News: गर्भवती महिला पहले आ जाओ... पेट दर्द वाले पांच दिन बाद आना
Thu, 06 Feb 2025 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 06 Feb 2025 11:02 PM IST
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शहर में स्थित जिला नागरिक अस्पताल।
भिवानी। शहर के जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच करने का भार एक चिकित्सक के कंधे पर है। इस कारण मरीजों को जांच करवाने के लिए चार से पांच दिन इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में स्थित केंद्र के बाहर सुबह से शाम तक स्टाफ सदस्य आवाज लगाता रहता है कि गर्भवती महिला की जांच अभी होगी और पेट दर्द वाले पांच दिन बाद आना अपना नंबर लगवा लो।
बता दें कि अस्पताल में प्रतिदिन 300 मरीज जांच करवाने पहुंचते हैं। इस कारण गर्भवती महिलाओं की जांच कर सामान्य बीमारियों के मरीजों को चार से पांच दिन बाद बुलाया जा रहा है। इस कारण मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों से महंगे दाम पर जांच करवानी पड़ रही है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र पर एक चिकित्सक है। वहीं अल्ट्रासाउंड करवाने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन 300 से पार जाती है। लेकिन रोजाना औसतन 60 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड हो पाता है। मामला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में है। लेकिन अधिकारी जिले में बने पंडित नेकीराम मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ होने का इंतजार कर रहे हैं।
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अधिकारियों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ के साथ ही जिले के लोगों को सभी सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। अस्पताल में फिलहाल दो अल्ट्रासाउंड मशीन हैं। लेकिन मशीन को चलाने का भार एक चिकित्सक पर है। चिकित्सक के अवकाश पर होने के बाद तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाहर सुबह से शाम तक मरीजों की भीड़ लगी रहती है।
वहीं जांच करने वाले चिकित्सक को कोर्ट कार्य के चलते भी कार्य बीच में छोड़ कर जाना पड़ जाता है। इस कारण मरीज जांच केंद्र के बाहर ही पेट दर्द से कराहते रहते हैं। गर्भवती महिलाओं को छोड़कर बाकी सभी मरीजों का नाम दर्ज कर आगे की तारीख पर जांच के लिए बुलाया जाता है।
अस्पताल में पहुंचे मरीज सचिन (23) ने बताया कि वह पेट दर्द से परेशान है। नागरिक अस्पताल में जांच करवाने के लिए आया था। यहां आने पर चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच करवाने की बात कही। लेकिन जब वह जांच केंद्र पर आया तो उसे एक सप्ताह बाद आने के लिए बोला गया। लेकिन फिलहाल वह पेट दर्द से परेशान है।
इसी तरह एक अन्य मरीज प्रीत के पेट दर्द होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेनी पहुंची। लेकिन अल्ट्रासाउंड के लिए उसे पांच दिन बाद बुलाया गया। अस्पताल में आए मरीजों ने बताया कि इस तरह के हालात यहां प्रतिदिन बनते हैं। प्रशासन को इस समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि मरीज परेशान नहीं हो। समय से जांच करवा कर समय से इलाज शुरू कर सकें।
मैं पेट दर्द होने पर अस्पताल में दवा लेने आया था। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए बोला। मैं जांच केंद्र पर गया तो स्टाफ ने मेरी पर्ची पर एक सप्ताह बाद की तारीख लिख कर मेरा नंबर लगा दिया। जब मैंने कहा कि मेरे पेट में ज्यादा दर्द है। स्टाफ ने कहा कि एक दिन में सिर्फ 60 मरीजों की ही जांच कर सकते हैं। इसलिए इंतजार करना होगा।
- सचिन, भिवानी निवासी।
मैं स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच करवाने अस्पताल पहुंची थी। लेकिन चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच करवा कर रिपोर्ट लाने के लिए बोला। लेकिन जब मैं जांच करवाने केंद्र पर पहुंची तो स्टाफ ने मुझे पांच दिन बाद आने के लिए बोला। लेकिन मैं पांच दिन तक इंतजार नहीं कर सकती थी। इस कारण निजी केंद्र से जांच करवा कर परामर्श शुरू किया।
-प्रीत, भिवानी निवासी।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है। एक चिकित्सक सभी मरीजों की जांच नहीं कर पाता। गर्भवती महिलाओं की जांच पहले करनी पड़ती है। इस कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। अतिरिक्त चिकित्सक की नियुक्ति का मांग पत्र भेज रखा है।
- डॉ. बलवान सिहं, प्रभारी जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।
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बता दें कि अस्पताल में प्रतिदिन 300 मरीज जांच करवाने पहुंचते हैं। इस कारण गर्भवती महिलाओं की जांच कर सामान्य बीमारियों के मरीजों को चार से पांच दिन बाद बुलाया जा रहा है। इस कारण मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों से महंगे दाम पर जांच करवानी पड़ रही है।
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अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र पर एक चिकित्सक है। वहीं अल्ट्रासाउंड करवाने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन 300 से पार जाती है। लेकिन रोजाना औसतन 60 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड हो पाता है। मामला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में है। लेकिन अधिकारी जिले में बने पंडित नेकीराम मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ होने का इंतजार कर रहे हैं।
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अधिकारियों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ के साथ ही जिले के लोगों को सभी सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। अस्पताल में फिलहाल दो अल्ट्रासाउंड मशीन हैं। लेकिन मशीन को चलाने का भार एक चिकित्सक पर है। चिकित्सक के अवकाश पर होने के बाद तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाहर सुबह से शाम तक मरीजों की भीड़ लगी रहती है।
वहीं जांच करने वाले चिकित्सक को कोर्ट कार्य के चलते भी कार्य बीच में छोड़ कर जाना पड़ जाता है। इस कारण मरीज जांच केंद्र के बाहर ही पेट दर्द से कराहते रहते हैं। गर्भवती महिलाओं को छोड़कर बाकी सभी मरीजों का नाम दर्ज कर आगे की तारीख पर जांच के लिए बुलाया जाता है।
अस्पताल में पहुंचे मरीज सचिन (23) ने बताया कि वह पेट दर्द से परेशान है। नागरिक अस्पताल में जांच करवाने के लिए आया था। यहां आने पर चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच करवाने की बात कही। लेकिन जब वह जांच केंद्र पर आया तो उसे एक सप्ताह बाद आने के लिए बोला गया। लेकिन फिलहाल वह पेट दर्द से परेशान है।
इसी तरह एक अन्य मरीज प्रीत के पेट दर्द होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेनी पहुंची। लेकिन अल्ट्रासाउंड के लिए उसे पांच दिन बाद बुलाया गया। अस्पताल में आए मरीजों ने बताया कि इस तरह के हालात यहां प्रतिदिन बनते हैं। प्रशासन को इस समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि मरीज परेशान नहीं हो। समय से जांच करवा कर समय से इलाज शुरू कर सकें।
मैं पेट दर्द होने पर अस्पताल में दवा लेने आया था। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए बोला। मैं जांच केंद्र पर गया तो स्टाफ ने मेरी पर्ची पर एक सप्ताह बाद की तारीख लिख कर मेरा नंबर लगा दिया। जब मैंने कहा कि मेरे पेट में ज्यादा दर्द है। स्टाफ ने कहा कि एक दिन में सिर्फ 60 मरीजों की ही जांच कर सकते हैं। इसलिए इंतजार करना होगा।
- सचिन, भिवानी निवासी।
मैं स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच करवाने अस्पताल पहुंची थी। लेकिन चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच करवा कर रिपोर्ट लाने के लिए बोला। लेकिन जब मैं जांच करवाने केंद्र पर पहुंची तो स्टाफ ने मुझे पांच दिन बाद आने के लिए बोला। लेकिन मैं पांच दिन तक इंतजार नहीं कर सकती थी। इस कारण निजी केंद्र से जांच करवा कर परामर्श शुरू किया।
-प्रीत, भिवानी निवासी।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है। एक चिकित्सक सभी मरीजों की जांच नहीं कर पाता। गर्भवती महिलाओं की जांच पहले करनी पड़ती है। इस कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। अतिरिक्त चिकित्सक की नियुक्ति का मांग पत्र भेज रखा है।
- डॉ. बलवान सिहं, प्रभारी जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।