{"_id":"6ac003eee53afb13f20755c4","slug":"police-will-tell-about-to-prevent-cyber-crime-in-schools-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-158010-2026-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: पुलिस विभाग स्कूलों और कॉलेजों में जगाएगा साइबर जागरूकता की अलख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: पुलिस विभाग स्कूलों और कॉलेजों में जगाएगा साइबर जागरूकता की अलख
Sat, 03 Oct 2026 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 03 Oct 2026 12:50 AM IST
विज्ञापन
विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करते साईबर क्राइम विष्णु कुमार। पुलिस व
फोटो: 37
जिला पुलिस ने साइबर जागरूकता प्लान किया तैयार, जिले भर में 35 से अधिक शिक्षण संस्थान चिह्नित
-अक्तूबर में 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को किया जाएगा साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। जिला पुलिस भिवानी साइबर अपराधों से बचाव के लिए एक व्यापक अभियान चला रही है। अक्तूबर माह को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान पुलिस स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
कार्यक्रम का लक्ष्य करीब 50 हजार विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर ठगी से बचाना है। पुलिस अधीक्षक भिवानी मयंक मिश्रा के निर्देश पर यह अभियान चल रहा है। जिले भर में 35 से अधिक शिक्षण संस्थान चिह्नित किए गए हैं।
शुक्रवार को अभियान के दूसरे दिन थाना साइबर क्राइम भिवानी के विष्णु कुमार ने विद्यार्थियों को गोल्डन ऑवर का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि ठगी के तुरंत बाद 1930 सहायता नंबर पर शिकायत करने से रकम को रोका जा सकता है।
विज्ञापन
इससे राशि को आगे हस्तांतरित होने से रोकने में मदद मिलती है। खाते पर रोक या ग्रहणाधिकार लगाने से वापसी के प्रयास प्रभावी होते हैं। पुलिस टीम ने त्वरित शिकायत पर जोर दिया। संबंधित बैंक, भुगतान मंच और पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं।
आम नागरिकों से की अपील
पुलिस प्रवक्ता अभिषेक यादव ने नागरिकों को साइबर ठगी होने पर 1930 पर शिकायत करने को कहा। उन्होंने ठगी करने वाले मोबाइल नंबर, वॉट्सएप बातचीत, स्क्रीनशॉट जैसे साक्ष्य सुरक्षित रखने की सलाह दी। बैंक खाते, यूपीआई आईडी, लेन-देन आईडी और संदिग्ध लिंक भी महत्वपूर्ण हैं। ये विवरण साइबर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सहायता प्रदान करते हैं। विष्णु कुमार ने अनजान व्यक्ति को ओटीपी, पिन, सीवीवी या बैंक जानकारी साझा न करने की अपील की।
बचाव के महत्वपूर्ण उपाय
नागरिकों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। किसी के कहने पर कोई एपीके या रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन इंस्टॉल न करें। फर्जी पुलिस अधिकारी, सरकारी अधिकारी या बैंक अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करने वालों से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत करें। पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने बताया कि बच्चों के माध्यम से यह जागरूकता परिवार के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचेगी।
त्वरित कार्रवाई का महत्व
पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने आम नागरिकों से अपील की कि साइबर ठगी होते ही समय बर्बाद न करें। तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। गोल्डन ऑवर में की गई आपकी त्वरित कार्रवाई आपकी रकम को बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यह अभियान युवाओं को साइबर अपराधों और धोखाधड़ी के प्रति सजग रहने के लिए जागरूक कर रहा है।
विज्ञापन
जिला पुलिस ने साइबर जागरूकता प्लान किया तैयार, जिले भर में 35 से अधिक शिक्षण संस्थान चिह्नित
-अक्तूबर में 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को किया जाएगा साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। जिला पुलिस भिवानी साइबर अपराधों से बचाव के लिए एक व्यापक अभियान चला रही है। अक्तूबर माह को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान पुलिस स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
कार्यक्रम का लक्ष्य करीब 50 हजार विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर ठगी से बचाना है। पुलिस अधीक्षक भिवानी मयंक मिश्रा के निर्देश पर यह अभियान चल रहा है। जिले भर में 35 से अधिक शिक्षण संस्थान चिह्नित किए गए हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार को अभियान के दूसरे दिन थाना साइबर क्राइम भिवानी के विष्णु कुमार ने विद्यार्थियों को गोल्डन ऑवर का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि ठगी के तुरंत बाद 1930 सहायता नंबर पर शिकायत करने से रकम को रोका जा सकता है।
विज्ञापन
इससे राशि को आगे हस्तांतरित होने से रोकने में मदद मिलती है। खाते पर रोक या ग्रहणाधिकार लगाने से वापसी के प्रयास प्रभावी होते हैं। पुलिस टीम ने त्वरित शिकायत पर जोर दिया। संबंधित बैंक, भुगतान मंच और पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं।
आम नागरिकों से की अपील
पुलिस प्रवक्ता अभिषेक यादव ने नागरिकों को साइबर ठगी होने पर 1930 पर शिकायत करने को कहा। उन्होंने ठगी करने वाले मोबाइल नंबर, वॉट्सएप बातचीत, स्क्रीनशॉट जैसे साक्ष्य सुरक्षित रखने की सलाह दी। बैंक खाते, यूपीआई आईडी, लेन-देन आईडी और संदिग्ध लिंक भी महत्वपूर्ण हैं। ये विवरण साइबर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सहायता प्रदान करते हैं। विष्णु कुमार ने अनजान व्यक्ति को ओटीपी, पिन, सीवीवी या बैंक जानकारी साझा न करने की अपील की।
बचाव के महत्वपूर्ण उपाय
नागरिकों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। किसी के कहने पर कोई एपीके या रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन इंस्टॉल न करें। फर्जी पुलिस अधिकारी, सरकारी अधिकारी या बैंक अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करने वालों से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत करें। पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने बताया कि बच्चों के माध्यम से यह जागरूकता परिवार के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचेगी।
त्वरित कार्रवाई का महत्व
पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने आम नागरिकों से अपील की कि साइबर ठगी होते ही समय बर्बाद न करें। तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। गोल्डन ऑवर में की गई आपकी त्वरित कार्रवाई आपकी रकम को बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यह अभियान युवाओं को साइबर अपराधों और धोखाधड़ी के प्रति सजग रहने के लिए जागरूक कर रहा है।