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Bhiwani News: खिलाड़ियों की खुराक घटाई, विभाग ने 37 फीसदी भत्ता काटा
Tue, 25 Apr 2023 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 25 Apr 2023 11:03 PM IST
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भिवानी। स्कूल स्तर पर कैसे खेल प्रतिभा निखरेगी, जब विद्यार्थियों की खुराक ही घटाई जा रही है। शिक्षा विभाग ने स्कूली खिलाड़ियों की खुराक की 37 फीसदी राशि काट दी है, जिसके कारण उन्हें पर्याप्त खुराक तक नहीं मिल पाई। पिछले दिनों राज्य स्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था, जिसमें भाग लेने वाले स्कूली खिलाड़ियों को प्रतिदिन 200 रुपये का खुराक भत्ता दिया जाना तय था। लेकिन जिला शिक्षा विभाग ने उन्हें पुराने नियम के हिसाब से सिर्फ 125 रुपये ही खुराक के लिए दिए।
ऐसे में शिक्षा सत्र 2022-23 में विद्यार्थियों के साथ गए पीटीआई व डीपीई ने अपनी जेब से उन्हें खाना खिलाया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की दलील है कि उन्हें अभी तक खुराक भत्ता बढ़ाए जाने की जानकारी नहीं है। ऐसे में शिक्षा विभाग की व्यवस्थाएं कितनी बेहतर हैं इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
विभाग की तरफ से राज्य स्तरीय खेलों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन 200 रुपये दिए जाने की व्यवस्था है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह राशि प्रतिदिन 250 रुपये है। लेकिन भिवानी जिले के जिन स्कूल विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया उन्हें सिर्फ 125 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया है, जिसमें भी कई खिलाड़ियों को राशि नहीं मिल पाई है। जिले में नौवीं से कक्षा 12वीं तक के करीब 1200 विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया था, जबकि छठी से आठवीं तक के अंडर 14 के 700 विद्यार्थियों और तीसरी से पांचवीं के अंडर 11 के करीब 350 विद्यार्थियों ने प्रतिनिधित्व किया था। ऐसे में उन्हें खुराक भत्ता उचित नहीं मिलने से निराशा भी है। वहीं, शारीरिक शिक्षकों का कहना है कि सरकार सिर्फ खेल को आगे लेकर आने की बात करती है मगर धरातल पर स्कूल खिलाड़ियों को कुछ भी सुविधाएं नहीं दे रही। संवाद
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जिला स्तर पर मिल रहा सिर्फ 75 रुपये का भत्ता
स्कूलों में होने वाली प्रतियोगिताओं में पहले स्कूल फिर खंड स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करना होता है। खंड स्तर पर अव्वल आने वाले खिलाड़ियों को जिला स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में शामिल किया जाता है। जो खिलाड़ी जिला स्तर पर भाग लेता है उसे सिर्फ 75 रुपये खुराक भत्ता मिलता है, जोकि काफी कम है। महंगाई के इस दौर में खिलाड़ी अपना ठीक से न तो भोजन कर सकता है और न ही जूस या फल खा सकता है, जबकि वही खिलाड़ी अगर अगले चरण में प्रवेश करता है तो उसे राशि बढ़ाकर दी जाती है।
स्कूली खेलों की तरफ सरकार का कोई ध्यान नहीं है। स्कूल खिलाड़ियों को तय भत्ते से काफी कम खुराक भत्ता दिया गया है, जोकि सरासर गलत है। इस संबंध में विभाग के अधिकारी संज्ञान लें और स्कूल खिलाड़ियों को उनके खुराक भत्ते की राशि प्रदान करें। इसके अलावा आगे जो भी प्रतियोगिता हो उनमें नियमानुसार ही भत्ता दिया जाना चाहिए, ताकि खिलाड़ी अच्छा खाना-पीना कर सके।
- विनोद पिंकू, जिला महासचिव, हरियाणा शारीरिक शिक्षक एसोसिएशन।
खिलाड़ियों को खुराक भत्ता सरकारी निर्देश के अनुसार ही दिया गया है। विभाग की ओर से खुराक भत्ता बढ़ाने के बारे में जो बात कही जा रही है उसके संबंध में हमारे पास कोई आदेश पत्र नहीं आया है। विभाग की ओर से जो भी आदेश आएंगे उन्हें तुरंत प्रभाव से अमल में लाया जाएगा।
- रामअवतार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी।
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ऐसे में शिक्षा सत्र 2022-23 में विद्यार्थियों के साथ गए पीटीआई व डीपीई ने अपनी जेब से उन्हें खाना खिलाया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की दलील है कि उन्हें अभी तक खुराक भत्ता बढ़ाए जाने की जानकारी नहीं है। ऐसे में शिक्षा विभाग की व्यवस्थाएं कितनी बेहतर हैं इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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विभाग की तरफ से राज्य स्तरीय खेलों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन 200 रुपये दिए जाने की व्यवस्था है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह राशि प्रतिदिन 250 रुपये है। लेकिन भिवानी जिले के जिन स्कूल विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया उन्हें सिर्फ 125 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया है, जिसमें भी कई खिलाड़ियों को राशि नहीं मिल पाई है। जिले में नौवीं से कक्षा 12वीं तक के करीब 1200 विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया था, जबकि छठी से आठवीं तक के अंडर 14 के 700 विद्यार्थियों और तीसरी से पांचवीं के अंडर 11 के करीब 350 विद्यार्थियों ने प्रतिनिधित्व किया था। ऐसे में उन्हें खुराक भत्ता उचित नहीं मिलने से निराशा भी है। वहीं, शारीरिक शिक्षकों का कहना है कि सरकार सिर्फ खेल को आगे लेकर आने की बात करती है मगर धरातल पर स्कूल खिलाड़ियों को कुछ भी सुविधाएं नहीं दे रही। संवाद
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जिला स्तर पर मिल रहा सिर्फ 75 रुपये का भत्ता
स्कूलों में होने वाली प्रतियोगिताओं में पहले स्कूल फिर खंड स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करना होता है। खंड स्तर पर अव्वल आने वाले खिलाड़ियों को जिला स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में शामिल किया जाता है। जो खिलाड़ी जिला स्तर पर भाग लेता है उसे सिर्फ 75 रुपये खुराक भत्ता मिलता है, जोकि काफी कम है। महंगाई के इस दौर में खिलाड़ी अपना ठीक से न तो भोजन कर सकता है और न ही जूस या फल खा सकता है, जबकि वही खिलाड़ी अगर अगले चरण में प्रवेश करता है तो उसे राशि बढ़ाकर दी जाती है।
स्कूली खेलों की तरफ सरकार का कोई ध्यान नहीं है। स्कूल खिलाड़ियों को तय भत्ते से काफी कम खुराक भत्ता दिया गया है, जोकि सरासर गलत है। इस संबंध में विभाग के अधिकारी संज्ञान लें और स्कूल खिलाड़ियों को उनके खुराक भत्ते की राशि प्रदान करें। इसके अलावा आगे जो भी प्रतियोगिता हो उनमें नियमानुसार ही भत्ता दिया जाना चाहिए, ताकि खिलाड़ी अच्छा खाना-पीना कर सके।
- विनोद पिंकू, जिला महासचिव, हरियाणा शारीरिक शिक्षक एसोसिएशन।
खिलाड़ियों को खुराक भत्ता सरकारी निर्देश के अनुसार ही दिया गया है। विभाग की ओर से खुराक भत्ता बढ़ाने के बारे में जो बात कही जा रही है उसके संबंध में हमारे पास कोई आदेश पत्र नहीं आया है। विभाग की ओर से जो भी आदेश आएंगे उन्हें तुरंत प्रभाव से अमल में लाया जाएगा।
- रामअवतार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी।