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Bhiwani News: चार शहरों के कूड़े में अब अंकुरित होंगे पर्यावरण संजोने के लिए पौधों के बीज, खाद के इस्तेमाल से महकेगी बगिया
Mon, 08 Apr 2024 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 08 Apr 2024 02:02 AM IST
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भिवानी के डंपिंग यार्ड पर कचरे से निकाल गई खाद।
संजय वर्मा
भिवानी। चार शहरों के कूड़े में अब पर्यावरण संजोने के लिए पौधों के बीज अंकुरित होंगे, जिनकी खुशबू से आसपास का माहौल भी महक उठेगा। शहर के दादरी रोड डंपिंग यार्ड पर करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से जुलाई तक 200 टन क्षमता का कचरा निस्तारण प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। फिलहाल दो प्रसंस्करण इकाइयों के माध्यम से रोजाना ही करीब डेढ़ सौ टन कचरे का निस्तारण हो रहा है। डंपिंग यार्ड पर भिवानी, चरखी दादरी, लोहारू और बवानीखेड़ा शहरों का करीब 190 टन कचरा रोजाना यहां पहुंच रहा है। वहीं करीब ढाई दशक से डंपिंग यार्ड परिसर में पड़े 82,000 टन कचरे में से अब 48,000 टन पुराने कचरे का भी निपटान हो चुका है। जिससे बेहतरीन खाद भी तैयार हो रही है, जो किसानों के साथ बागवानी करने वालों के लिए भी बेहतर साबित होगी।
भिवानी के दादरी रोड डंपिंग यार्ड पर 24 एकड़ भूमि पर श्रीश्याम इंटरप्राइजिज कंपनी ने 22 साल की लीज पर नगर परिषद से करीब 24 एकड़ भूमि लेकर 60 करोड़ रुपये से कचरा निस्तारण प्लांट लगाने का काम शुरू किया है। ये प्लांट बारिश के मौसम से पहले जुलाई के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा। प्लांट के चारों तरफ चहारदीवारी बनाने के बाद नौ मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट भी विकसित की जा रही है। इसके अंदर पौधे भी लगाए गए हैं, ये पौधे कूड़े से निकलने वाली खाद पर ही पोषण पा रहे हैं। करीब साढ़े आठ एकड़ में उद्यान भी तैयार होगा, जिसकी बगिया में कूड़े की खाद पर ही फलों की महक उठेगी।
डंपिंग यार्ड के आसपास 67 एकड़ में फैला कचरा भी अब होने लगा गायब
डंपिंग यार्ड के आसपास नगर परिषद की करीब 67 एकड़ भूमि है। इसमें से अधिकतर भूमि पर कई दशकों से खुले में कूड़े के ढेर लगे हैं। नगर परिषद ने करीब 82,000 टन पुराने कचरे के निस्तारण का जिम्मा भी कचरा निस्तारण कंपनी को सौंपा था, जिसके बाद छह से आठ माह में कंपनी करीब 48,000 टन पुराने कचरे का भी निस्तारण कर उसे खाद में तबदील कर चुकी है। धीरे-धीरे पुराने कचरे के ढेर भी अब समाप्त हो रहे हैं। इसके बाद इस बंजर भूमि पर यहां हरियाली का दायरा बनाया जाएगा।
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करीब 10 करोड़ के बजट से आठ एकड़ में बनेगा सीसी पैटर्न पर प्लेटफार्म
डंपिंग यार्ड पर करीब दस करोड़ की लागत से करीब आठ एकड़ भूमि दायरे में सीसी पैटर्न पर पक्का प्लेटफार्म बनाने का काम चल रहा है। इस प्लेटफार्म पर चारों शहरों से एकत्रित कर लाए गए ठोस कचरे को डाला जाएगा। ताजा कूड़े से तरस निकलता है भूमिगत जल का भी स्वाद बिगाड़ देता है। ऐसे में इस कचरे को केवल पक्के प्लेटफार्म पर ही डाला जाएगा ताकि सीधे उसका नियमानुसार निस्तारण हो सके। इस प्लेटफार्म के ऊपर नया शेड भी तैयार होगा।
कचरा निस्तारण प्लांट में रोजाना 10 से 12 टन खाद हो रही है तैयार
श्रीश्याम इंटरप्राइजिज कंपनी के प्रबंधक विनीत कुमार ने बताया कि कचरा निस्तारण इकाई में चार शहरों से लाए जाने वाले ताजा कचरे के अलावा पहले से मौजूद पुराने कचरे का भी निस्तारण हो रहा है। ऐसे में प्रसंस्करण इकाई के जरिए रोजाना ही करीब 10 से 12 टन खाद भी तैयार हो रही है। इस खाद के अंदर कार्बन, सल्फर और पोटाश भी प्रचुर मात्रा में है। इसका इस्तेमाल किसान खेती में कर सकते हैं और इसका प्लांटेशन में भी बेहतर प्रयोग होगा। फिलहाल प्लांट के दायरे में पर्यावरण संजोने के लिए इसका प्रयोग किया जा रहा है। क्योंकि यहां पहले बंजर भूमि भी अब इसी खाद से पौधों के बीज अंकुरित होने लगे हैं।
ये निकल रहा है चार शहरों से रोजाना कचरा
भिवानी से रोजाना करीब 135 टन कचरा निकल रहा है। चरखी दादरी शहर से 35 टन कचरा और बवानीखेड़ा से दस टन और लोहारू से 11 टन कचरा निकल रहा है। ये ठोस कचरा ढुलाई वाहनों से डंपिंग यार्ड तक निस्तारण के लिए लाया जाता है।
ठोस कचरा निस्तारण प्लांट की दो प्रसंस्करण इकाइयां काम कर रहीं हैं, जबकि जुलाई तक 200 टन क्षमता का पूरा प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। प्लांट में कचरा निस्तारण के साथ बड़ी मात्रा में खाद भी तैयार होगी, जिसके लिए अलग से केंद्र बनाकर इसे कृषि और पौधों के इस्तेमाल के लिए भी मुहैया कराया जाएगा। -वीरेंद्र सिंह, सीईओ, श्रीश्याम इंटरप्राइजेज कंपनी।
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भिवानी। चार शहरों के कूड़े में अब पर्यावरण संजोने के लिए पौधों के बीज अंकुरित होंगे, जिनकी खुशबू से आसपास का माहौल भी महक उठेगा। शहर के दादरी रोड डंपिंग यार्ड पर करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से जुलाई तक 200 टन क्षमता का कचरा निस्तारण प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। फिलहाल दो प्रसंस्करण इकाइयों के माध्यम से रोजाना ही करीब डेढ़ सौ टन कचरे का निस्तारण हो रहा है। डंपिंग यार्ड पर भिवानी, चरखी दादरी, लोहारू और बवानीखेड़ा शहरों का करीब 190 टन कचरा रोजाना यहां पहुंच रहा है। वहीं करीब ढाई दशक से डंपिंग यार्ड परिसर में पड़े 82,000 टन कचरे में से अब 48,000 टन पुराने कचरे का भी निपटान हो चुका है। जिससे बेहतरीन खाद भी तैयार हो रही है, जो किसानों के साथ बागवानी करने वालों के लिए भी बेहतर साबित होगी।
भिवानी के दादरी रोड डंपिंग यार्ड पर 24 एकड़ भूमि पर श्रीश्याम इंटरप्राइजिज कंपनी ने 22 साल की लीज पर नगर परिषद से करीब 24 एकड़ भूमि लेकर 60 करोड़ रुपये से कचरा निस्तारण प्लांट लगाने का काम शुरू किया है। ये प्लांट बारिश के मौसम से पहले जुलाई के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा। प्लांट के चारों तरफ चहारदीवारी बनाने के बाद नौ मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट भी विकसित की जा रही है। इसके अंदर पौधे भी लगाए गए हैं, ये पौधे कूड़े से निकलने वाली खाद पर ही पोषण पा रहे हैं। करीब साढ़े आठ एकड़ में उद्यान भी तैयार होगा, जिसकी बगिया में कूड़े की खाद पर ही फलों की महक उठेगी।
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डंपिंग यार्ड के आसपास 67 एकड़ में फैला कचरा भी अब होने लगा गायब
डंपिंग यार्ड के आसपास नगर परिषद की करीब 67 एकड़ भूमि है। इसमें से अधिकतर भूमि पर कई दशकों से खुले में कूड़े के ढेर लगे हैं। नगर परिषद ने करीब 82,000 टन पुराने कचरे के निस्तारण का जिम्मा भी कचरा निस्तारण कंपनी को सौंपा था, जिसके बाद छह से आठ माह में कंपनी करीब 48,000 टन पुराने कचरे का भी निस्तारण कर उसे खाद में तबदील कर चुकी है। धीरे-धीरे पुराने कचरे के ढेर भी अब समाप्त हो रहे हैं। इसके बाद इस बंजर भूमि पर यहां हरियाली का दायरा बनाया जाएगा।
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करीब 10 करोड़ के बजट से आठ एकड़ में बनेगा सीसी पैटर्न पर प्लेटफार्म
डंपिंग यार्ड पर करीब दस करोड़ की लागत से करीब आठ एकड़ भूमि दायरे में सीसी पैटर्न पर पक्का प्लेटफार्म बनाने का काम चल रहा है। इस प्लेटफार्म पर चारों शहरों से एकत्रित कर लाए गए ठोस कचरे को डाला जाएगा। ताजा कूड़े से तरस निकलता है भूमिगत जल का भी स्वाद बिगाड़ देता है। ऐसे में इस कचरे को केवल पक्के प्लेटफार्म पर ही डाला जाएगा ताकि सीधे उसका नियमानुसार निस्तारण हो सके। इस प्लेटफार्म के ऊपर नया शेड भी तैयार होगा।
कचरा निस्तारण प्लांट में रोजाना 10 से 12 टन खाद हो रही है तैयार
श्रीश्याम इंटरप्राइजिज कंपनी के प्रबंधक विनीत कुमार ने बताया कि कचरा निस्तारण इकाई में चार शहरों से लाए जाने वाले ताजा कचरे के अलावा पहले से मौजूद पुराने कचरे का भी निस्तारण हो रहा है। ऐसे में प्रसंस्करण इकाई के जरिए रोजाना ही करीब 10 से 12 टन खाद भी तैयार हो रही है। इस खाद के अंदर कार्बन, सल्फर और पोटाश भी प्रचुर मात्रा में है। इसका इस्तेमाल किसान खेती में कर सकते हैं और इसका प्लांटेशन में भी बेहतर प्रयोग होगा। फिलहाल प्लांट के दायरे में पर्यावरण संजोने के लिए इसका प्रयोग किया जा रहा है। क्योंकि यहां पहले बंजर भूमि भी अब इसी खाद से पौधों के बीज अंकुरित होने लगे हैं।
ये निकल रहा है चार शहरों से रोजाना कचरा
भिवानी से रोजाना करीब 135 टन कचरा निकल रहा है। चरखी दादरी शहर से 35 टन कचरा और बवानीखेड़ा से दस टन और लोहारू से 11 टन कचरा निकल रहा है। ये ठोस कचरा ढुलाई वाहनों से डंपिंग यार्ड तक निस्तारण के लिए लाया जाता है।
ठोस कचरा निस्तारण प्लांट की दो प्रसंस्करण इकाइयां काम कर रहीं हैं, जबकि जुलाई तक 200 टन क्षमता का पूरा प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। प्लांट में कचरा निस्तारण के साथ बड़ी मात्रा में खाद भी तैयार होगी, जिसके लिए अलग से केंद्र बनाकर इसे कृषि और पौधों के इस्तेमाल के लिए भी मुहैया कराया जाएगा। -वीरेंद्र सिंह, सीईओ, श्रीश्याम इंटरप्राइजेज कंपनी।