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Bhiwani News: ऑनलाइन सिस्टम में उलझे लोग, दस दिन में हुई केवल दो रजिस्ट्री
Tue, 11 Nov 2025 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 11 Nov 2025 01:49 AM IST
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तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री पंजीकरण कक्ष के बाहर छाई वीरानी
भिवानी। सरकार द्वारा एक नवंबर से शुरू की गई पेपर लेस रजिस्ट्री व्यवस्था सुधार के बजाय राजस्व नुकसान का कारण बन गई है। दस नवंबर तक जिले में केवल दो रजिस्ट्रियां ही हो पाई हैं जिससे सरकार को करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। ऑनलाइन प्रणाली में गड़बड़ी और प्रक्रिया की जटिलता के चलते आम लोग रजिस्ट्री नहीं करवा पा रहे हैं।
पहले जहां मैन्युअल तरीके से जिले की तहसीलों में प्रतिदिन लगभग 250 रजिस्ट्रियां होती थीं वहीं अब तहसीलों में सन्नाटा पसरा रहता है। इससे पहले मैन्युअल प्रणाली से सरकार को रोजाना औसतन 35 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता था। दरअसल प्रदेशभर की तहसीलों में एक नवंबर से पेपर लेस रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन नई प्रणाली की जानकारी के अभाव में आमजन रजिस्ट्री नहीं कर पा रहे हैं। मैन्युअल प्रणाली बंद होने के बाद लोग दस्तावेज लेकर हर रोज तहसीलों के चक्कर लगा रहे हैं।
दस दिनों से तहसील कार्यालयों के रजिस्ट्री कक्ष वीरान पड़े हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया की जटिलता के कारण लोगों को यह भी समझ नहीं आ रहा कि पेपर लेस रजिस्ट्री कैसे होगी और इसमें कितना समय लगेगा। बिना संपूर्ण दस्तावेज अपलोड किए आवेदन स्वीकार नहीं हो रहा। सोमवार को जिले में दूसरी पेपर लेस रजिस्ट्री पूरी की गई जिससे करीब 15 लाख रुपये का राजस्व मिला। इससे पहले शुक्रवार को पहली रजिस्ट्री हुई थी।
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मैन्युअल सिस्टम में रोजाना होती थीं 250 रजिस्ट्रियां
एक नवंबर से पहले जिले में प्रतिदिन लगभग 250 रजिस्ट्रियां मैन्युअल तरीके से होती थीं जिनसे औसतन 35 लाख रुपये का राजस्व मिलता था। अब पेपर लेस प्रणाली के चलते प्रक्रिया जटिल हो गई है जिससे लोग रजिस्ट्री करवाने में असमर्थ हैं। नतीजतन सरकार को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। तहसील कार्यालयों में पहले जहां चहल-पहल रहती थी वहीं अब सन्नाटा छाया है।
इस तरह करें पेपर लेस रजिस्ट्री के लिए आवेदन
पेपर लेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए व्यक्ति को सबसे पहले संबंधित पोर्टल पर जाना होगा। वहां लॉग इन कर आधार या ओटीपी के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। इसके बाद ऑनलाइन सेल डीड फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। तभी आवेदन स्वीकार होगा।
सोमवार को दूसरी पेपर लेस रजिस्ट्री हुई है। पेपर लेस रजिस्ट्री शुरू होने के बाद यह दूसरी रजिस्ट्री हुई है। रजिस्ट्री कम होने से सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। नागरिक तहसील कार्यालय से भी पेपर लैस रजिस्ट्री के लिए जानकारी ले सकते हैं। - जयबीर सिंह, तहसीलदार, भिवानी
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पहले जहां मैन्युअल तरीके से जिले की तहसीलों में प्रतिदिन लगभग 250 रजिस्ट्रियां होती थीं वहीं अब तहसीलों में सन्नाटा पसरा रहता है। इससे पहले मैन्युअल प्रणाली से सरकार को रोजाना औसतन 35 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता था। दरअसल प्रदेशभर की तहसीलों में एक नवंबर से पेपर लेस रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन नई प्रणाली की जानकारी के अभाव में आमजन रजिस्ट्री नहीं कर पा रहे हैं। मैन्युअल प्रणाली बंद होने के बाद लोग दस्तावेज लेकर हर रोज तहसीलों के चक्कर लगा रहे हैं।
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दस दिनों से तहसील कार्यालयों के रजिस्ट्री कक्ष वीरान पड़े हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया की जटिलता के कारण लोगों को यह भी समझ नहीं आ रहा कि पेपर लेस रजिस्ट्री कैसे होगी और इसमें कितना समय लगेगा। बिना संपूर्ण दस्तावेज अपलोड किए आवेदन स्वीकार नहीं हो रहा। सोमवार को जिले में दूसरी पेपर लेस रजिस्ट्री पूरी की गई जिससे करीब 15 लाख रुपये का राजस्व मिला। इससे पहले शुक्रवार को पहली रजिस्ट्री हुई थी।
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मैन्युअल सिस्टम में रोजाना होती थीं 250 रजिस्ट्रियां
एक नवंबर से पहले जिले में प्रतिदिन लगभग 250 रजिस्ट्रियां मैन्युअल तरीके से होती थीं जिनसे औसतन 35 लाख रुपये का राजस्व मिलता था। अब पेपर लेस प्रणाली के चलते प्रक्रिया जटिल हो गई है जिससे लोग रजिस्ट्री करवाने में असमर्थ हैं। नतीजतन सरकार को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। तहसील कार्यालयों में पहले जहां चहल-पहल रहती थी वहीं अब सन्नाटा छाया है।
इस तरह करें पेपर लेस रजिस्ट्री के लिए आवेदन
पेपर लेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए व्यक्ति को सबसे पहले संबंधित पोर्टल पर जाना होगा। वहां लॉग इन कर आधार या ओटीपी के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। इसके बाद ऑनलाइन सेल डीड फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। तभी आवेदन स्वीकार होगा।
सोमवार को दूसरी पेपर लेस रजिस्ट्री हुई है। पेपर लेस रजिस्ट्री शुरू होने के बाद यह दूसरी रजिस्ट्री हुई है। रजिस्ट्री कम होने से सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। नागरिक तहसील कार्यालय से भी पेपर लैस रजिस्ट्री के लिए जानकारी ले सकते हैं। - जयबीर सिंह, तहसीलदार, भिवानी