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हड़ताल पर रहे पटवारी और कानूनगो, दूसरे दिन भी तहसील में काम रहा बंद
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लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे पटवारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। बिना एनओसी के हुई रजिस्ट्रियों के मामले में सरकार द्वारा आरोपी बनाए जाने के विरोध में पटवारी और कानूनगो दो दिनों से धरने पर हैं। पटवारी और कानूनगो धरने पर होने के कारण शुक्रवार को भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
तहसीलों में जमीन से संबंधित कोई कार्य नहीं हुआ। इसकी वजह से लोग बिना काम करवाए ही घर लौट रहे हैं। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले पटवारियों का धरना दूसरे दिन भी लघु सचिवालय के समक्ष जारी रहा। धरनारत पटवारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गौरतलब होगा कि सरकार की ओर से 7 ए के तहत की गई रजिस्ट्रियों को लेकर पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। लघु सचिवालय के समक्ष जारी धरने के दूसरे दिन शुक्रवार को पटवारियों ने उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार का ज्ञापन भेजते हुए जारी किए गए नोटिसों को वापस लेने की मांग की। पटवारी एसोसिएशन के जिला सचिव समेर सिंह ने कहा कि रजिस्ट्री करने का काम तहसीलदार, नायब तहसीलदार व रजिस्ट्री क्लर्क का है, अगर सेक्शन 7 ए की उल्लंघना हुई है तो ये उनकी जिम्मेदारी है। इसमें पटवारी संलिप्त कैसे हो जाते हैं। इसमें पटवारियों को बेवजह बलि का बकरा बनाया जा रहा है। पटवारियों को नोटिस देने के अगले ही दिन उन्होंने मीटिंग कर रोष जाहिर किया था कि सरकार पटवारियों को दोषमुक्त करें, लेकिन इस बारे कोई गौर नहीं की गई मजबूरन उन्हें प्रदेश में विरोध प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा। जिला सचिव ने कहा कि पटवारी हर साल खरीफ व रबी की गिरदावरी करता है, जिसमें भूमि की वास्तविक स्थिति मौका अनुसार दर्शायी जाती है। अगर गिरदावरी रजिस्टर में भूमि की किस्म लिखने को तब्दीली कहा जा रहा है तो सरासर ये गलत है। फिर तो गिरदावरी के मायने ही नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि नोटिस जारी किए जाने से पटवारियों और कानूनगो में रोष है तथा जब तक जारी किए गए नोटिसों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुनील कुमार, वरिष्ठ उपप्रधान राजबीर, सुमित, उपप्रधान प्रदीप, उपप्रधान विकास राठी, कोषाध्यक्ष राजेश, संरक्षक रोहताश शर्मा, सलाहकार रमेश तंवर उपस्थित रहे।
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तहसीलों में जमीन से संबंधित कोई कार्य नहीं हुआ। इसकी वजह से लोग बिना काम करवाए ही घर लौट रहे हैं। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले पटवारियों का धरना दूसरे दिन भी लघु सचिवालय के समक्ष जारी रहा। धरनारत पटवारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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गौरतलब होगा कि सरकार की ओर से 7 ए के तहत की गई रजिस्ट्रियों को लेकर पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। लघु सचिवालय के समक्ष जारी धरने के दूसरे दिन शुक्रवार को पटवारियों ने उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार का ज्ञापन भेजते हुए जारी किए गए नोटिसों को वापस लेने की मांग की। पटवारी एसोसिएशन के जिला सचिव समेर सिंह ने कहा कि रजिस्ट्री करने का काम तहसीलदार, नायब तहसीलदार व रजिस्ट्री क्लर्क का है, अगर सेक्शन 7 ए की उल्लंघना हुई है तो ये उनकी जिम्मेदारी है। इसमें पटवारी संलिप्त कैसे हो जाते हैं। इसमें पटवारियों को बेवजह बलि का बकरा बनाया जा रहा है। पटवारियों को नोटिस देने के अगले ही दिन उन्होंने मीटिंग कर रोष जाहिर किया था कि सरकार पटवारियों को दोषमुक्त करें, लेकिन इस बारे कोई गौर नहीं की गई मजबूरन उन्हें प्रदेश में विरोध प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा। जिला सचिव ने कहा कि पटवारी हर साल खरीफ व रबी की गिरदावरी करता है, जिसमें भूमि की वास्तविक स्थिति मौका अनुसार दर्शायी जाती है। अगर गिरदावरी रजिस्टर में भूमि की किस्म लिखने को तब्दीली कहा जा रहा है तो सरासर ये गलत है। फिर तो गिरदावरी के मायने ही नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि नोटिस जारी किए जाने से पटवारियों और कानूनगो में रोष है तथा जब तक जारी किए गए नोटिसों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुनील कुमार, वरिष्ठ उपप्रधान राजबीर, सुमित, उपप्रधान प्रदीप, उपप्रधान विकास राठी, कोषाध्यक्ष राजेश, संरक्षक रोहताश शर्मा, सलाहकार रमेश तंवर उपस्थित रहे।
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