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जिले में 19 फीसदी शिक्षकों और स्टाफ ने ही लगवाया है टीका
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वॉररूम में टीका लगाते हुए स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। सरकार के ओर से जारी आदेश के अनुसार छठी से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खोले जा चुके हैं। शिक्षा विभाग की दलील है कि स्कूलों में कोरोना संक्रमण से बचाव के पुख्ता प्रबंध हैं, लेकिन जिले में 19 फीसदी शिक्षकों और गैर शैक्षणिक स्टाफ ने ही अब तक कोरोना रोधी टीका लगवाया है। इन आंकड़ों को 100 फीसदी करने के लिए शिक्षा विभाग अब स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विशेष कैंपों का आयोजन करने जा रहा है। अगले सप्ताह से ये शिविर शुरू भी कर दिए जाएंगे।
जिले में 743 स्कूल हैं, इन स्कूलों में 5543 स्टाफ है। इनमें से महज 626 ने पहली और 402 ने दूसरी डोज ली है, जोकि कुल आंकड़े का महज 19 फीसदी है। ऐसे में बाकी के स्टाफ को भी वैक्सीनेशन करवाने के लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विशेष योजना के तहत बाकी के स्टाफ को टीका लगवाने की तैयारी की है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सहयोग से जिले के हर खंड, क्लस्टर और ज्यादा स्टाफ वाले स्कूलों में टीकाकरण शिविर लगाए जाएंगे। ताकि सभी स्टाफ सदस्य समय पर टीका लगवा लें। इन शिविरों का आयोजन अगले सप्ताह से किया जाएगा।
सुरक्षा के लिए टीकाकरण जरूरी
सरकार और स्वास्थ्य विभाग बार-बार नागरिकों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोरोनारोधी टीका लगवाने के लिए जागरूक कर रहा है। ऐसे में शिक्षित होते हुए भी शिक्षा विभाग का स्टाफ वैक्सीनेशन अभियान में सबसे पीछे है। खुद के साथ-साथ शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की सेहत को भी खतरे में डाल रहा है। एक ओर सरकार पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूल खोलने की योजना बना रही है। वही दूसरी ओर शिक्षा विभाग की कोविड को लेकर लापरवाही बरत रहा है।
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टीकाकरण शिविर लगाए जाएंगे
जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शिक्षा विभाग के 19 फीसदी स्टाफ ने टीकाकरण करवाया है। बाकी स्टाफ को टीकाकरण करने के लिए अगले स्टाफ से खंड, क्लस्टर और अधिक संख्या वाले स्कूलों में टीकाकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
- अजीत श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी।
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जिले में 743 स्कूल हैं, इन स्कूलों में 5543 स्टाफ है। इनमें से महज 626 ने पहली और 402 ने दूसरी डोज ली है, जोकि कुल आंकड़े का महज 19 फीसदी है। ऐसे में बाकी के स्टाफ को भी वैक्सीनेशन करवाने के लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विशेष योजना के तहत बाकी के स्टाफ को टीका लगवाने की तैयारी की है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सहयोग से जिले के हर खंड, क्लस्टर और ज्यादा स्टाफ वाले स्कूलों में टीकाकरण शिविर लगाए जाएंगे। ताकि सभी स्टाफ सदस्य समय पर टीका लगवा लें। इन शिविरों का आयोजन अगले सप्ताह से किया जाएगा।
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सुरक्षा के लिए टीकाकरण जरूरी
सरकार और स्वास्थ्य विभाग बार-बार नागरिकों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोरोनारोधी टीका लगवाने के लिए जागरूक कर रहा है। ऐसे में शिक्षित होते हुए भी शिक्षा विभाग का स्टाफ वैक्सीनेशन अभियान में सबसे पीछे है। खुद के साथ-साथ शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की सेहत को भी खतरे में डाल रहा है। एक ओर सरकार पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूल खोलने की योजना बना रही है। वही दूसरी ओर शिक्षा विभाग की कोविड को लेकर लापरवाही बरत रहा है।
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टीकाकरण शिविर लगाए जाएंगे
जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शिक्षा विभाग के 19 फीसदी स्टाफ ने टीकाकरण करवाया है। बाकी स्टाफ को टीकाकरण करने के लिए अगले स्टाफ से खंड, क्लस्टर और अधिक संख्या वाले स्कूलों में टीकाकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
- अजीत श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी।